September 7, 2024

lord shiv

शिव स्तुति

अज विभु व्यापक अनादि अनंता, त्रिभुवन विदित शंभु मुनि संता रमेश कुमार मिश्र अज विभु व्यापक अनादि अनंता, त्रिभुवन विदित शंभु मुनि संता पर्वत नदियाँ तेरी माया, कोटि सूर्य सम…

where are you flowing

कहाँ तुम बह रही हो

शांतवन है क्लांतमन दिग्भ्रान्त तन है तुम नहीं हो ! अरुणेश मिश्र शांतवन है क्लांतमन दिग्भ्रान्त तन है तुम नहीं हो ! साथ किसके रह रही हो ? तुम हमारे…

Lord Shree Ram Jai Shree Ram

आरती 

प्रस्तुत आरती प्रभु के प्रति श्रद्धा व्यक्त करती है ठाकुर प्रसाद मिश्र आरती किस मुख से प्रभु गाऊं ? गर्भ त्रास भयभीत मुरारी हर पल तुम्हें मनाऊं || भजन हेतु…