सपनों की नींव
एक देश के वासी हैं हम, सबका एक ही सपना हो, हर प्रतिभा को मिले जगह, ना कोई सपना अपना टूटे। कागज़ पर जब लिखे अंक, मेहनत का मान नहीं…
एक देश के वासी हैं हम, सबका एक ही सपना हो, हर प्रतिभा को मिले जगह, ना कोई सपना अपना टूटे। कागज़ पर जब लिखे अंक, मेहनत का मान नहीं…
दीक्षा शर्मा भारत जब अपनी स्वतंत्रता के 100 वें वर्ष की ओर कदम बढ़ा रहा है, तब यह विचार करना आवश्यक हो गया है कि क्या हमारे समाज से और…
दीक्षा शर्मा बचपन की अलमारी में रखा वो ख़ास खिलौना हो तुम, मेरी हर अनकही बात का खूबसूरत बिछौना हो तुम। स्कूल की बेंच से शुरू हुआ था ये प्यारा…
अरुणाकर पाण्डेय एक अजीब बात हुई ! एक मित्र से एक अन्य मित्र के बारे में पूछा तो उन्होंने उनके बारे में बताने से साफ़ मना कर दिया | ये…
अरुणाकर पाण्डेय किसी ने पूछा बल्कि कहा कि क्यों पढ़ा जाए साहित्य या हिंदी साहित्य ? जो जवाब गिनाए गए वे और भी दिलचस्प थे क्योंकि जो साहित्यशास्त्र लिखा जाता…
अरुणाकर पाण्डेय लगभग सौ साल पहले की एक दिलचस्प कहानी है सोसायटी ऑफ़ डेविल्स जिसे लिखा था पाण्डेय बेचन शर्मा उग्र ने। इस कहानी में अपने समय के बनारस कई…
दारू की खुमारी में भुलाइ गयो खान- पान । मान सम्मान की तो बात मत कीजिए । साधे हैं कमान ‘काम’ हाथ लिए पुष्प बान, शिव झूमैं भंग खाए जरा…
अरुणाकर पांडेय बात उन दिनों की है जब अमिताभ बच्चन आनंद फिल्म के लिए अपने अभिनय की तैयारी कर रहे थे । उन्होंने खुद बताया है कि उस समय देश…
सोना चढ़ा कसौटी पर अब अपनी चमक दिखाएगा। शस्त्र, शास्त्र जिन हाथों में, क्यों भाग्य हीन कहलाएगा? अब तक थे उदार निद्रा में, त्याग मूर्ति मन भावन थे। अपनी धरती…
वर्ण कुवर्ण सवर्ण में बांटि कै तोड़ रहे घर की प्रभुताई. औ कैद में सिंह भुखान पड़ा सियरा सब चाटत दूध मलाई. बुद्धि विवेक से योग नहीं दुर्बुद्धि की संंतत…