मशीनी शब्दों की बाजीगरी या संवेदनाओं का अंत…? 

दिल्ली में सजी AI की महफ़िल लेकिन क्या मनुष्य मस्तिष्क की घनीभूत पीड़ा को व्यक्त कर पाएंगा मशीन का दिमाग. टीम कहानीतक–जब सोचने लगेंगी मशीनें तो क्या इंसानों के मनोभावों…

टी 20 विश्वकप महामुकाबला: ‘सुपर संडे’ महाशिवरात्रि पर भारत की दहाड़, पाकिस्तान पस्त!  

शीर्षक: ईशान और बुमराह की आंधी में उड़ी पाकिस्तान की उम्मीदें, 61 रनों से मिली करारी हार टीम कहानीतक–मेलबर्न का मैदान हो या न्यूयॉर्क का स्टेडियम, और चाहे हो कोलंबो…

फिल्म बनाने की कीमत

अरुणाकर पाण्डेय – साधारण परिवार से आए हुए कलाकार जब सफल हो जाते हैं तब वे अक्सर एक सपना देखते है कि वे अपनी खुद की फिल्म बनाएंगे। हिंदी सिनेमा…

लोकतंत्र की मर्यादा: ग्राहक बनकर सौदा न करें, मतदाता बनकर राष्ट्र का भविष्य चुनें

​ -​चुनाव लोकतंत्र का महापर्व है, लेकिन आजकल इस पर्व में लोकलुभावन वादों की गूंज इतनी तेज हो गई है कि असली मुद्दे कहीं खो से गए हैं। राजनीतिक दल…

Digital India: अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं! ये 5 वेबसाइट्स आपके मोबाइल को बना देंगी ‘पावर हाउस’, हर भारतीय के लिए जानना है जरूरी

​(संवाददाता/ब्यूरो, कहानीतक.काम)​नई दिल्ली/गाजियाबाद: क्या आप आज भी छोटे-मोटे सरकारी काम के लिए लंबी कतारों में लगते हैं ? यदि आधार कार्ड में पता बदलवाने या पैन कार्ड के लिए आज…

प्रधानमंत्री जी के परीक्षा पर चर्चा 2026 का मनोवैज्ञानिक सारांश

डॉ मनोज कुमार तिवारी लक्ष्य सर्वांगीण विकास होना चाहिए, परीक्षा पास करना नहीं– परीक्षा पर चर्चा 2026 (नवें संस्करण) पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने एक कुशल मनोवैज्ञानिक की…

खोए हुए कोई 

डा. अरुणाकर पाण्डेय किसी विचारधारा के सांचे में ना ढाल सके जाने वाले सांस्कृतिकर्मी,भाषा सेवी और प्रचारक अक्सर उस नोटिस की तरह भटकते रहते हैं जिन्हें कोई लेना नहीं चाहता…