एक देश के वासी हैं हम,
सबका एक ही सपना हो,
हर प्रतिभा को मिले जगह,
ना कोई सपना अपना टूटे।
कागज़ पर जब लिखे अंक,
मेहनत का मान नहीं मिलता,
सपनों के ऊंचे महल बने,
पर हर दिल में मलाल दिखता।
योग्यता को मिले स्थान,
यही है एक सही राह,
जिसमें सब आगे बढ़ पाएं,
ना छूटे किसी की कोई चाह।
जाति नहीं, बस काबिलियत से,
हर एक युवा को पहचान मिले,
जब सब पा सकेंगे अपना हक,
तब देश हमारा और खिले।
जो पीछे हैं, उनको थामो,
शिक्षा-साधन का दो संबल,
पर प्रतिभा का ना हो मोल कभी,
ऐसा बनाओ कल का पल।
सबको मिले बराबरी का हक,
सब मिलकर आगे आएं,
सच्चे समता के रंग में,
भारत को समृद्ध बनाएं।
रचनाकार – श्रीमती मोनिका सिरोही
लेखिका प्रसिद्ध कवयित्री हैं ।
