ठिकाने
अरुणाकर पाण्डेय वे ठिकाने जहां पिछली सदी में आलोचक फैले हुए मिलते थे और सत्ता के लिए प्रति संस्कृति थे अब केवल एक बुलंद इमारत भर ही रह गए कविता…
अरुणाकर पाण्डेय वे ठिकाने जहां पिछली सदी में आलोचक फैले हुए मिलते थे और सत्ता के लिए प्रति संस्कृति थे अब केवल एक बुलंद इमारत भर ही रह गए कविता…
अरुणाकर पाण्डेय अक्टूबर 2016 की बात है ।तब भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के बारे में शिक्षण-भाषा के संदर्भ में एक समाचार पढ़ने को मिला था कि अंग्रेज़ी न जानने के कारण…
डॉ सत्येन्द्र सत्यार्थी है निशा जिंदगी, जागरण हैं पिता, हर तरक्की के अंतःकरण हैं पिता। जिंदगी मुश्किलों ठोकरों से भरी, उनसे बचने का दृढ़ आवरण हैं पिता। कष्ट-ग़म के हलाहल…
एक माह पुरुष एक माह नारी महाराजा इल ठाकुर प्रसाद मिश्र अति प्राचीन काल की बात है प्रजापति कर्दम के पुत्र महाराज इल बाहलीक देश के नरेश थे । ये…
ठाकुर प्रसाद मिश्र प्राचीन काल में एक त्वष्टा नाम के प्रजापति हुए। प्रजापति त्वष्टा का एक विश्वरूप नाम का पुत्र था। जो महान तपस्वी था । जिसका यश संपूर्ण संसार…
संजीव गोयल ख्वाहिशों का हमारी साँसों से है एक अटूट संबंध ख्वाहिशों के बिना हमारे जीवन में है सिर्फ क्रंदन, किसी को ख्वाहिश है नभ के शिखर को छूने की…
रमेश कुमार मिश्र आचार्य चाण्क्य भारतीय मनीषा के निपुण विद्वान रहे हैं । जिनकी नीतियों का लोहा पूरी दुनिया मानती है आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों के माध्यम से एक…
रमेश कुमार मिश्र माँ आज बाजार नहीं चलोगी क्या? माँ ने कहा नहीं, मेरे बच्चे। माँ देखो तुम ने पिछले बुधवार को कहा था कि रविवार को तुम मुझे नए…
डा. संदीप कुमार नर की आशा, प्रेम और विश्वास नारी है दुर्गा रूप में प्यारी, काली बन संघारी है.. सरस्वती बनकर देती बुद्धि और ज्ञान तो लक्ष्मी बन घर की…
रमेश कुमार मिश्र उस अजनबी में ऐसा क्या है? जो मेरा चित्त उससे हटता ही नहीं है। बराबर उसी के बारे में सोचती रहती हूँ। मैं बार-बार जितना उससे अपना…