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it is not easy

आसान थोड़े ही है

विशाखा गोयल नज़रें चुराते हुए उन्हें तकना, खुद का टुकड़ों में होकर भी दिल औरों का रखना, आसान थोड़े ही है। स्याही से लिखा हुआ मिटाना, किसी फरेब को सफाई…

भीख मांगते हुए हाथ

भीख मांगते हुए हाथ

अरुणाकर पाण्डेय मुझे याद है मैं पिछली बार भागा था भीख मांगते उसके हाथों से जब मैं शॉपिंग करना चाह रहा था जितनी स्थिरता उसकी आखों में थी हाथ में…

प्रेम की टीस ( हिंदी कहानी )

प्रेम की टीस ( हिंदी कहानी )

रमेश कुमार मिश्र सूरज अस्ताचल की ओर जाते हुए अपना प्रकाश धीरे -धीरे कम करता हुआ, ताप रहित पीली रश्मियों से पर्वतों के हरित प्रदेश पर अपनी छटा विखेर रहा…

भैया सर
वाघा बॉर्डर से पहली बार

वाघा बॉर्डर से पहली बार

(विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर विशेष) अरुणाकर पाण्डेय चिलचिलाती धूप में वाघा जाने का मतलब होता है पहली या आखिरी बार एक शब्द को जीना जिसे हम पाकिस्तान कहते…

श्री हनुमान कथा

श्री हनुमान कथा

भगवान अगस्त्य से भगवान राम के यह पूछे जाने पर कि सम्स्त युद्ध में अहम् भूमिका हनुमान की रही तो वह सुग्रीव के मित्र व मंत्री होने के बावजूद बालि…

जब कविता ने कवि को बादशाह की कैद से छुड़ाया

जब कविता ने कवि को बादशाह की कैद से छुड़ाया 

अरुणाकर पाण्डेय बात सत्रहवीं शती की है । पुहकर नाम के एक कवि थे जो मूलतः मैनपुरी के परतापुर के रहने वाले थे और जीवन के बाद के दिनों में…

Loyalty
पुस्तकों के लिए

पुस्तकों के लिए

अरुणाकर पाण्डेय लगभग एक दशक पहले अमरीका की अलाबामा स्थित एथेंस लाइमस्टोन पब्लिक लाइब्रेरी की एक अनूठी और विचारणीय खबर सामने आई थी | इस पुस्तकालय में लगभग दो लाख…

दिगंबर का भूत

दिगंबर का भूत

रमेश कुमार मिश्र रचनापुर गांव के स्कूल में दिगंबर और ज्योति सहपाठी थे।पांचवी कक्षा तक दोनों एक ही कक्षा और एक ही खंड में साथ- साथ बैठते थे। दोनों में…