एक सच
रमेश कुमार मिश्र उस अजनबी में ऐसा क्या है? जो मेरा चित्त उससे हटता ही नहीं है। बराबर उसी के बारे में सोचती रहती हूँ। मैं बार-बार जितना उससे अपना…
रमेश कुमार मिश्र उस अजनबी में ऐसा क्या है? जो मेरा चित्त उससे हटता ही नहीं है। बराबर उसी के बारे में सोचती रहती हूँ। मैं बार-बार जितना उससे अपना…
ठाकुर प्रसाद मिश्र रहे सदा शुभ तुम्हें तुम्हारी राजनीति य़ह हमें हमारी रंक नीति ही भाने दो। जहाँ रिक्त हो जाए तुम्हारा अक्षय तरकश, वह अनचाही स्थिति अब मत आने…
विशाखा गोयल मैंने ऊंची चढ़ाई देखी देखी फिसलती ढलाने भी, ठिठकना, थमना, गिरना देखा गिरकर देखीं उड़ानें भी, सफर देखा, देखे मुसाफिर और उनके ठिकाने भी, पीडा, रुदन, अफसोस देखा…
ठाकुर प्रसाद मिश्र देवासुर संग्राम की अनेक कथाएं पुराणो में भरी पड़ी हैं। जिसमें तप बल से प्रबल हुए आसुरी प्रवृत्ति के योद्धा। मानव सृष्टि से लेकर देवलोक को सताने…
अरुणाकर पाण्डेय आप सपरिवार रावण-दहन देखने नहीं जा रहे ?” “जी अभी घर पहुँच कर वहाँ से सीधे जाऊंगा” “अच्छी बात है, क्या आप वहाँ पर खोई एक चीज का…
रमेश कुमार मिश्र एक दिन शाम का वक्त थ मैं अपने घर से बाजार की तरफ जा रहा था । रास्ते में एकाएक हमारे एक पुराने मित्र आते हुए दिख…
अरुणाकर पाण्डेय हाल ही में टाटा उद्योग के सर्वेसर्वा रतन टाटा का निधन हुआ । वे अक्सर अपने सरल, सशक्त और और प्रभावी व्यक्तित्व के लिए समाचारों में बने रहते…
रमेश कुमार मिश्र टाटा ग्रुप के सफल मार्गदर्शक मशहूर उद्योगपति जिंदादिल इंसान रतन टाटा ने 9 अक्टूबर को मुंबई के कैंडी अस्पताल मे आखिरी सांस ली । रतन टाटा के…
ठाकुर प्रसाद मिश्र प्राचीन काल की बात है सतयुग का प्रथम चरण था, सम्पूर्ण सृष्टि सत्य स्वरूप थी। उस समय कोई भी बलवान व्यक्ति राज्य एवं प्रजा का पालन करता…
“फिर हिंदी की किताबें कौन पढ़ेगा ?” डॉक्टर रामविलास शर्मा हिंदी के वरिष्ठ आलोचक डॉक्टर रामविलास शर्मा जी ने यह प्रश्न सन् 93 में एक साक्षात्कार में उठाया था ।…