अभिसार
दिनकर की अति दिव्य प्रभा पर कालिख कैसी ठाकुर प्रसाद मिश्र दिनकर की अति दिव्य प्रभा पर कालिख कैसी?कनक थाल में लगी हुई हो काई जैसी || ग्रहण लगा सा…
दिनकर की अति दिव्य प्रभा पर कालिख कैसी ठाकुर प्रसाद मिश्र दिनकर की अति दिव्य प्रभा पर कालिख कैसी?कनक थाल में लगी हुई हो काई जैसी || ग्रहण लगा सा…
कबीरदास और प्रेम का रहस्य अरुणाकर पाण्डेय क्या सचमुच हम प्रेम को जानते हैं ! क्या वह कोई ऐसा भाव है जो सुनने में तो बहुत अधिक है और जिसकी…
अरुणेश मिश्र पहले हम जनसेवी हुए संकल्पवान हुए फिर जननायक हुए स्वागत सम्मान हुआ वह सोना हो गया जिसे जिसे छुआ हमारे आसपास बहुत सी गायिका हुईं गायक हुए हमको…
अरुणाकर पाण्डेय आज भारत और दुनिया में मानसिक रोग और उनके उपचार के लिए मनोवैज्ञानिक और मनोचिकित्सकों की मांग बढ़ रही है । लेकिन यदि हम अपने एक प्रसिद्ध मध्यकालीन…
समय के षडयंत्रो के साथ खड़े होकर अरुणेश मिश्र समय के षडयंत्रो के साथ खड़े होकर अपनी औकात से ज्यादा बड़े होकर हम भी लेंगे सेल्फी जबरन खिचवाएँगे उनके साथ…
अरुणाकर पांडेय एक ऐसा बादल था जिसे अपने जीवन से घृणा थी ।इसका कारण उसका यह मानना था कि उसका जन्म संसार की जलने वाली वस्तुओं के ताप के कारण…
मिट्टी की मां ठाकुर प्रसाद मिश्र पंडित दीनानाथ एक मझोले किसान थे. उनके पास चार एकड़ जमीन थी. तीन बेटों में शंभू उनके साथ खेती किसानी में हाथ बंटाता था.…
ठाकुर प्रसाद मिश्र मलिन वस्त्र में विलख अरे यह कौन चली है ? किस पर विस्वास निशा में गयी छली है ? सदय हुआ एक हृदय निकट जा उससे पूछा…
ठाकुर प्रसाद मिश्र धनुहियां प्रभु की प्रीति बनी | मणि माणिक उर माल कौस्तुभ शोभा अधिक धनी | मंजु मुकुट मकराकृत कुंडल भृकुटि मनोज अनी | मनहर तिलक कंज वर…
अरुणाकर पाण्डेय किसी साहित्यिक विभूति को याद रखने का संभवतः सबसे अच्छा माध्यम उसका साहित्य ही हो सकता है क्योंकि वही उसकी सबसे बड़ी पहचान बनता है | यदि इतना…