हिंदी जगत

जीवन के हकीकत

जीवन के हकीकत को बयां करती हुई मेरी रचना अनुज परीक्षित पाण्डेय नखरे हैं किस बात के पगले,किसका तुझे गुमान रे तेरी भी डोली जाएगी,आखिर में शमसान रे।। माया का…

हिंदी नयी चाल में ढली

भारतेंदु विशेष रमेश कुमार मिश्र उत्तर प्रदेश के काशी में 9 सितंबर 1850 को जन्मे भारतेंदु हरिश्चन्द्र का साहित्यक योगदान सदैव स्तुत्य है. कम समय के जीवन में बड़े कार्यों…

शेक्सपियर इन बनारस  

शेक्सपियर इन बनारस (व्यंग्य) अरुणाकर पाण्डेय दुनिया में जादू नाम की एक चीज होती है | इसी के कारण इतिहास ससपेंड हो गया और वह भी ऐन होली के दिन…

संसदीय राजभाषा समिति के पुनः अध्यक्ष चुने गए केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह

किसी भी भारतीय भाषा से स्पर्धा के बिना हिंदी की स्वीकार्यता को बढ़ाना टीम कहानीतक–नई सरकार के गठन के बाद संसदीय राजभाषा समिति की पुनर्गठन बैठक में केंद्रीय गृह और…

भारतेंदु दिवस का एक अर्थ स्त्री आधुनिकीकरण भी है

भारतेंदु दिवस के अवसर पर विशेष अरुणाकर पाण्डेय पिछले कई दिनों से स्त्री अपराध से संबंधित मुद्दे भारत के मानस और राजनीति का केंद्र बने हुए हैं | स्त्री लगातार…

संकेत का सौंदर्य

एहसान का भार दुनिया के सभी भारों से भारी होता है रमेश कुमार मिश्र शंकर बाबू चारपाई पर पड़े- पड़े रो रह थे। गर्म आंसू से गद्दे का कुछ हिस्सा…

मदिरा

मदिरे सतस: धिक्कार तुझे, मदिरे है ! नमन हजार तुझे ठाकुर प्रसाद मिश्र मदिरे सतस: धिक्कार तुझे, मदिरे है ! नमन हजार तुझे चौदह रत्नों में कहलाई सुर नर मुनि…

जलियाँवाला बाग

जलियाँवाला बाग की एक सैर अरुणाकर पाण्डेय देश की अघिकतर जनता सँकरी गलियों से गुजरती है वे उन्हें उनके घरों तक ले जाती हैं लेकिन फिरभी वह उस गली से…

शिव स्तुति

अज विभु व्यापक अनादि अनंता, त्रिभुवन विदित शंभु मुनि संता रमेश कुमार मिश्र अज विभु व्यापक अनादि अनंता, त्रिभुवन विदित शंभु मुनि संता पर्वत नदियाँ तेरी माया, कोटि सूर्य सम…