वर्तमान समय और हिंदी का प्रचार
अरुणाकर पाण्डेय नई आवश्यकताओं और नए माध्यमों ने हमेशा भाषा को नए रूप देने में अग्रणी भूमिका निभाई है|जब बहुत सरल स्तर पर भाषा केवल संपर्क का काम करती थी…
अरुणाकर पाण्डेय नई आवश्यकताओं और नए माध्यमों ने हमेशा भाषा को नए रूप देने में अग्रणी भूमिका निभाई है|जब बहुत सरल स्तर पर भाषा केवल संपर्क का काम करती थी…
अरुणाकर पाण्डेय शिखर पर पहुंचना एक बड़ी बात है लेकिन जब इंसान वहाँ स्थापित हो जाता है तो उसके सोचने का तरीका बदल जाता है |उसे जैसे अब और सफलता…
मौत की एक साधारण खबर अरुणाकर पाण्डेय एक दर्दनाक खबर सीतापुर से आई है, जहां रील बनाते हुए एक परिवार के तीन लोगों की ट्रेन से कटकर मौत हो गई…
मुक्तिबोध जी की कविता ‘बेचैन चील’ अरुणाकर पाण्डेय मुक्तिबोध हिंदी के एक ऐसे विरले साहित्यकार हैं जिन्होनें हिंदी साहित्य के चलन को ही बदल कररख दिया | उदाहरण के लिए…
भारतेंदु विशेष रमेश कुमार मिश्र उत्तर प्रदेश के काशी में 9 सितंबर 1850 को जन्मे भारतेंदु हरिश्चन्द्र का साहित्यक योगदान सदैव स्तुत्य है. कम समय के जीवन में बड़े कार्यों…
शेक्सपियर इन बनारस (व्यंग्य) अरुणाकर पाण्डेय दुनिया में जादू नाम की एक चीज होती है | इसी के कारण इतिहास ससपेंड हो गया और वह भी ऐन होली के दिन…
विश्व आत्महत्या निवारण दिवस (10 सितम्वर) पर विशेष डॉ मनोज कुमार तिवारी वरिष्ठ परामर्शदाता ए आर टी सेंटर, एसएस हॉस्पिटल, आई एम एस, बी एच यू, वाराणसी इस वर्ष 22…
भारतेंदु दिवस के अवसर पर विशेष अरुणाकर पाण्डेय पिछले कई दिनों से स्त्री अपराध से संबंधित मुद्दे भारत के मानस और राजनीति का केंद्र बने हुए हैं | स्त्री लगातार…
ठाकुर प्रसाद मिश्र नाम छोटा वृतांत बड़ा यहाँ यह उक्ति चरितार्थ होती है। जब हमारी वाणी से शिक्षक शब्दनिकलता है।शिक्षक यानी गुरु! प्रथम शिक्षा “गुरू” माता दूसरा पिता। उसके बाद…
जब उन्नीसवीं सदी में अंग्रेजों के डर से कलम ने घुटने टेके अरुणाकर पाण्डेय अत्याचार से आंखें मोड़ने की पत्रकारिता जगत में अनगिनत चर्चाएं होती हैं और अनेक बार मीडिया…