कामना
ठाकुर प्रसाद मिश्र भावना की पुष्करणि में मन जलधि का नीर भरकर. कल्पना की डुबकियों से ढूंढ़ते मुक्ता मनोहर. काम की आसक्ति ही यदि पूर्णता का द्वार होती. कर्मफल होता…
ठाकुर प्रसाद मिश्र भावना की पुष्करणि में मन जलधि का नीर भरकर. कल्पना की डुबकियों से ढूंढ़ते मुक्ता मनोहर. काम की आसक्ति ही यदि पूर्णता का द्वार होती. कर्मफल होता…
डा. संदीप (Dr.Sandeep) तेरे चेहरे पर हँसी देख कर मैं भी मुस्कुराता हूँ ज़िंदगी की सारी परेशानियाँ यूँ ही भूल जाता हूँ.. — वैसे तो रोज़ाना रूबरू होते हैं चहेरे…
ठाकुर प्रसाद मिश्र वेदने सदा धिक्कार तुझे । सिकुड़ी सिमटी रहती उर में जब तक संयोग रहे कर में। हिय व्योम क्षितिज के अंचल में चहकते शकुन गण के पर…
उनकी स्मृति – ‘हंस’ आज भी जीवित है, परन्तु ‘हंस’ का वह मोती कहाॅ ?” ये उद्गार कथा सम्राट प्रेमचंद जी की पत्नी श्रीमती शिवरानी देवी द्वारा उनके देहावसान के…
अरुणाकर पाण्डेय बड़ा पुराना मुद्दा है कि क्या किसी के काम को यदि बहुत पसंद किया जाए और साथ ही वह एक अपराधी भी हो तो उसे पुरस्कृत करना चाहिए…
डा.संदीप (Dr.Sandeep) मिलना बिछड़ना फ़िर किसी से मिलना सिर्फ़ बहाना है ज़िंदगी की यही रीत क़िस्मत का लिखा क़िस्सा पुराना है…. मानता हूँ आसान नहीं किसी की यादों को यूँ…
परम भक्त विदुर ठाकुर प्रसाद मिश्र महाज्ञानी विदुर महाभारत ग्रंथ के एक महाज्ञानी, नीतिवान एवं न्यायप्रिय पात्र हैं। इनका जन्म भगवान व्यास द्वारा अंबे एवं अम्बालिका की दासी के गर्भ…
अरुणाकर पाण्डेय कई बार जीवन में ईर्ष्या वश बहुत कठिन अनुभव होते हैं। जब कभी ऐसा होता है कि एक योग्य व्यक्ति अपने स्वयं के बल पर कुछ महत्वपूर्ण पद,प्रतिष्ठा…
रमेश कुमार मिश्र आओ चलो अब बीमा करा लें, जिंदगी में खुशियाँ मना लें । बचत की भी कुछ बात कर लें, संग सुरक्षा साथ धर लें।। क्यों… ? सोचता…
ठाकुर प्रसाद मिश्र आज जीवन गीत गाकर, मृतक को जिंदा बना दो. जो चिता की तरफ उन्मुख, उनकी फिर बस्ती बसा दो. निविड़ जड़ तम ग्रस्त रहा जग, उससे दो…