हिंदी जगत

वाघा बॉर्डर से पहली बार

वाघा बॉर्डर से पहली बार

(विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर विशेष) अरुणाकर पाण्डेय चिलचिलाती धूप में वाघा जाने का मतलब होता है पहली या आखिरी बार एक शब्द को जीना जिसे हम पाकिस्तान कहते…

श्री हनुमान कथा

श्री हनुमान कथा

भगवान अगस्त्य से भगवान राम के यह पूछे जाने पर कि सम्स्त युद्ध में अहम् भूमिका हनुमान की रही तो वह सुग्रीव के मित्र व मंत्री होने के बावजूद बालि…

जब कविता ने कवि को बादशाह की कैद से छुड़ाया

जब कविता ने कवि को बादशाह की कैद से छुड़ाया 

अरुणाकर पाण्डेय बात सत्रहवीं शती की है । पुहकर नाम के एक कवि थे जो मूलतः मैनपुरी के परतापुर के रहने वाले थे और जीवन के बाद के दिनों में…

Loyalty
पुस्तकों के लिए

पुस्तकों के लिए

अरुणाकर पाण्डेय लगभग एक दशक पहले अमरीका की अलाबामा स्थित एथेंस लाइमस्टोन पब्लिक लाइब्रेरी की एक अनूठी और विचारणीय खबर सामने आई थी | इस पुस्तकालय में लगभग दो लाख…

दिगंबर का भूत

दिगंबर का भूत

रमेश कुमार मिश्र रचनापुर गांव के स्कूल में दिगंबर और ज्योति सहपाठी थे।पांचवी कक्षा तक दोनों एक ही कक्षा और एक ही खंड में साथ- साथ बैठते थे। दोनों में…

Murti Musukani

मूरति मुसुकानी

ठाकुर प्रसाद मिश्र आज जनकपुर की शोभा स्वर्ग छटा को लज्जित कर रही है। नगर की सज्जा देख विधाता भी भ्रम में हैं। सोच रहे हैं कि ऐसी सुंदर रचना…

एक दन्त

एक दन्त

अभ्यर्थना में महात्मा तुलसीदास जी लिखते हैं:- ठाकुर प्रसाद मिश्र जेहि सुमिरत सिधि, गणनायक करिवर वदन। करहु अनुग्रह सोई, बुद्धि राशि शुभ गुण सदन ॥ मूक होई वाचाल, पंगु लहइ…

सांझ का दीपक (कहानी)
बेवफा दोस्त

” बेवफा दोस्त”

रमेश कुमार मिश्र रात्रि का समय खुला आसमान नीम का पेड़ उसके नीचे बैठकर मैं बिजली की रोशनी में कुछ पढ़ रहा था, कि एकाएक मेरी निगाह उत्तर दिशा में…