हिंदी जगत

अपने स्वभाव से समझौता हानिकारक होता है

अरुणाकर पाण्डेय लोभवश या किसी भय या दबाव के कारण ऐसा होता है कि अपने स्वर को व्यक्ति दबा देता है। जो बात अपना मन कह रहा है,उसमें सुख या…

गांव का पीपल 

पीपल हमारे लिए प्रकृति का वरदान है.आध्यात्मिक दृष्टि से पीपल हमारे तम को हरता है तो पर्यावरण की दृष्टि से पीपल हमें बहुत से रोगों से मुक्ति दिलाता है और…

वृद्धाश्रम

कहानी : वृद्धाश्रम रमेश कुमार मिश्र वसंत कुंज दिल्ली के इलाके में शर्मा जी व उनकी पत्नी अपनी ढाई मंजिला कोठी में रहते थे. ओर बेटा शेखर अपनी पत्नी प्रिया…

Brahmin

मैं रामचरितमानस हूं !

रामचरितमानस वैशिष्ट्य ठाकुर प्रसाद मिश्र मैं रघुवर का चरणामृत हूं, अवधी हिंदी श्रृंगार हूं मैं | मैं नहीं पथिक का बट गायन, वाणी वीणा झंकार हूं मैं || जो अपसंस्कृति…

Pathik
अति सीधे हैं तो कट जाएंगे

निर्धन पुरुष का त्याग वेश्या भी कर देती है –आचार्य चाणक्य 

निर्धन पुरुष का त्याग वेश्या भी कर देती है रमेश कुमार मिश्र निर्धनं पुरुषं वेश्या प्रजा भग्नं नृपं त्यजेत्. खगाय: वीतफलं वृक्षं भुक्त्वा चाभ्यागतो गृहम् भारतीय मनीषा के परम पंडित…

अभिसार
Kabirdas and the mystery of love

कबीरदास और प्रेम का रहस्य

कबीरदास और प्रेम का रहस्य अरुणाकर पाण्डेय क्या सचमुच हम प्रेम को जानते हैं ! क्या वह कोई ऐसा भाव है जो सुनने में तो बहुत अधिक है और जिसकी…