विविध

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  • 11/02/2022
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लता मंगेशकर के गाने को सुनकर ऐसा नहीं कह सकते कि ‘अरे यार, क्या कमाल का गाती हैं.’ उनके संगीत के लिए इज्जत की भावना अपने-आप...

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  • 11/02/2022
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संघ के सबसे सम्मानित कार्यकर्ताओं में शामिल रहे नानाजी देशमुख पर प्रभाष जोशी के आलेख ‘चित्रकूट के घाट पर’ का एक अंश नानाजी देशमुख यानी विचारबद्ध...

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  • 11/02/2022
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अपने इस लेख में प्रसिद्ध व्यंग्यकार शरद जोशी ने मिर्ज़ा ग़ालिब को उन महान व्यक्तित्वों की पांत में रखा है जिनका काम कभी पुराना नहीं होता...

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  • 11/02/2022
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सोवियत संघ के मुखिया रहे स्टालिन के मन में न्याय, दया या संवेदना के लिए तिल भर भी जगह नहीं थी. सभी – उसके अपने बीवी-बच्चे...

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  • 11/02/2022
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ज़िंदगी पुस्तकालयों में बिता देने वाले कार्ल मार्क्स ने दुनिया भर में शायद सबसे ज्यादा लोगों को घरों से निकलकर अपनी दुनिया बदलने की प्रेरणा दी...

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  • 11/02/2022
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घनश्याम दास बिड़ला हिंदुस्तान की औद्योगिक क्रांति के जनक थे, लेकिन वे खुद को व्यापारी नहीं मानते थे एक ज़माना था जब किसी की रईसियत पर...