रिपोर्ट: कहानीतक.कॉम (KahaniTak.com) स्पेशल डेस्क – उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां नेवादा विद्युत उपकेंद्र (सबस्टेशन) की घोर लापरवाही और अव्यवस्था ने हजारों लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। ‘कहानीतक’ को मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे क्षेत्र में इन दिनों बंपर और अघोषित बिजली कटौती की जा रही है, जिसके चलते हाहाकार मचा हुआ है।
अधिकारियों की लापरवाही ही जनता की परेशानी-
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नेवादा सबस्टेशन पूरी तरह से रामभरोसे चल रहा है। यहां तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों का जनता की समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं है। सरकार के दावों के विपरीत, क्षेत्र में घंटों तक बिजली गुल रहती है। न तो कटौती का कोई निश्चित समय है और न ही आपूर्ति का।
बुजुर्गों और बच्चों की हालत सबसे खराब–
इस भीषण कटौती का सबसे ज्यादा खामियाजा घरों में मौजूद छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

बिना बिजली के गर्मी और उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। रात-रात भर बिजली न रहने से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों की पढ़ाई भी ठप पड़ गई है।
ऊर्जा मंत्री से लगाई गुहार–
स्थानीय बिजली विभाग से निराश हो चुके क्षेत्रवासियों ने अब सीधे उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। लोगों की मांग है कि नेवादा उपकेंद्र की तुरंत जांच कराई जाए और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल की जाए।
अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन कुंभकर्णी नींद से कब जागता है और नेवादा की इस त्रस्त जनता को कब इस अंधेरे और गर्मी के प्रकोप से निजात मिलती है।
दावों और वादों के बीच गुल बिजली का सच नेवादा उपकेंद्र क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बूढे बच्चे महिलाओं से जुबानी सुना और जाना जा सकता है । यह अलग बात है कि इस पर शासन और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन न करे । जहां तक बात बिजली गुल की है प्रदेश के बहुत जिलों के ग्रामीण इलाकों कम ज्यादा यही में हालात बने हुए हैं ।
कहानीतक.काम क्षेत्र की जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने के लिए कटिबद्ध है ।
इस खबर में प्रयोग की गयीं सभी तस्वीर प्रतीकात्मक हैं।
