लोकतंत्र की मर्यादा: ग्राहक बनकर सौदा न करें, मतदाता बनकर राष्ट्र का भविष्य चुनें
-चुनाव लोकतंत्र का महापर्व है, लेकिन आजकल इस पर्व में लोकलुभावन वादों की गूंज इतनी तेज हो गई है कि असली मुद्दे कहीं खो से गए हैं। राजनीतिक दल…
-चुनाव लोकतंत्र का महापर्व है, लेकिन आजकल इस पर्व में लोकलुभावन वादों की गूंज इतनी तेज हो गई है कि असली मुद्दे कहीं खो से गए हैं। राजनीतिक दल…
(संवाददाता/ब्यूरो, कहानीतक.काम)नई दिल्ली/गाजियाबाद: क्या आप आज भी छोटे-मोटे सरकारी काम के लिए लंबी कतारों में लगते हैं ? यदि आधार कार्ड में पता बदलवाने या पैन कार्ड के लिए आज…
डॉ मनोज कुमार तिवारी लक्ष्य सर्वांगीण विकास होना चाहिए, परीक्षा पास करना नहीं– परीक्षा पर चर्चा 2026 (नवें संस्करण) पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने एक कुशल मनोवैज्ञानिक की…
सामंजस्य की सीढी के द्वारा ही शुकून के सफलता का छत प्रप्त किया जा सकता है … (रमेश कुमार मिश्र )
बाधाओं का समंदर भी साहस की उडान के समक्ष बौना होता है... (रमेश कुमार मिश्र )
संयोग का इत्र सृजन का सौंदर्य पुष्प होता है ..(.रमेश कुमार मिश्र)
डा. अरुणाकर पाण्डेय किसी विचारधारा के सांचे में ना ढाल सके जाने वाले सांस्कृतिकर्मी,भाषा सेवी और प्रचारक अक्सर उस नोटिस की तरह भटकते रहते हैं जिन्हें कोई लेना नहीं चाहता…
संपादकीय टिप्पणाी— रचना के सागर में असंख्य रचानाएं प्रसंगिक बनकर मानव समाज को नित नई दिशा उर्जा और समाधान भी देती रहती हैं । इस क्रम में प्रति दिन अनेक…
रमेश कुमार मिश्र निर्भय होकर पथ चलना है तो, निज कर फरसा रखना होगा… निज वजूद में जीवित रहना है तो दुश्मन से लड़ना होगा… जहाँ नीति नहीं, जहाँ नियम…
रमेश कुमार मिश्र क्यों करते हो जादू टोना, क्यों देते हो झूठा खिलौना सब कुछ तो तुमने छीन लिया अब क्या पढ़ना भी छीनोगे हम तो छात्र अभागे हैं अभी…