घड़ी बच गयी
रमेश कुमार मिश्र स्मित हंसी के साथ राधिका ने पंकज का नमस्कार स्वीकार किया. अगले ही क्षण राधिका ने कहा तो आप इतनी देर से खड़े हमें देख रहे थे…
रमेश कुमार मिश्र स्मित हंसी के साथ राधिका ने पंकज का नमस्कार स्वीकार किया. अगले ही क्षण राधिका ने कहा तो आप इतनी देर से खड़े हमें देख रहे थे…
रमेश कुमार मिश्र संघर्षों के महासमर में युद्ध तुम्हें लड़ना होगा. मरुभूमि तपन की हो चाहे! हर पांव तुम्हें रखना होगा. पथ शूल लाख हों दर्द नहीं हे! पैर तुम्हें…
रमेश कुमार मिश्र बिकती हैं जहाँ जिंदगियाँ कपड़े उतार के. कैसे किसी ने कहा यहाँ कोई नहीं मरा.? कोई जाति से मरा , कोई पांति से मरा. कोई भूख से…
आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी की जयंती पर विशेष अरुणाकर पाण्डेय लेकिन हिंदी साहित्य,भाषा और अध्यापन के इतिहास में एक गुरु ऐसे भी हुए जिनकी ख्याति जितनी ही उनके गम्भीर शोध कार्य,…
अरुणाकर पाण्डेय एक ऐसी किताब जिसकी कहानी सर्वविदित हो, आखिर कितने मूल्य में बिक सकती है ? इसके साथ ही यह विचार किया जाए कि कोई ऐसी किताब क्यों खरीदेगा…
अरुणेश मिश्र देशप्रेम बढ़ा हैसहयोग भाव बढ़ा हैशांत स्वभाव बढ़ा हैझूठो का प्रभाव बढ़ा हैतापमान बढ़ा हैमान – अपमान बढ़ा हैइसी तरहभेदभाव , हावभाववाद – विवादविरोध – प्रतिरोधशोध – प्रतिशोधपर्यावरण…
(हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार अमृतलाल नागर की जयंती के अवसर पर विशेष) अरुणाकर पाण्डेय हिंदी साहित्य की दुनिया में अमृतलाल नागर की उपस्थिति ऐतिहासिक महत्व की है क्योंकि उन्होंने तुलसीदास…
रमेश कुमार मिश्र मैं सावन के गीत बनूंगा ,तुम रिमझिम बारिश बन जाना.बनकर बारिश की बूंदें तुम मेरे दिल में आना. जब ताल तलैया भरे हुए हों नदियों में हो…
कवि- ठाकुर प्रसाद मिश्र की कलम से आज भाग्यबश हाथ लग गयी श्री बच्चन की मधुशाला। टपक रहे थे हर पन्नों से मधुर शब्द बनकर हाला।। चटक चांदनी की मधु…
अरुणाकर पाण्डेय यह आलेख प्रसिद्ध गांधीवादी साहित्यकार एवं स्वतंत्रता सेनानी पं. माखनलाल चतुर्वेदी जी द्वारा रचित कविता ‘कैदी और कोकिला’ पर केंद्रित है | अरुणाकर जी का यह आलेख स्वतंत्रता…