टीम कहानीतक-–भारत में चाहे राष्ट्रीय राजमार्ग हों या फिर अन्य राजमार्ग यहां गड्ढे होना आम बात है । इन गढ्ढों के कारण न जाने कितने लोग दुर्घटना ग्रस्त हो जाते हैं बहुत से अपंग तो बहुत से मृत्यु के भी शिकार हो जाते हैं ऐसे में उनका परिवार आर्थिक-सामाजिक और मानसिक पीड़ा का शिकार हो जाता है । सड़कों में ए गड्ढे न सिर्फ असुविधाजनक है, बल्कि यह सीधे तौर पर एक गंभीर खतरा है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत ‘सुरक्षित सड़कों का अधिकार’ नागरिकों के ‘जीवन के अधिकार’ (Right to Life) का हिस्सा माना गया है।
यदि सरकार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), या संबंधित ठेकेदार की लापरवाही के कारण सड़क पर जानलेवा गड्ढे हैं, तो आपके पास निम्नलिखित कानूनी और न्यायिक विकल्प उपलब्ध हैं:
1. पुलिस में शिकायत और FIR के प्राविधान
आप पुलिस में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यदि पुलिस FIR दर्ज करने से मना करती है, तो आप मजिस्ट्रेट के पास भी शिकायत (CrPC/BNSS के तहत) कर सकते हैं।
किसके खिलाफ दर्ज होगी FIR: यह FIR NHAI के संबंधित अधिकारियों, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, और उस सड़क का रखरखाव करने वाले ठेकेदार (Contractor) के खिलाफ दर्ज की जा सकती है।
लागू होने वाले कानून: भारतीय न्याय संहिता (BNS) (जिसने IPC की जगह ली है) के तहत निम्नलिखित मामलों में FIR हो सकती है:
सार्वजनिक उपद्रव (Public Nuisance): जनता के लिए सड़क पर खतरा या बाधा उत्पन्न करना।
दूसरों के जीवन या सुरक्षा को खतरे में डालना: लापरवाही भरा काम जिससे किसी की जान जा सकती हो या चोट लग सकती हो।
दुर्घटना होने की स्थिति में: यदि गड्ढे के कारण कोई दुर्घटना हो जाती है, तो ‘लापरवाही से चोट पहुँचाने’ या ‘लापरवाही से मृत्यु’ के तहत आपराधिक मामला (Criminal Case) दर्ज होता है।

2. न्यायालयीन प्रक्रियाएं (Court Cases)
यदि आप कोर्ट के माध्यम से व्यवस्था सुधारना चाहते हैं या मुआवजा चाहते हैं, तो निम्नलिखित विकल्प हैं:
जनहित याचिका (Public Interest Litigation – PIL): * यदि गड्ढों के कारण आम जनता को भारी खतरा है, तो आप अपने राज्य के उच्च न्यायालय (High Court) या सीधे सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में PIL दाखिल कर सकते हैं। माननीय न्यायालय NHAI को तुरंत गड्ढे भरने, जिम्मेदार अधिकारियों पर जुर्माना लगाने और रखरखाव की रिपोर्ट पेश करने का आदेश दे सकता है।
उपभोक्ता अदालत (Consumer Forum):
यदि आप उस राजमार्ग पर टोल टैक्स (Toll Tax) देते हैं, तो आप एक ‘उपभोक्ता’ हैं और सुरक्षित सड़क पाना आपका अधिकार है। इसके अलावा चूंकि जब एक बाइक या कार लेते हैं तो उस समय रोड टैक्स भी जमा करते हैं और यहीं पर आपका बन जाता है कि आपको सुरक्षित सुविधाजनक सड़क मिले ।
खराब सड़क होना ‘सेवा में कमी’ (Deficiency in Service) माना जाता है। आप उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज कर टोल वसूली रोकने या मानसिक/शारीरिक परेशानी के लिए मुआवजे की मांग कर सकते हैं।
दीवानी मुकदमा (Civil Suit – Law of Torts):
यदि गड्ढे के कारण आपकी गाड़ी टूट गई है या आपको कोई शारीरिक चोट आई है, तो आप ‘लापरवाही’ (Negligence) के लिए दीवानी अदालत में नुकसान के मुआवजे (Damages/Compensation) का दावा कर सकते हैं।
मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT):
यदि गड्ढे के कारण कोई बड़ी दुर्घटना हो जाती है, तो पीड़ित या उसका परिवार MACT में मुआवजे के लिए केस फाइल कर सकता है, जिसमें NHAI और ठेकेदार को पार्टी बनाया जाता है।
कानूनी कदम उठाने से पहले क्या करें? (महत्वपूर्ण साक्ष्य)
कोई भी कानूनी कदम उठाने से पहले आपके पास सबूत होना बहुत जरूरी है:
सबूत जुटाएं: गड्ढों की तस्वीरें और वीडियो लें, जिसमें लोकेशन (GPS Coordinates/Landmark) स्पष्ट हो।
प्रशासनिक शिकायत: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के CPGRAMS (PG Portal) पर या NHAI के टोल-फ्री हेल्पलाइन 1033 पर पहले एक औपचारिक शिकायत दर्ज करें।
नोटिस भेजें: एक वकील के माध्यम से NHAI या संबंधित ठेकेदार को ‘लीगल नोटिस’ भेजें।
अपने अधिकार की लड़ाई लड़ना भी समाज और व्यवस्था में सुधार की पहल है और अपने अधिकार की लड़ाई लड़ते- लड़ते आप सामाजिक उत्थान की लड़ाई लड़ रहे होते हैं , जागरूक बनें औरों को भी जागरूक करें ।आपकी एक पहल कितनों की जिंदगी बचा सकता है ।
इस लेख का उद्देश्य जनहित में जागरूकता का है ।
