निर्भय पथ
रमेश कुमार मिश्र निर्भय होकर पथ चलना है तो, निज कर फरसा रखना होगा… निज वजूद में जीवित रहना है तो दुश्मन से लड़ना होगा… जहाँ नीति नहीं, जहाँ नियम…
रमेश कुमार मिश्र निर्भय होकर पथ चलना है तो, निज कर फरसा रखना होगा… निज वजूद में जीवित रहना है तो दुश्मन से लड़ना होगा… जहाँ नीति नहीं, जहाँ नियम…
रमेश कुमार मिश्र क्यों करते हो जादू टोना, क्यों देते हो झूठा खिलौना सब कुछ तो तुमने छीन लिया अब क्या पढ़ना भी छीनोगे हम तो छात्र अभागे हैं अभी…