बाल विवाह बिल को लेकर कौनसी बात है, जिससे हंगामा हो गया

राजस्थान विधानसभा में शादी पंजीकरण बिल को लेकर हंगामा हो रहा है । आइए समझते है आखिर क्या हैं ये बिल??

अनिवार्य विवाह पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2021 (Compulsory Registration of marriage (Amendment) bill, 2021)

इस बिल का सीधा मतलब हैं , सभी किसी को विवाह के 30 दिनों के अंदर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। शादी चाहे कानूनी हो या नहीं , वैध हो या अवैध कोई मतलब नहीं है। इसमें बाल विवाह भी शामिल है , उसके लिए कोई कॉलम नही जोड़ी गई है।

विपक्ष का पलटवार

BJP विधायक अशोक लाहोटी का कहना है की इस बिल की लाना अर्थात् बाल विवाह को बढ़ावा देने के बराबर है। लाहोटी ने इस विधेयक के लिए मत विभाजन की मांग किए हैं । उनका मानना है की जिस दिन यह बिल पारित होगा वह विधानसभा के लिए काला दिन होगा।

BJP के कुछ और नेता का कहना हैं की इस बिल को पारित करना अर्थात् बाल विवाह पारित करना है।

कांग्रेस ने अपना मत रखा

सांसद कार्य मंत्री धारीवार का कहना है कि यह बिल को लाना आवश्यक है, इस बिल में किसी भी दृष्टिकोण से बाल विवाह को बढ़ावा देने से संबंध नही है । अगर बाल विवाह होती है तो उसके खिलाफ बाल विवाह अधिनियम 2006 के अनुसार अनिवार्य रूप से करवाई होगी,

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का कहना है शादी का रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है , इसीलिए इस बिल को लाया जा रहा है

विवाह रजिस्ट्रेशन एक्ट की धारा 8 के अनुसार जिला लेवल पर विवाह रजिस्ट्रेशन अधिकारी होते थे, लेकिन इस बिल में ब्लॉक स्तर पर है ।