दांतो का सड़ना: जानिए लक्षण , कारण तथा निवारण हिंदी में !!Tooth Decay Problems in Hindi

दांतो का सड़ना: जानिए लक्षण , कारण तथा निवारण हिंदी में !!Tooth Decay Problems in Hindi

आज के समय में दांतो में समस्या होना आम बात हो गया है। लगभग लोग दांतो की बीमारी से जूझ रहे है। दांत शरीर की सबसे मजबूत अंग होता है लेकिन सावधानी नहीं बरतने से दांतों में क्षय हो जा रहा है। यदि हम लोग अपने दांतो को कुछ समय दे देते है तो हम सभी इस दिन से बच सकते हैं। बस अपनी पर्सनल लाइफ में थोड़ा सा बदलाव करना मुझे लगता है कि आप सभी बदलाव करने के लिए तैयार होंगे क्योंकि कोई भी नहीं चाहता की 40 की उम्र होते होते सभी दांत (बतीसी) खत्म हो जाए।

दांतो का सड़ने का कारण (tooth decay reasons in hindi) :

हम सभी के दांत पत्थर जैसा मजबूत होता है। जो की शरीर का सबसे कठोर हिस्सा होता है। थोड़ा सा लापारवाह बन जाने से हम सभी के दातों में बैक्टीरिया का प्रवाह बढ़ जाता है। दरअसल हम सभी के दांत कैल्शियम , फास्फोरस तथा बहुत सारे खनिजों से मिलकर बना हुआ होता हैं और अच्छे क्रम में सजा हुआ होता हैं। यदि कोई भी दांत सड़ कर टूट जाए तो चेहरा की सुंदरता में कमी आ जाता हैं। यदि दांत सड़ना शुरू होता है तो जोरो से दर्द ,भोजन करने में दिक्कत , चेहरा पर सूजन इत्यादि समस्या शुरू होती है।

तो आइए जानते है की दांतो की सड़ने का मुख्य कारण क्या है?

(I) हम सभी में एक कॉमन बात जरूर होती है कि जो काम गलत होता है अक्सर उसी काम को करने में मन लगता है। जैसकी चॉकलेट खाना , अधिक मात्रा में चीनी का सेवन , मिठाई , चिप्स इत्यादि पसंद होता है। यह सभी पदार्थ में शक्कर तथा कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है। इसी के वजह से दांत में क्षय लगता है। और धीरे-धीरे सड़ना शुरू होता है।

(II) दातों की सफाई पर हम लोग विशेष ध्यान नहीं देते हैं। बहुत से लोग तो दिन में एक बार भी दांतो को सफाई करना भूल जाते हैं। जबकि नियमानुसार सभी को दिन में दो बार सुबह तथा रात सोने से पहले दांतो की सफाई अति आवश्यक होती है। दातों की सफाई नहीं होने से उसमें मौजूद बैक्टीरिया की संख्या बढ़ने लगती है। दांतो को सड़ने के लिए मजबूर करती है।

(III) हम सभी के दातों में पहले से ही बैक्टीरिया मौजूद होती है। दातों की अच्छी से सफाई नहीं होने पर हम लोगों के खाना खाने के बाद बैक्टीरिया अपना कार्य शुरू कर देते हैं और भूरा रंग का दातों पर एक परत बनाती है इसे प्लॉक बोला जाता है। जरूर आप सभी ने देखा होगा।

इसके साथ बैक्टीरिया को कार्बोहाइड्रेट तथा शक्कर की आवश्यकता पड़ती है अम्ल बनाने के लिए जब अम्ल बन जाता है तो दांतो को सड़ाने मैं बैक्टीरिया को सफलता प्राप्त होती है। इसीलिए बैक्टीरिया को असफल करने के लिए दिन में दो बार ब्रश माउथवॉश की सहायता से करना अतिआवश्यक होता है।

दांतो के सड़ने का लक्षण (symptoms of tooth decay in Hindi) :

दातों के ऊपरी सतह को इनेमल कहा जाता है। हम सभी को दांत साफ करने से पहले अक्सर देखने को मिलता है की दांत की ऊपरी सतह पर भूरा पदार्थ बना होता है जिसे हम साफ कर देते हैं। लेकिन साफ नहीं करने पर भूरा पदार्थ धीरे-धीरे बड़ा होता है। और दांतो के बीच छिद्र पैदा करता है। जिससे अन्न के कण फसते aहै।और धीरे-धीरे अन्न के कणों को सड़ाना शुरू करता है। जब भी अन्न के कण फसने के साथ साथ दांत में दर्द , मुंह में सूजन हो तो समझ लेना चाहिए की सड़ना शुरू हो गया है। यही प्रमुख लक्षण है।

दांतो को सड़ने से रोकने का उपाय (remedies to prevent tooth decay in Hindi) :

हम सभी निम्नलिखित तरीकों से अपने दांतो को सड़ने से बचा सकते हैं –

(I) अपने दांतो को दिन में दो बार माउथ वास की सहायता से अवश्य साफ करें।

(ii) दातों की सफाई ज्यादा समय तक नहीं करें अधिकतम 3 मिनट तक (ज्यादा देर तक वास करने से मसूड़ों में दर्द शुरू होता है)

(iii) रात में सोने से पहले दांतो मे फसे अन्न के कणों को निकाल दे।

(iv) मीठा तथा चिपचिपा पदार्थ का सेवन कम करें।

(v) सोडा युक्त कोल्ड्रिंग से दूर रहें।

(vi) प्रत्येक 6 महीने पर दांतो की जांच कराए।

दांतो के सड़ने के बाद इलाज (treatment after tooth decay in Hindi) :

यदि आपके दांतो मे जोरो से दर्द हो रहा है , चेहरा में सूजन हो गया है , भोजन करने में समस्या आ रही है तो आप सभी तुरन्त दांतो की अच्छे डॉक्टर (dentist) से मिलिए। घरेलू इलाज से थोड़ा समय के लिए आराम मिल सकता है , हमेशा के लिए नहीं ! यदि रात के समय में तेजी से दर्द हो रहा है तो आप सभी प्राथमिक चिकित्सा (first aid) तो जानते ही है इसकी सहायता से दर्द से राहत पाया जा सकता है। आप सभी दवा गूगल या यूट्यूब से देखकर नहीं ले क्युकी दवाई को स्थिति के अनुसार लिया जाता है आप सभी डॉक्टर से सलाह जरूर ले।

अपने घर का डॉक्टर की कॉन्टेक्ट नंबर हमेशा रखे