Generated by All in One SEO v4.9.10, this is an llms.txt file, used by LLMs to index the site. # KAHANITAK.COM संवाद हम सब का ## Sitemaps - [XML Sitemap](https://kahanitak.com/sitemap.xml): Contains all public & indexable URLs for this website. ## Posts - [मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के उत्कृष्ट कार्यों हेतु डॉ. मनोज तिवारी गोरखपुर में सम्मानित](https://kahanitak.com/dr-manoj-tiwari-honored-in-gorakhpur-for-outstanding-work-in-mental-health-awareness/) - टीम कहानीतक.काम -- हेल्थी इण्डिया ग्रीन इण्डिया फाउंडेशन व होम्योशक्ति फाउंडेशन ने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के अग्रदूत वाराणसी के प्रतिष्ठित वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. मनोज तिवारी को गोरखपुर में सम्मानित गया। हेल्थी इण्डिया ग्रीन इण्डिया फाउंडेशन के अध्यक्ष व होम्योशक्ति फाउंडेशन के सदस्य डॉ. उपकार किशोर अग्रहरी व अन्य सदस्यों ने डॉ तिवारी को सम्मानित किया। - [प्रेस विज्ञप्ति-- आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में सेबी के होल टाइम मेंबर केसाथ प्रतिभूति बाजार में नवीनतम घटनाक्रमों पर संवाद आयोजित](https://kahanitak.com/press-release-dialogue-on-the-latest-developments-in-the-securities-market-held-with-a-sebi-whole-time-member-at-atma-ram-sanatan-dharma-college-university-of-delhi/) - नई दिल्ली, 16 जुलाई, 2026 — आत्माराम सनातन धर्म (एआरएसडी) कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय कीआंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) तथा भारतीयम्यूचुअल फंड संघ (एएमएफआई) के सहयोग से “सेबी के होल टाइम मेंबर के साथ संवाद : प्रतिभूति बाजार मेंनवीनतम घटनाक्रम” शीर्षक से एक संवादात्मक सत्र का सफल आयोजन किया।इस - [आपहूँ सीतल होए](https://kahanitak.com/you-too-become-cool-and-calm-by-dr-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय एक अजीब बात हुई ! एक मित्र से एक अन्य मित्र के बारे में पूछा तो उन्होंने उनके बारे में बताने से साफ़ मना कर दिया | ये दोनों ही मुझे कई वर्षों से जानते हैं लेकिन जब तब वो सज्जन जिनसे पूछा था, वे अपनी पोजीशन जताने में थोड़ा भी परहेज नहीं - [कौड़ियों की लड़ाई में कहीं खो न जाए संस्कार के पुल की मर्यादा](https://kahanitak.com/let-not-the-sanctity-of-the-bridge-of-values-be-lost-amidst-the-struggle-for-mere-pennies-by-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र संपादक की कलम से- शिक्षा जीवन में संस्कार लेकर आती है। शिक्षक उसी संस्कार को अनुशासित तरीके से प्रसारित करने वाला होता है । जहां भाषा और व्यवहार की मर्यादा दोनों का सामंजस्य होना परमावश्यक होता है। पटना के सर तो अपनी भाषा की मर्यादा ही भूल गए हैं। महिला सम्मान कहां - [शब्दार्थ चरित चिंतन ](https://kahanitak.com/reflections-on-the-nature-and-meaning-of-words-by-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय किसी ने पूछा बल्कि कहा कि क्यों पढ़ा जाए साहित्य या हिंदी साहित्य ? जो जवाब गिनाए गए वे और भी दिलचस्प थे क्योंकि जो साहित्यशास्त्र लिखा जाता था साहित्य के पक्ष में उसके बरक्स एक शास्त्र रचा जा रहा है साहित्य से दूर रहने के पक्ष में। यह साहित्य विरोधी शास्त्र लगभग - [अंबेडकर नगर में बिजली संकट: नेवादा उपकेंद्र की बदहाली से हाहाकार, बंपर कटौती से बूढ़े-बच्चे बेहाल](https://kahanitak.com/power-crisis-in-ambedkar-nagar-chaos-ensues-due-to-the-dilapidated-state-of-the-nevada-substation-massive-power-cuts-leave-the-elderly-and-children-in-distress-by-teem-kahanitak-com/) - ​रिपोर्ट: कहानीतक.कॉम (KahaniTak.com) स्पेशल डेस्क - उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां नेवादा विद्युत उपकेंद्र (सबस्टेशन) की घोर लापरवाही और अव्यवस्था ने हजारों लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। 'कहानीतक' को मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे क्षेत्र में इन दिनों बंपर और अघोषित बिजली - [उग्र जी की कहानी सोसायटी ऑफ़ डेविल्स में खोया हुआ बनारस ](https://kahanitak.com/the-lost-banaras-in-ugras-story-society-of-devils-by-dr-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय लगभग सौ साल पहले की एक दिलचस्प कहानी है सोसायटी ऑफ़ डेविल्स जिसे लिखा था पाण्डेय बेचन शर्मा उग्र ने। इस कहानी में अपने समय के बनारस कई सांस्कृतिक उल्लेख मिलते हैं जो आज के बनारस के नीचे दबे हुए बनारस की झलक देते हैं। इसमें कुछ जगहों का जिक्र आता है जो - [हिंदी, हिंदू ,सनातन धर्म और सवर्णों का अपमान नहीं सहेगा हिन्दुस्तान](https://kahanitak.com/india-will-not-tolerate-insults-to-hindi-hindus-sanatan-dharma-and-the-savarnas-by-teem-kahanitak-com/) - टीम कहानीतक.काम--- भारतीय राजनीति की धुरी भारतीय संस्कृति के चारों तरफ घूमती है । बदलते राजनीतिक संदर्भ में अब किसी भी व्यक्ति या दल को भारतीय राजनीति में अपनी पकड़ बनाकर‌ रखना है तो उन सबको हिंदी, हिंदू, सनातन धर्म और सवर्णों का सम्मान करना ही पडेगा । भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण काल में अब - [सड़कों पर  गड्ढों के कारण अब और नुकसान नहीं, जानिए कैसे लड़ें अपनी कानूनी लड़ाई](https://kahanitak.com/no-more-damage-due-to-potholes-on-the-roads-know-how-to-fight-your-legal-battle-by-teem-kahanitakcom/) - टीम कहानीतक---भारत में चाहे राष्ट्रीय राजमार्ग हों या फिर अन्य राजमार्ग यहां गड्ढे होना आम बात है । इन गढ्ढों के कारण न जाने कितने लोग दुर्घटना ग्रस्त हो जाते हैं बहुत से अपंग तो बहुत से मृत्यु के भी शिकार हो जाते हैं ऐसे में उनका परिवार आर्थिक-सामाजिक और मानसिक पीड़ा का शिकार हो - [भाजपा का कौन नेता लेगा सुशासन बाबू की जगह ?](https://kahanitak.com/which-bjp-leader-will-replace-sushasan-babu-by-teem-kahanitakcom/) - टीम कहानीतक.काम - बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर ने अटकलों की बाज़ार को बेहद गर्म कर दिया है। 'सुशासन बाबू' के नाम से मशहूर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा जाने का फैसला बिहार के राजनीतिक भविष्य और एनडीए (NDA) गठबंधन के अंदरूनी समीकरणों को लेकर कई तरह के सवालों - [आजकल की होली](https://kahanitak.com/todays-holi-poem-written-by-thakur-prasad-mishra/) - दारू की खुमारी में भुलाइ गयो खान- पान । मान सम्मान की तो बात मत कीजिए । साधे हैं कमान 'काम' हाथ लिए पुष्प बान, शिव झूमैं भंग खाए जरा ध्यान दीजिए , संत वा असंतन को बाढ़्यो है विवाद आज मिमियाते कंत हैं बेहाल देख लीजिए । प्रेमी के भ्रम को नीले- नीले ड्रम - [रंगायन : आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज का नाट्योत्सव ](https://kahanitak.com/rangaayan-aatmaaraam-sanaatan-dharm-kolej-ka-naatyotsav-by-dr-arunakar-pandey-and-dr-niranjan-rav/) - रिपोर्ट- हिंदी के प्रसिद्ध नाटककार,कथाकार और धर्मयुग के संपादक धर्मवीर भारती की जन्मशती के अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के आत्मा राम सनातन धर्म की नाट्य समिति 'रंगायन' ने पाँच दिवसीय ( 27 से 31 जनवरी 2026) ग्यारहवें रंगशीर्ष जयदेव नाट्योत्सव का आयोजन किया । इस आयोजन का ऐतिहासिक महत्व यह है कि इस वर्ष रंगायन - [वैवाहिक जीवन में समायोजन की समस्या व समाधान](https://kahanitak.com/problems-and-solutions-of-adjustment-in-life-written-by-dr-manoj-kumar-tiwari/) - अध्ययनों के अनुसार 22.6% महिलाएं और 20.70% पुरुष वैवाहिक समायोजन की समस्या का सामना करते हैं। दुखी वैवाहिक जीवन जीने वाले व्यक्तियों में खुशहाल वैवाहिक जीवन जीने वालों की तुलना में ​​अवसाद से पीड़ित होने की संभावना 25 गुना अधिक होती है। 2-3 वर्ष में जोड़े एक-दूसरे को समझने लगते हैं और अपने जीवन स्थितियों - [आनंद फिल्म में अमिताभ बच्चन के अभिनय का एक प्रसंग](https://kahanitak.com/an-episode-from-amitabh-bachchans-performance-in-the-film-anand-written-by-dr-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पांडेय बात उन दिनों की है जब अमिताभ बच्चन आनंद फिल्म के लिए अपने अभिनय की तैयारी कर रहे थे । उन्होंने खुद बताया है कि उस समय देश भर में राजेश खन्ना और उनके बाद शशि कपूर की लोकप्रियता का कोई जवाब नहीं था । तब राजेश खन्ना के साथ काम करने में - [टी 20 वर्ल्ड कप टूटा आस्ट्रेलिया का सपना, सुपर 8 से पहले ही सफर हुआ खत्म जानें इसके पीछे की कहानी ](https://kahanitak.com/t20-world-cup-australias-dream-shattered-journey-ends-before-super-8s-learn-the-story-behind-it-by-teem-kahanitak-com/) - टीम कहानीतक---क्रिकेट जगत के एक बड़े उलटफेर में इस बार आस्ट्रेलिया का टी 20 वर्ल्ड कप जीतने सपना चखनाचूर हो गया, बारिश के कारण जिम्बाब्वे और आयरलैंड के बीच मैच रद्द होते ही आस्ट्रेलिया की रही- सही उम्मीद पर पानी फिर गया , ग्रुप स्टेज के मैच से ही आस्ट्रेलिया जैसी धाकड़ टीम का बाहर - [सवर्ण अभागा क्यों!](https://kahanitak.com/why-is-the-upper-caste-unfortunate-poem-by-thakur-prasad-mishra/) - सोना चढ़ा कसौटी पर अब अपनी चमक दिखाएगा। शस्त्र, शास्त्र जिन हाथों में, क्यों भाग्य हीन कहलाएगा? अब तक थे उदार निद्रा में, त्याग मूर्ति मन भावन थे। अपनी धरती भले थी प्यासी, पर परहित के सावन थे। उदर धर्म तक जो सीमित हैं कल क्या हो कुछ भान नहीं? काल, कर्म, गति, पौरुष पोषण - [अमृत काल ...?](https://kahanitak.com/amrit-kaal-poem-written-by-thakur-prasad-mishra/) - वर्ण कुवर्ण सवर्ण में बांटि कै तोड़ रहे घर की प्रभुताई. औ कैद में सिंह भुखान पड़ा सियरा सब चाटत दूध मलाई. बुद्धि विवेक से योग नहीं दुर्बुद्धि की संंतत साख बढ़ायी. जन जन में बैर बढ़ाई दियो यह कौन आ अमृत काल है भाई. रचनाकार - ठाकुर प्रसाद मिश्र कवि /लेखक प्रकाशित - [मशीनी शब्दों की बाजीगरी या संवेदनाओं का अंत...? ](https://kahanitak.com/jugglery-of-mechanical-words-or-the-end-of-emotions-by-teem-kahanitak/) - दिल्ली में सजी AI की महफ़िल लेकिन क्या मनुष्य मस्तिष्क की घनीभूत पीड़ा को व्यक्त कर पाएंगा मशीन का दिमाग. टीम कहानीतक--जब सोचने लगेंगी मशीनें तो क्या इंसानों के मनोभावों को व्यक्त कर पाएंगी...? दिल्ली के भारत मंडपम में ए आई की महफ़िल सजी हुई है, दुनिया के दिग्गजों का है जमावड़ा...है कहा जा रहा - [टी 20 विश्वकप महामुकाबला: 'सुपर संडे' महाशिवरात्रि पर भारत की दहाड़, पाकिस्तान पस्त!  ](https://kahanitak.com/t20-world-cup-grand-finale-india-roars-on-super-sunday-mahashivratri-pakistan-defeated-by-teem-kahanitak-com/) - शीर्षक: ईशान और बुमराह की आंधी में उड़ी पाकिस्तान की उम्मीदें, 61 रनों से मिली करारी हार टीम कहानीतक--मेलबर्न का मैदान हो या न्यूयॉर्क का स्टेडियम, और चाहे हो कोलंबो की पिच जब बात भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट मैच की होती है, तो दुनिया थम जाती है। कल का रविवार भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के - [कोठे वाली](https://kahanitak.com/whore-hindi-story-written-by-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र (लेखक) रजनी बाई औरों के साथ छज्जे पर खड़ी होकर ग्राहकों को अपने जिस्म का नूरे व्यापार करने को कभी शरीर के नाजुक अंगों को मटकाकर तो कभी अंतर्वस्त्रों को दिखाकर तो कभी हाथों और नयनों से इशारा करके बुला रही थी... कभी-कभी आवाज देती हुई वह कह उठती अरे... वो चिकने - [फिल्म बनाने की कीमत](https://kahanitak.com/cost-of-making-a-film-written-by-dr-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय - साधारण परिवार से आए हुए कलाकार जब सफल हो जाते हैं तब वे अक्सर एक सपना देखते है कि वे अपनी खुद की फिल्म बनाएंगे। हिंदी सिनेमा में अपनी सशक्त पहचान बना चुके राजपाल यादव ने भी जब अपने पैर जमा लिए तब उन्होंने भी यही सपना देखा । उन्होंने 2010 - [लोकतंत्र की मर्यादा: ग्राहक बनकर सौदा न करें, मतदाता बनकर राष्ट्र का भविष्य चुनें](https://kahanitak.com/dignity-of-democracy-dont-deal-as-a-customer-choose-the-future-of-the-nation-as-a-voter-by-kahanitak-com/) - ​[नई दिल्ली/ गाजियाबाद कहानीतक.काम ब्यूरो] -​चुनाव लोकतंत्र का महापर्व है, लेकिन आजकल इस पर्व में लोकलुभावन वादों की गूंज इतनी तेज हो गई है कि असली मुद्दे कहीं खो से गए हैं। राजनीतिक दल तरह-तरह की मुफ्त योजनाओं और उपहारों की पेशकश कर रहे हैं। ऐसे माहौल में एक नागरिक के तौर पर हमारे सामने - [Digital India: अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं! ये 5 वेबसाइट्स आपके मोबाइल को बना देंगी 'पावर हाउस', हर भारतीय के लिए जानना है जरूरी](https://kahanitak.com/digital-india-no-more-running-around-government-offices-these-5-websites-will-turn-your-mobile-into-a-powerhouse-and-every-indian-needs-to-know-about-them-by-kahanitak-com/) - ​(संवाददाता/ब्यूरो, कहानीतक.काम)​नई दिल्ली/गाजियाबाद: क्या आप आज भी छोटे-मोटे सरकारी काम के लिए लंबी कतारों में लगते हैं ? यदि आधार कार्ड में पता बदलवाने या पैन कार्ड के लिए आज भी आपको किसी एजेंट की मदद लेनी पड़ती है तो, आपको 'डिजिटल इंडिया' की ताकत को पहचानने की जरूरत है। ​आज के दौर में एक - [प्रधानमंत्री जी के परीक्षा पर चर्चा 2026 का मनोवैज्ञानिक सारांश](https://kahanitak.com/psychological-summary-of-prime-ministers-exam-discussion-2026-writtenby-dr-manoj-kumar-tiwari/) - डॉ मनोज कुमार तिवारी लक्ष्य सर्वांगीण विकास होना चाहिए, परीक्षा पास करना नहीं- परीक्षा पर चर्चा 2026 (नवें संस्करण) पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने एक कुशल मनोवैज्ञानिक की भाँति विद्यार्थियों से परीक्षा पर चर्चा किया उन्होंने सीधे परीक्षा तनाव पर चर्चा करने के बजाय छात्रों के जीवन व उनके क्षेत्र से संबंधित विभिन्न - [संयोग और सृजन ...](https://kahanitak.com/chance-and-creation-written-by-ramesh-kumar-mishra/) - संयोग का इत्र सृजन का सौंदर्य पुष्प होता है ..(.रमेश कुमार मिश्र) - [साहस...](https://kahanitak.com/bravery-written-by-ramesh-kumar-mishra/) - बाधाओं का समंदर भी साहस की उडान के समक्ष बौना होता है... (रमेश कुमार मिश्र ) - [सामंजस्य...](https://kahanitak.com/harmony-written-by-ramesh-kumar-mishra/) - सामंजस्य की सीढी के द्वारा ही शुकून के सफलता का छत प्रप्त किया जा सकता है ... (रमेश कुमार मिश्र ) - [खोए हुए कोई ](https://kahanitak.com/anyone-lost-poem-written-by-dr-arunakar-pandey/) - डा. अरुणाकर पाण्डेय किसी विचारधारा के सांचे में ना ढाल सके जाने वाले सांस्कृतिकर्मी,भाषा सेवी और प्रचारक अक्सर उस नोटिस की तरह भटकते रहते हैं जिन्हें कोई लेना नहीं चाहता क्योंकि वे उपजाऊ या कारगर नहीं होते । एक दिशा और एक समय में श्रम करने के बाद जब उन्होंने दी होती है एक जमीन - [कहीं बहुत दूर](https://kahanitak.com/somewhere-far-away-poem-written-by-dr-drunakar-pandey/) - संपादकीय टिप्पणाी-- रचना के सागर में असंख्य रचानाएं प्रसंगिक बनकर मानव समाज को नित नई दिशा उर्जा और समाधान भी देती रहती हैं । इस क्रम में प्रति दिन अनेक रचाओं का सृजन भी अनेक रचनाकारों की लेखनी से मां वीणावादिनी की असीम अनुकंपा से होता रहती हैं । रचना की प्रासंगिकता के मू्ल्य उस - [निर्भय पथ](https://kahanitak.com/fearless-path-poem-written-by-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र निर्भय होकर पथ चलना है तो, निज कर फरसा रखना होगा... निज वजूद में जीवित रहना है तो दुश्मन से लड़ना होगा... जहाँ नीति नहीं, जहाँ नियम नहीं जहाँ साजिश की काली राते हैं. वहाँ सूरज की लाली बनकर तुमको, सूरज जितना जलना होगा. निर्भय होकर चलना है तो निज कर फरसा - [हम तो छात्र अभागे हैं...](https://kahanitak.com/we-are-unfortunate-students-poem-written-by-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र क्यों करते हो जादू टोना, क्यों देते हो झूठा खिलौना सब कुछ तो तुमने छीन लिया अब क्या पढ़ना भी छीनोगे हम तो छात्र अभागे हैं अभी नींद में आधे हैं...? कलम हमारा संकल्प पत्र है ज्ञान हमारा संबल है सुन लो राजा कान खोलकर ओढ़ना आरक्षण का नहीं हमारा कंबल है. - [UGC का नया नियम सवर्णों में भय व चिंता पैदा कर रहा है..](https://kahanitak.com/written-by-team-kahaanitak-com/) - टीम कहानीतक.काम--- सवर्णों की चिंता अब आक्रोश में बदलती जा रही है। उसका कारण है यू जी सी का 13 जनवरी 2026 का नोटिफिकेशन। जो कि यू जी सी के अनुसार उच्च शिक्षण संस्थानों में हो रहे भेदभाव को खत्म करेगा.एस सी /एस टी /दिव्यांग /ई डब्ल्यू एस और ओबीसी वर्ग को सामान्य वर्ग के - [वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री की नयी पारी "राष्ट्रवाणी 24*7 " समाचार चैनल का शुभारंभ...](https://kahanitak.com/by-teem-kahanitak-com/) - रमेश कुमार मिश्र टीम कहानीतक.काम--- प्रखर प्रतिभा व ओजस्वी वाणी के धनी, पत्रकारिता जगत के अमिट हस्ताक्षर श्री अमिताभ अग्निहोत्री जी ने शुरू किया अपना नया समाचार चैनल "राष्ट्रवाणी" (24*7 Live) . अमिताभ जी इससे पहले TV9 चैनल पर समाचार शो करते नज़र आते थे. कुछ दिन पहले ही उन्होंने tv9 चैनल को अलविदा कहते हुए - [ग़ज़ल](https://kahanitak.com/ghazal-written-by-baljit-singh/) - बलजीत सिंह न देखो ताज को तुम दिल्लगी से! मोहब्बत की है तुमने गर किसी से हुआ अनजाने में इक क़त्ल जिससे! छुपाता फिर रहा था मुँह सभी से! जो इसमें अक़्स देखेंगे ख़ुदा का! ख़ुदा उनको मिलेगा शायरी से! कहीं टिकने नहीं देता मुझे ये! बहुत उकता गया हूँ अपने जी से! लड़ा के - [स्मृति शेष बाबाजी](https://kahanitak.com/smriti-shesh-babaji-wrtten-by-anshuamn-s-dwivedi/) - अंशुमान एस०द्विवेदी हमारे रामलला वैकुंठ में जब रामलला से मिले होंगे तो क्या बात कर रहे होंगे..? शायद बाबा रामजी से बहुत शांत आवाज़ में बात कर रहे होंगे… बिना कोई शिकायत, बिना कोई सवाल, अपनी खुशियां, अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे होंगे। शायद कह रहे होंगे— “मैं अपनी ज़िंदगी में जो कर पाया, किया। - [एक अलेखकीय सी बात ](https://kahanitak.com/a-non-scriptural-thing-poem-written-by-dr-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय कुछ भी तो नहीं लिखना था न कोई शब्द याद रखना था न कोई अर्थ ढूंढना था सिर्फ लेनी थी थोड़ी सी साँस पीना था थोड़ा पानी तकिए की नरमी पर सिर रखकर एक भरपूर नींद लेनी थी सुबह करनी थी एक सैर नंगे पैर मिट्टी,बालू या रेत पर बतियाना था एक बहुत - [बढ रही है अविवाहितों में मानसिक समस्याएं तो करें शादी](https://kahanitak.com/mental-problems-are-increasing-among-unmarried-people-so-get-married-written-by-dr-manoj-tiwari/) - संपादक की कलम से--गंभीरता से लें अपने जीवन में विवाह न करने के फैसले को । यदि आप एक युवा हैं और आपने अभी तक शादी नहीं किया है और भविष्य में भी शादी न करने के फैसले पर अडिग हैं तो एक बार प्रतिष्ठित मनो चिकित्सक डाक्टर मनोज कुमार तिवारी जी के इस लेख - [विहारिका](https://kahanitak.com/viharika-poem-wrriten-by-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र मैं उन्मुक्त गगन की हूँ मलिका नभ विचरण है अभिसार मेरा. मैं पुण्य धरा की नवल किशोरी , है प्रकृति पुष्प श्रृंगार मेरा. मैं पुरुष हृदय की लता बेल तन-मन है जिसका सदन मेरा. घुलकर दिव्याभा में जिसकी शोभित होता नित नूतन यौवन मेरा. जिसने मुझको नारी समझा उसको दुग्धामृत मिला मेरा. - [हमने कब चाहा](https://kahanitak.com/when-we-wanted-poem-written-by-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र हमने कब चाहा जीत हमीं को मिले , जीत में तेरे जीत छुपी है मेरी । हमने कब चाहा शोहरत हमीं को मिले , तेरी शोहरत में शोहरत छुपी है मेरी । हमने कब चाहा रूप हमीं को मिले, तेरी सूरत में सूरत छुपी है मेरी । हमने कब चाहा जीवन हमीं - [श्रद्धांजलि](https://kahanitak.com/shraddhaanjali/) - अश्रुपूरित नमन है तुमको हे देवता । गगन भी मगन है पा तुमको हे देवता ।। यूं तो आते हैं जग में मनुज बनकर सभी । कोई-कोई ही होता है तुम सा देवता ।। ज्ञान की ज्योति दिल में तुम संजोए जिए। धर्म पथ पर अडिग तुम सदा ही रहे ।। भेद अपने पराए से - [ मैं अस्पताल की हूँ पार्किंग महंगी हूँ...](https://kahanitak.com/im-from-the-hospital-parking-is-expensive-written-by-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र ठहरिए अगर आप अपनी गाडी से किसी बीमार परिवारीजन या परिजन को लेकर सफदरजंग अस्पताल जा रहे हैं तो गाडी लगाने से पहले यहां की पार्किंग का रेट जरूर पता कर लीजिएगा । पार्किंग के रेट में दिल्ली के शापिंग माल की बराबरी करता यह अस्पताल आपके उस समय होश उडा देगा - [मैं उत्तर प्रदेश की बिजली हूँ कटती ही रहती हूं](https://kahanitak.com/i-am-from-uttar-pradesh-electricity-keeps-getting-cut-written-by-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र सरकारी आंकडें अपनी तारीफ में कितने ही कसीदे क्यों न पढते रहें लेकिन जमीनी हकीकत तो यही है कि उत्तर प्रदेश की वर्तमान बिजली व्यवस्था लचर स्थिति में है । भारत में लगभग कुल 70 हजार के करीब गांव हैं , जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल के दृढ संकल्प के चलते - [ट्वायलेट गंदा है](https://kahanitak.com/the-toilet-is-dirty-writer-ramesh-kumar-mishra/) - भारत में आज भी सरकारी अस्पतालों के ट्वायलेट बद से बदतर हैं ... रमेश कुमार मिश्र इसे विडंबना कहें या अनदेखी समझ नहीं आता कि आजादी के पचहत्तर वर्ष बाद भी भारत के अधिकांश सरकारी अस्पतालों के ट्वायलेट गंदे के गंदे ही रहते हैं । वह भारत का चाहे बडा अस्पताल हो या फिर छोटा, - [भारत मां के लाल](https://kahanitak.com/sons-of-mother-india-poem-by-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र सीमा की रक्षा में तत्पर भारत मां के लाल उठो । वीर सपूतों रण वीरों अब वैरी दल पर टूट पडो ।। है छली प्रपंची शत्रु बेधर्मी धोखे से करता वार सुनो । किसे मारना धरती पर है किसको तुम आकाश चुनो ।। सिंदूर बेटियों माताओं बहनों का जिसने हमसे छीना है - [घबराहट से शक्ति तक: परीक्षा दुश्चिंता से बाहर निकलना* विषेयक कार्यशाला आयोजित](https://kahanitak.com/from-nervousness-to-strength-overcoming-exam-anxiety-workshop-organized-by-teem-kahanitak/) - टीम कहानीतक-- दिनांक 7 मई 2025 दिन बुधवार को वसंत महिला महाविद्यालय, राजघाट, वाराणसी के परामर्श एवं स्वस्ति बोध केंद्र द्वारा *चिंता व अवसाद जागरूकता सप्ताह* के अवसर पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया जिसका विषय *घबराहट से शक्ति तक: परीक्षा दुश्चिंता से बाहर निकलना* जिसके मुख्य वक्ता काशी हिंदू विश्वविद्यालय, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, - [सिंदूर](https://kahanitak.com/vermilion-poem-by-ramesh-kumar-mishra/) - है दया क्षमा ममता मुझमें मैं भारत मां की लाली हूं। प्रकृति सृजन की सर्जक मैं, सिंदूर शक्ति की माली हूं ।। मैं सिंदूरी दुर्गा भी हूं, मैं सिंदूरी मत की मतवाली हूं । मुझसे पाते हैं जन्म सभी, मैं मानवता की आली हूं ।। शांति कांति मुझमें है बसती, मैं जंग प्रलय की नाली - [उद्घोष पहलगाम के  ](https://kahanitak.com/proclamation-of-pahalgam-poem-wrriten-by-rmaesh-kumar-mishra/) - सुन आंसू पहलगाम के जो तूने हमें दिए हैं । अब तुझसे है वादा कि बुझने तयं तेरे दिये हैं ।। हम रार के नहीं हैं पक्षधर शांति पूजते हैं । हमको जब है कोई छेडे तो छोडते भी नहीं हैं ।। हर इक सुहागिन के सुहाग का मोल यहाँ है तू भाग देखें हम - [बोर्ड परीक्षा रिजल्ट आने के संंदर्भ में विशेष](https://kahanitak.com/special-in-the-context-of-board-exam-results-by-dr-manoj-tiwari/) - लेखक के विचार छात्रोपयोगी होने के साथ साथ छात्रो के अभिभावकों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं.... *परीक्षा प्राप्तांक जीवन की सफलता का निर्धारण नहीं करता: डॉ मनोज तिवारी* हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणामों की घोषणा होने वाली है। हर वर्ष बोर्ड के परीक्षा परिणाम आने के बाद अनेक विद्यार्थी कम अंक आने पर - [साइबर सुरक्षा हेतु पासवर्ड व मन दोनों मजबूत रखना होगा](https://kahanitak.com/for-cyber-security-both-password-and-mind-must-be-kept-strong-by-dr-manoj-tiwari/) - डॉ मनोज कुमार तिवारी साइबर अपराध एक आपराधिक गतिविधि है जो कंप्यूटर, कंप्यूटर नेटवर्क या नेटवर्क डिवाइस को लक्ष्य करके किया जाता है, साइबर अपराध साइबर अपराधियों या हैकर्स द्वारा किया जाता है। साइबर अपराध व्यक्ति या संगठन द्वारा किया जाता है। कुछ साइबर अपराधी उन्नत तकनीकों का उपयोग करते हैं और तकनीकी रूप से - [तलाक](https://kahanitak.com/divorce-poem-wrriten-by-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र वर्ष बीस रहे संग हम साथिया. उलझनों ने हमें फासला दे दिया. कौन था फिर सही कौन था फिर गलत. ए कहने का हमको हौसला दे दिया. दर्द सीने में मेरे दफन है सुनो. दर्द सहने की तुमने वजह दे दिया. तेरे खातिर जमाने से रुसवा हुई. तूने बेवफा कहने की तुझको - [एक दिवसीय एचआईवी/एड्स जनपद स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला संपन्न](https://kahanitak.com/one-day-hiv-aids-district-level-orientation-workshop-concluded-by-teem-kahanitak/) - टीम कहानी तक---पंडित दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय के सभागार में वाराणसी जनपद का एक व्दिवसीय एचआईवी/एड्स जनपद स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम डॉ पीयूष राय जिला क्षय रोग अधिकारी एवं नोडल अधिकारी दिशा वाराणसी के निर्देशन में संपन्न हुआ जिसमें वाराणसी जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर डॉ पीयूष राय ने - [एंटरटेनमेंट फूड और सोशल मीडिया ](https://kahanitak.com/entertainment-food-and-social-media-by-dr-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय भारत की जनसंख्या का लगभग 12 प्रतिशत डायबिटीज़ का मरीज है । यह संख्या निकट भविष्य में बहुत तेजी से बढ़ रही है। इस रोग को लेकर मीडिया पर अक्सर बहुत से वीडियो पोस्ट किए जाते हैं जिनमें से कई में एलोपैथी के साथ अन्य चिकित्सा पद्धतियों के परामर्श और इलाज देखने को - [शिक्षक व छात्रों ने सीखा अच्छे मानसिक स्वास्थ्य व व्यवहार सुधार की तकनीकी](https://kahanitak.com/https-kahanitak-com-techniques-for-improving-good-mental-health-and-behaviour/) - टीम कहानीतक -पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय धुबरी, असम के छात्रों के तनाव प्रबंधन हेतु विद्यालय के प्राचार्य श्री बी आर शर्मा के निर्देशन में *दो दिवसीय तनाव प्रबंधन कार्यशाला* का आयोजन 22-23 जनवरी 2025 को किया गया जिसके दूसरे दिन के प्रथम सत्र में रिसोर्स पर्शन डॉ मनोज कुमार तिवारी, वरिष्ठ परामर्शदाता, ए आर - [कुंभ के लिए चोरी](https://kahanitak.com/theft-for-aquarius-by-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय पहली बार यह खबर पढ़ कर विश्वास नहीं हुआ कि यह एक सच्ची खबर है । नई दिल्ली के द्वारका में पुलिस ने एक मोबाइल चोर को घात लगा कर पकड़ लिया । लेकिन जब उससे पूछताछ हुई तो उसने चोरी करने का जो कारण बताया वह हतप्रभ करने वाला है। उस चोर - [स्वर्ग ले जाने वाली लिफ्ट ](https://kahanitak.com/elevator-to-heaven-by-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पांडेय दिल्ली के केशवपुरम इलाके में लिफ्ट में एक युवक की मौत हुई है । कारण यह है कि उसमें करेंट आ गया था । फिलहाल पुलिस ने लिफ्ट सील कर दी है और यह पता लगा रही है कि इसका जिम्मेदार कौन है ? इसके अलावा और कोई महत्वपूर्ण सूचना इस खबर में - [छात्रों के लिए दो दिवसीय तनाव प्रबंधन कार्यशाला शुरू](https://kahanitak.com/two-day-stress-management-workshop-started-for-students-by-team-kahnaitak/) - टीम कहानीतक - पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय धुबरी, असम के छात्रों के तनाव प्रबंधन हेतु विद्यालय के प्राचार्य श्री बी आर शर्मा के निर्देशन में *दो दिवसीय तनाव प्रबंधन कार्यशाला* का आयोजन 22-23 जनवरी 2025 को किया गया जिसके प्रथम दिन छात्रों को परीक्षा तनाव से बचाव के उपायों से अवगत कराते हुए रिसोर्स - [डिजिटल प्रशिक्षण के पक्ष में ](https://kahanitak.com/in-favor-of-digital-training-by-dr-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय इसमें कोई विवाद नहीं होना चाहिए कि विद्यार्थियों को अपनी सुरक्षा के लिए फोन देने से पहले अब एक पात्रता तय कर लेनी चाहिए । हाल ही में एक समाचार आया है कि एक चौबीस वर्षीय युवक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से एक याचिका बनकर एक छात्रा से पैसे मांगे और वह - [बोल - 1 ( रिपोर्ट )](https://kahanitak.com/bol-1-riport-by-team-kahnitak/) - एक सांस्कृतिक आयोजन टीम कहानीतक - दिनांक 19 जनवरी 2025 , रविवार को ज्ञान तारा प्रेस और ज्ञान विज्ञान प्रसार न्यास के तत्वावधान में बोल -1, दो शायर दो कवि कार्यक्रम प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया , नयी दिल्ली में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के आयोजन में कृष्ण मेनन जी, सौरभ शेखर जी और चैतन्य - [कवि](https://kahanitak.com/kavi-poem-by-rashmi-vibha-tripathi/) - रश्मि विभा त्रिपाठी हमेशा देखती हूँ मैं हवा के हाथों में धूप की परछाईं में झील के शीशे में शिखर की अंगड़ाई में जाह्नवी के द्वारे जुन्हाई के तेज बल्बों में कत्थक कला की प्रस्तुति देती उर्मि के उत्साही तलवों में राग प्रभाती गाते पंछियों के पंखुड़ी- से होठों पर आकण्ठ मग्न अटारी,छज्जे, कोठों पर - [अ से अंगीठी](https://kahanitak.com/a-se-angeethee-by-dr-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय एक साधारण नागरिक जो एक छोटी सी प्राइवेट नौकरी करता है,उसकी शिक्षा का स्तर क्या होना चाहिए, बल्कि यह प्रश्न यह होना चाहिए कि उसकी समझ सामान्य विज्ञान की कैसी होनी चाहिए ?इस प्रश्न को उठाने का संदर्भ यह है कि गत शनिवार की रात दिल्ली में एक लॉजिस्टिक कंपनी में काम करने - [महंगी महबूबा](https://kahanitak.com/expensive-lover-writer-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र मैं सस्ता सा आशिक तेरा तू महंगी महबूबा है. तेरा खर्च मैं कैसे उठाऊं सोच में ए दिल डूबा है. बापू से जब पैसे मांगू मुझको आंख दिखाता है. मजबूरी भी बहुत है घर में दो ही जून का आंटा है. बापू जितना वेतन पाते उससे अधिक महंगाई है. बहन की फीस - [रहमान की भैंस ( बाल कहानी )](https://kahanitak.com/rehmans-buffalo-childrens-story-by-thakur-prasad-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र मियां रहमान पहलवानी का शौक रखते थे । गोरा रंग ,गठा शरीर ,ऐंठी हुई भुजाएं कुल मिलाकर वे पहलवान थे । जितने वे स्वस्थ थे उससे अधिक उनमें फुर्ती । उन्होंने कई दंगलों में अपने से अधिकतर बडे पहलवानों को चित किया था । इन सबमें सबसे ज्यादा सहायक थी उनकी भैंस - [घबराए नहीं योजनाबद्ध ढंग से करें परीक्षा की तैयारी](https://kahanitak.com/dont-panic-prepare-for-the-exam-in-a-planned-manner-by-manoj-kumar-tiwari/) - परीक्षा का समय निकट आते ही छात्रों की दिनचर्या अनियमित होने लगती है जिससे छात्रों का समय व्यवस्थापन, खानपान, आराम का समय, खेलकूद, मनोरंजन सभी की व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो जाता है। छात्रों के संवेगात्मक अवस्था में नकारात्मकता अधिक होने से उनकी संज्ञानात्मक क्षमताएं (सीखना, स्मृति, चिंतन, प्रत्यक्षीकरण व अन्य) ठीक से काम नहीं करती। छात्र - [अमित कुमार मल्ल के नवीनतम काव्य संग्रह पर साहित्य आकादमी नई दिल्ली में चर्चा परिचर्चा](https://kahanitak.com/discussion-on-amit-kumar-malls-latest-poetry-collection-at-sahitya-akademi-new-delhi-teem-kahanitak/) - टीम कहानी तक - यूं तो मानव जीवन ही दुर्लभ है और उसमें भी दुर्लभ है रचनाकार (कवि) होना । मां वीणावादिनी की असीम अनुकंपा से ही किसी को कवि को होने का सौभग्य प्राप्त होता है । ऐसे में उन्हीं दुर्लभ लोगों में से एक हैं अमित कुमार मल्ल जिन्हें प्रतिष्ठित साहित्यकार होने का - [नारी का आर्थिक स्वावलंबन मानसिक स्वास्थ्य के लिए उत्तम : डॉ मनोज तिवारी](https://kahanitak.com/womens-economic-independence-is-good-for-mental-health-dr-manoj-tiwari/) - टीम कहानी तक --खुला आसमान संस्था व जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, वाराणसी के संयुक्त तत्वाधान में गंगा के पावन रविदास घाट पर सहकारी सप्ताह के अवसर पर *सामाजिक उत्थान में सहकारिता की भूमिका* विषय पर महिलाओं हेतु जागरूकता का कार्यक्रम आयोजन किया गया। सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री मिलिंद ने कार्यक्रम को संबोधित - [डॉ मनोज तिवारी मधुमेह शिक्षा सारथी सम्मान से सम्मानित](https://kahanitak.com/dr-manoj-tiwari-honored-with-diabetes-education-sarathi-award/) - टीम कहानी तक--काशी हिंदू विश्वविद्यालय के स्वतंत्रता भवन में विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर पैनेसिया हॉस्पिटल द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी व सम्मान समारोह में वाराणसी के प्रसिद्ध लेखक, शिक्षाविद एवं मनोवैज्ञानिक डॉ मनोज कुमार तिवारी, वरिष्ठ परामर्शदाता, एआरटी सेंटर, एसएस हॉस्पिटल, आईएमएस, बीएचयू को लेखन, शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके द्वारा किए - [उत्तर प्रदेश में,के.सी.त्यागी के सिपाही जदयू गाजियाबाद महानगर अध्यक्ष संजय विंदल ने भाजपा प्रत्याशी संजीव शर्मा के समर्थन में झोंकी ताकत मांगे वोट](https://kahanitak.com/in-uttar-pradesh-kc-tyagis-sipahi-fort-ghaziabad-metropolitan-president-sanjay-windle-supported-bjp-cause-sanjeev-sharma/) - जदयू के गाजियाबाद महानगर अध्यक्ष संजय विंदल ने भाजपा प्रत्याशी संजीव शर्मा को सौंपा समर्थन पत्र -- टीम कहानी तक--जज्बा हो कुछ कर गुजरने का अपने समाज के लिए तो क्या नहीं हो सकता है । इसी के उदाहरण हैं अखिल भारतीय व्यापार व जदयू के गाजियाबाद महानगर के अध्यक्ष संजय विंदल । गाजियाबाद विजय - [रावण का दिग्विजयी अभियान भाग-5](https://kahanitak.com/ravanas-victorious-campaign-part-5-ravanas-war-with-yamraj-writer-thakur-prasad-mishra/) - यमराज से रावण का युद्ध ठाकुर प्रसाद मिश्र महाराज अनरण्य के बध के बाद लंकापति रावण युद्ध के भाव से पुष्पक पर सवार हो आकाश मार्ग से संपूर्ण पृथ्वी के ऊपर विचरण कर रहा था । उसी समय बादलों पर पांव रखे हुए से खडे महर्षि नारद से जो अपने तेज से उद्दीप्त हो रहे - [कार्यस्थल पर तनाव: कारण, लक्षण एवं प्रबंधन](https://kahanitak.com/stress-at-workplace-causes-symptoms-and-management-writer-dr-manoj-kumar-tiwari/) - डॉ मनोज कुमार तिवारी वरिष्ठ परामर्शदाता एआरटी सेंटर, एस एस हॉस्पिटल, आईएमएस, बीएचयू, वाराणसी। दुनिया की लगभग 60% आबादी काम करती है उनमें से 80% लोग कार्यस्थल पर काम के दौरान तनाव महसूस करते हैं। कार्यस्थल पर तनाव, कर्मचारियों को काम में आने वाली मांगों, दबावों व चुनौतियों के कारण होने वाले भावनात्मक, शारीरिक व - [ब्रेनट्यूमर कारण, निवारण और बचाव -भाग-1](https://kahanitak.com/brain-tumor-causes-prevention-and-treatment-by-dr-manish-kumar/) - ब्रेनट्यूमर आकार, प्रकार, लक्षण Dr. Manish Kumar, Neurosurgeon ब्रेनट्यूमर मस्तिष्क में या उसके आस-पास कोशिकाओं की वृद्धि है। ब्रेन ट्यूमर ब्रेन के ऊतकों में हो सकता है उसके आलावा ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क के ऊतकों के पास के ऊतकों से भी शुरू हो सकता है । आस-पास के ऊतकों में तंत्रिकाएँ, पिट्यूटरी ग्रंथि, पीनियल ग्रंथि और - [रावण का दिग्विजयी अभियान भाग -4](https://kahanitak.com/ravanas-victorious-campaign-part-4-writer-thakur-prasad-mishra/) - रावण द्वारा अयोध्या के महाप्रतापी राजा अनरण्य का बध और रावण का उनके द्वारा शापित होना ठाकुर प्रसाद मिश्र महाराज मरुत को पराजित करने के बाद रावण का दिग्विजय अभियान संपूर्ण पृथ्वी पर बहुत काल तक चलता रहा । इंद्र और वरुण के समान अनेक बलशाली राजाओं ने बरदान के द्वारा अजेय शक्ति प्राप्त रावण - [ले चल मुझे भुलावा देकर ](https://kahanitak.com/take-me-away-and-make-me-forget-writer-dr-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय देह और मन का विश्राम लेना आवश्यक हो जाता है । यह खुद को खो कर फिर से पाने जैसा है । जब जीवन में एकाकीपन और शोर बहुत बढ़ जाए तब ऐसा लगता है कि कहीं दूर निकल चला जाए जहां हम अपने से भी अलग हो जाएं। लेकिन यह ऐसी अभिलाषा - [तो बता देना](https://kahanitak.com/so-tell-me-hindi-poem-written-by-vishakha-goel/) - विशाखा गोयल इन हवाओ में छोड़ा था जो तुझ तक वो पैगाम पहुंचा क्या ?! सरे-आम किया था, याद है? तुझ तक वो ऐलान पहुंचा क्या ?! पन्नो में सिमटा हुआ सा, तुझ तक वो गुलाब पहुंचा क्या ?! पहुंचे तो बता देना.. सायल हो गयी हूँ, अब तो समझ ले, और जो ना समझे, - [गंगा तीरे](https://kahanitak.com/gangatire-bhojpuri-novel-writer-thakur-prasad-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र गणनायक गणपति गिरा उमा के साथ महेश । वन्दौं चरण समान हित ब्रह्मा विष्णु सुरेश।। मेरा कल्पना लोक सब आप करें साकार । अंकुर को निज कृपा से करें बृहद आकार ।। भीड भरा पटना स्टेशन ट्रेनों की आवाजाही से निरंतर गूंजता गडगडाहट का शोर । नर-नारी रंग-विरंगे परिधानों से लेकर ,मैले - ["मै और मेरा"](https://kahanitak.com/me-and-mine-poem-writer-sanjeev-goel/) - संजीव गोयल 'मै और मेरा' की भावना इंसानों में होती है कितनी प्रबल 'मै और मेरा' से ही मिलता है लोगों को जीवन में संबल, 'मै' की चादर ओढ़ कर जी रहा है इंसान अपनी मस्ती में एकल बेखबर कि इससे नष्ट हो जाता है बहुतों का आज और कल, 'मै और मेरा' त्याग कर - [दीपावली का इतिहास और महत्व](https://kahanitak.com/history-and-importance-of-diwali-by-dr-sandeep-kumar/) - KAHANITAK.COM दीपावली का इतिहास और महत्व - [दो रोटी](https://kahanitak.com/two-breads-hindi-story-writer-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र चंदनपुरा गांव क्षत्रियों की बहुलता वाला गांव था । गांव में अनेक जाति के मनुष्य रहते थे । य़था ब्राह्मण, यादव, बनिया, लोहार, नाई, कहार और गांव के दक्षिण दलित बस्ती थी। ठाकुर साहब के घर का दरवाजा बहुत भव्य बना व सजा हुआ था । ठाकुर भानुप्रताप दरवाजे के शनगर व्यक्तित्व - [रावण का दिग्विजयी अभाियान ---भाग-3](https://kahanitak.com/immortal-bird-crow-dhaarmik-katha-religious-story-writer-thakur-prasad-mishra/) - अमर पक्षी कौआ ठाकुर प्रसाद मिश्र वेदवती के प्रति विफल मनोरथ रावण पुनः पुष्पकारूढ होकर पृथ्वी पर सब ओर भ्रमण करने लगा । और इस तरह वह तुषीर बीज नामक देश में पहुंचा और देखा वहां महाराज मरुत सभी देवताओं के साथ यज्ञ कर रहे हैं । साक्षात् वृहस्पति के भाई संवर्त देवताओं के संग - [रावण का दिग्विजयी अभियान ---भाग दो](https://kahanitak.com/brahmarshi-girl-vedavatis-contempt-and-curse-by-ravana-story-writer-thakur-prasad-mishra/) - रावण द्वारा ब्रहमर्षि कन्या वेदवती का तिरस्कार एवं शापित होना ठाकुर प्रसाद मिश्र श्रीमदवक्र न कीन्ह केहि प्रभुता बधिर न काहि । मृगनयनी के नयन सर को जग लाग न जाय़ ।। संपूर्ण मानव सृष्टि आदि से लेकर अंत तक महात्मा तुलसीदास द्वारा मानस में वर्णित मानवों का चरित्र इन्हीं उपरोक्त तीन शब्दों के इर्द-गिर्द - [राजधानी लखनऊ में दिसंबर माह में शुरू होगा लीजेंड्स लीग क्रिकेट एलएलसी टेन-10 मैच](https://kahanitak.com/kerasa-lucknow-panthers-stars-will-shine-in-legends-league-cricket-match-news-by-teem-kahanitak/) - लीजेंड्स लीग क्रिकेट मैच में केरासा लखनऊ पैंथर्स के सितारों का रहेगा जलवा टीम कहानीतक--- क्रिकेट की रवानगी का रंग ऐसा है कि हर भारतीय का दिल क्रिकेट मैच का नाम सुनकर रोमांचित हो उठता है । भारतीयों के लिए क्रिकेट चाहे अंतर्राष्ट्रीय हो या फिर घरेलू रवानगी तो सिर चढ़कर बोलती ही है । - [मोलोक की खोज में](https://kahanitak.com/in-search-of-moloch-writer-dr-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय विंध्याचल के पार एक खोई हुई सी जगह है - सिंगरौली । सन 83 में निर्मल जी ने यात्रा करके वहां के बारे में लिखे यात्रा वृत्तांत का जो शीर्षक दिया वह था "जहां कोई वापसी नहीं"। विकास के लिए स्थानीय ग्रामीणों का विस्थापन इस वृत्तांत का बहता घाव है। अंत में वे - [रावण का दिग्विजयी अभियान](https://kahanitak.com/ravanas-digvijay-story-writer-thakur-prasad-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र लंकाधिपति तप बल से मदोन्मत्त होने के कारण जब अपने बडों का सम्मान करना बंद कर दिया, तो उसके पिता विसस्श्रवा ने उसे राक्षस धर्मी होने का शाप दे दिया । तप बल से प्राप्त वरदान के कारण और शारीरिक रूप से अत्यंत विशाल एवं प्रबल होने के कारण सामान्य शत्रुओं में - [धननाश मनस्ताप गृह क्लेश स्वयं का ठगा जाना और अपमान कभी किसी दूसरे को नहीं बताएं –आचार्य चाणक्य](https://kahanitak.com/never-tell-the-loss-of-wealth-heartbreak-home-distress-insult-to-yourself-to-anyone-else-acharya-chanakya-writer-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र आचार्य चाण्क्य एक महान राजनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री और दार्शनिक थे । आचार्य चाणक्य द्वारा लिखित राजनीति और अर्थशास्त्र नामक पुस्तक राजनीति ,आर्थशास्त्र और प्रशासन पर एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इसी प्रकार उनके द्वारा लिखित दूसरी पुस्तक नीतिशास्त्र जीवन के विविध आयामों पर महत्वपूर्ण नीतियां व सिद्धांत हैं । वे अपने इसी ग्रंथ में - [असंतोष](https://kahanitak.com/dissatisfaction-hindi-poem-writer-thakur-prasad-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र शांत सुस्थिर जन मानस में उठती आज हिलोरें । कांप रहे स्तंभ गगन के अवनि खडी कर जोरे ।। युग-युग से वाडव की ज्वाला सागर छाती दहती । ज्वाला मुखी सुलग हर उर में नई कहानी कहती ।। अंबु जलाता नित-निजत्व को पर आश्रित सुख देता । स्वाति नक्षत्र सुधा पद देकर - [सोनखरि (अयोध्या में स्वर्ण वर्षा क्षेत्र )](https://kahanitak.com/sonkhari-golden-rain-field-in-ayodhya-writer-thakur-prasad-mishra/) - ठाकुरप्रसाद मिश्र शास्त्र मत के अनुसार इस सृष्टि के अभ्युदय काल में जो पहला नगर बसा वह कोई सामान्य नगर नहीं था, और न ही उसे बसाने के लिए पृथ्वी से कोई सामग्री ली गयी थी । सृष्टि प्रारंभ करने के लिए भगवान ब्रह्मा ने परामात्मा श्री हरि का यजन कर उनकी कृपा से शक्ति - [एक भूला हुआ पुराना टीवी धारावाहिक - 'मशाल'](https://kahanitak.com/a-forgotten-old-tv-serial-mashal-writer-dr-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय दृश्य मीडिया में हिंदी प्रोफेसर की गंभीर छवि कम ही प्रस्तुत की जाती है क्योंकि अक्सर उन्हें मजाकिया दृश्यों में बकवास करते हुए दिखाया जाता है। लेकिन रामानंद सागर की रामायण में भगवान राम का चरित्र निभाने वाले प्रसिद्ध अभिनेता अरुण गोविल ने 'मशाल' नाम से एक सीरियल बनाया था जो दूरदर्शन पर - [युग परिवर्तन](https://kahanitak.com/change-of-era-hindi-poem-writer-thakur-prasad-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र वंजर मरुभूमि का भी उच्च भाल हो गया । श्वेत पंख ओढ कैक भी मराल हो गया । कागज के फूल में सुगंधि इत्र की बसी प्रकृति महान की महानता जहां लसी । खा रही है यज्ञ भाग राक्षसी न रोक है । म्लेक्ष पाशकपिला रभां रही सशोक है । कुक्कुट सारिका - [हृषिकेश मुखर्जी की फिल्म 'चुपके चुपके](https://kahanitak.com/hrishikesh-mukherjees-film-chupke-chupke-writer-dr-arunakar-pandey-hindi-cinema-hindi-film/) - अरुणाकर पाण्डेय मुझे अमिताभ बच्चन (सुकुमार) और धर्मेंद्र जी (परिमल) की जोड़ी 'शोले' की तुलना में 'चुपके-चुपके' (1975) में अधिक पसंद आई (जय और वीरू के प्रति सम्मान के साथ)। मेरे लिए यह एक दूरदर्शन की फिल्म रही है। अधिक पसंद किये जाने का कारण शायद इस फिल्म के विभिन्न किरदार, कहानी की लय और - [ठिकाने ](https://kahanitak.com/hideouts-hindi-poem-writer-dr-arunakar-pandey-hindi-poetry-hindi-kavita/) - अरुणाकर पाण्डेय वे ठिकाने जहां पिछली सदी में आलोचक फैले हुए मिलते थे और सत्ता के लिए प्रति संस्कृति थे अब केवल एक बुलंद इमारत भर ही रह गए कविता जब आत्मकथा और कवियों की जीवनी भर रह गई तब वे बीच शहर में होते हुए भी कोसों दूर हो गए न जाने पिछले दशकों - [चंद्रवंश के संस्थापक महाराज पुरुरुवा के पिता की कहानी](https://kahanitak.com/one-month-male-one-month-female-maharaja-il-writer-thakur-prasad-mishra/) - एक माह पुरुष एक माह नारी महाराजा इल ठाकुर प्रसाद मिश्र अति प्राचीन काल की बात है प्रजापति कर्दम के पुत्र महाराज इल बाहलीक देश के नरेश थे । ये परम धर्मात्मा, परम तपस्वी, परम उदार एंव परम योद्धा थे । इनके य़श का प्रकाश संपूर्ण पृथ्वी पर फैला हुआ था । एक बार महाराज - [पिता](https://kahanitak.com/father-hindi-poem-written-by-dr-satyendra-satyarthi/) - डॉ सत्येन्द्र सत्यार्थी है निशा जिंदगी, जागरण हैं पिता, हर तरक्की के अंतःकरण हैं पिता। जिंदगी मुश्किलों ठोकरों से भरी, उनसे बचने का दृढ़ आवरण हैं पिता। कष्ट-ग़म के हलाहल पिये शांति से, धैर्य-गाम्भीर्य के आचरण हैं पिता। सिर्फ चाहें कि संतान आगे बढ़े, प्रगति-उन्नति के वातावरण हैं पिता। माँ अगर वाङ्मय काव्य-संसार है, उच्चतम-शुद्धतम - [प्रौद्योगिकी संस्थानों में भाषा की समस्याएँ](https://kahanitak.com/language-problems-in-institutes-of-technology-written-by-dr-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय अक्टूबर 2016 की बात है ।तब भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के बारे में शिक्षण-भाषा के संदर्भ में एक समाचार पढ़ने को मिला था कि अंग्रेज़ी न जानने के कारण कई छात्र परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो पाते और उन्हें संस्थान से कोर्स पूरा किये बिना बाहर होना पड़ता है |इसके लिए जो आँकड़ा जारी - [देवराज इंद्र को ब्रह्महत्या का दोष](https://kahanitak.com/devraj-indra-accused-of-brahma-murder-writer-thakur-prasad-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र प्राचीन काल में एक त्वष्टा नाम के प्रजापति हुए। प्रजापति त्वष्टा का एक विश्वरूप नाम का पुत्र था। जो महान तपस्वी था । जिसका यश संपूर्ण संसार में व्याप्त था। उसकी तपस्या से डरकर देवराज इंद्र ने उसका वध कर दिया। जिसे सुन करके प्रजापति त्वष्टा को बहुत क्रोध आया और उन्होंने - [एक सच](https://kahanitak.com/a-truth-hindi-story-writer-ramesh-kumar-mishra-hindi-story/) - रमेश कुमार मिश्र उस अजनबी में ऐसा क्या है? जो मेरा चित्त उससे हटता ही नहीं है। बराबर उसी के बारे में सोचती रहती हूँ। मैं बार-बार जितना उससे अपना मन हटाने की कोशिश करती हूँ, उतना ही उसके करीब अपने -आप को पाती हूँ। रागिनी ऐसा सोच ही रही थी कि अचानक उसने सोचा रमेश कुमार मिश्र उस अजनबी में ऐसा क्या है? जो मेरा चित्त उससे हटता ही नहीं है। बराबर उसी के बारे में सोचती रहती हूँ। मैं बार-बार जितना उससे अपना मन हटाने की कोशिश करती हूँ, उतना ही उसके करीब अपने -आप को पाती हूँ। रागिनी ऐसा सोच ही रही थी कि अचानक उसने सोचा - [सवाल भूख का](https://kahanitak.com/question-of-hunger-hindi-story-writer-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र माँ आज बाजार नहीं चलोगी क्या? माँ ने कहा नहीं, मेरे बच्चे। माँ देखो तुम ने पिछले बुधवार को कहा था कि रविवार को तुम मुझे नए कपड़े दिलाओगी, पर आज आप मना कर रही हो। आखिर मैं आपकी बेटी होकर गुनाह की हूँ ? आज मेरी जगह पर आपका कोई बेटा - [विद्यार्थियों के लिए आठ स्मरणीय बातें —आचार्य चाणक्य](https://kahanitak.com/students-should-always-keep-eight-important-things-in-mind-acharya-chanakya-writer-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र आचार्य चाण्क्य भारतीय मनीषा के निपुण विद्वान रहे हैं । जिनकी नीतियों का लोहा पूरी दुनिया मानती है आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों के माध्यम से एक तरफ जहां अपने शत्रु नंद का समूल नाश किया तो दूसरी तरफ अपने चहेते चंद्रगुप्त को अखंड राज्य का राजा बना दिया.। आचार्य चाणक्य सिर्फ - [ ख्वाहिशें](https://kahanitak.com/wishes-hindi-poem-written-by-sanjeev-goel/) - संजीव गोयल ख्वाहिशों का हमारी साँसों से है एक अटूट संबंध ख्वाहिशों के बिना हमारे जीवन में है सिर्फ क्रंदन, किसी को ख्वाहिश है नभ के शिखर को छूने की तो किसी को ख्वाहिश है समाज में फैले विष को पीने की, किसी को ख्वाहिश है अपने प्रभु भक्ति में डूब जाने की तो किसी - [आसान थोड़े ही है](https://kahanitak.com/aasaan-thode-hee-hai-by-vishakha-goel/) - आसान थोड़े ही है KAHANITAK.COM - [एकाकी](https://kahanitak.com/isolated-hindi-poem-written-by-vishakha-goel-hindi-poetry/) - विशाखा गोयल मैंने ऊंची चढ़ाई देखी देखी फिसलती ढलाने भी, ठिठकना, थमना, गिरना देखा गिरकर देखीं उड़ानें भी, सफर देखा, देखे मुसाफिर और उनके ठिकाने भी, पीडा, रुदन, अफसोस देखा देखे कुछ खुश अफसाने भी, अंधेर भरी नगरी देखी देखे रौशन मयखाने भी, मन की बगिया गुलज़ार देखी देखे मैंने वीराने भी, देखा इतना जब - [नारी...](https://kahanitak.com/woman-hindi-poem-writer-dr-sandeep-kumar/) - डा. संदीप कुमार नर की आशा, प्रेम और विश्वास नारी है दुर्गा रूप में प्यारी, काली बन संघारी है.. सरस्वती बनकर देती बुद्धि और ज्ञान तो लक्ष्मी बन घर की किस्मत सँवारी है.. नारी शक्ति के बिना हर नर अधूरा है माँ से बेटी तक रूपलिए ज़िंदगी गुज़ारी है.. मुश्किलों से लड़ना बख़ूबी उसे आता - [राजनीतिज्ञ](https://kahanitak.com/politician-poem-written-by-thakur-prasad-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र रहे सदा शुभ तुम्हें तुम्हारी राजनीति य़ह हमें हमारी रंक नीति ही भाने दो। जहाँ रिक्त हो जाए तुम्हारा अक्षय तरकश, वह अनचाही स्थिति अब मत आने दो। टूटी पाटी खाट वृक्ष की शीतल छाया,भग्न भीत पर फूस झोपड़ी छाने दो। कौन माँगता है तुमसे किस धवल धाम को, विरल बादलों की - [विजयदशमी दुर्गा दशहरा](https://kahanitak.com/vijayadashami-durga-dussehra-story-writer-thakur-prasad-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र देवासुर संग्राम की अनेक कथाएं पुराणो में भरी पड़ी हैं। जिसमें तप बल से प्रबल हुए आसुरी प्रवृत्ति के योद्धा। मानव सृष्टि से लेकर देवलोक को सताने का कार्य करते रहे, जिनसे संसार को मुक्ति दिलाने के लिए महान दिव्य शक्तियों का अवतरण भी होता रहा है। इसी क्रम से संबंधित आज - [एहि सम बिजय उपाय न दूजा ](https://kahanitak.com/there-is-no-other-solution-for-this-victory-writer-dr-arunakr-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय आप सपरिवार रावण-दहन देखने नहीं जा रहे ?" "जी अभी घर पहुँच कर वहाँ से सीधे जाऊंगा" "अच्छी बात है, क्या आप वहाँ पर खोई एक चीज का पता लगा सकेंगे ?" "हाँ, क्यों नहीं, बताईए !!" "आपको विजय-रथ का पता लगाना है, वहीं कहीं पड़ा होगा" "यह क्या है ?" "वही जिस - [सस्ती जिंदगी](https://kahanitak.com/cheap-life-hindi-story-writer-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र एक दिन शाम का वक्त थ मैं अपने घर से बाजार की तरफ जा रहा था । रास्ते में एकाएक हमारे एक पुराने मित्र आते हुए दिख गये। हाथ देकर उन्होंने हमसे रुकने के लिए कहा और मैं उनके हाथ देने के पहले ही मोटर साइकिल में ब्रेक लगा दिया था। हमारे - [राष्ट्र के रत्न रतन टाटा को अश्रुपूरित नेत्रों से विदायी](https://kahanitak.com/farewell-to-the-nations-gem-ratan-tata-with-tearful-eyes-editorial-by-rmesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र टाटा ग्रुप के सफल मार्गदर्शक मशहूर उद्योगपति जिंदादिल इंसान रतन टाटा ने 9 अक्टूबर को मुंबई के कैंडी अस्पताल मे आखिरी सांस ली । रतन टाटा के परलोकगामी होने की खबर फैलते ही पूरे देश में शोक की लहर फैल गयी । हर कोई ऐसे दुखी हुआ जैसे किसी ने अपना बेटा, - [उद्योगपति से इतर व्यक्तित्व के स्वामी रतन टाटा ](https://kahanitak.com/ratan-tata-a-personality-other-than-an-industrialist-writer-dr-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय हाल ही में टाटा उद्योग के सर्वेसर्वा रतन टाटा का निधन हुआ । वे अक्सर अपने सरल, सशक्त और और प्रभावी व्यक्तित्व के लिए समाचारों में बने रहते थे । जब बंगाल में उन्हें नैनो के लिए फैक्ट्री लगाने के लिए भूमि नहीं दी गई तब बिना किसी शिकायत और शोर शराबे के - [हिंदी के प्रसिद्ध आलोचक डॉक्टर रामविलास शर्माजी की जयंती के अवसर पर अरुणाकर जी का आलेख](https://kahanitak.com/then-who-will-read-hindi-books-dr-ramvilas-sharma-writer-dr-arunakr-pandey/) - "फिर हिंदी की किताबें कौन पढ़ेगा ?" डॉक्टर रामविलास शर्मा हिंदी के वरिष्ठ आलोचक डॉक्टर रामविलास शर्मा जी ने यह प्रश्न सन् 93 में एक साक्षात्कार में उठाया था । आज 10 अक्टूबर को उनका जन्मदिन है और वे सन् 1912 में पैदा हुए थे। अतः इस प्रश्न को उन्होंने तब सबके सामने रखा जब - [महर्षि वशिष्ठ एवं ऋषि विश्वामित्र](https://kahanitak.com/maharishi-vashishtha-and-rishi-vishwamitra-writer-thakur-prasad-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र प्राचीन काल की बात है सतयुग का प्रथम चरण था, सम्पूर्ण सृष्टि सत्य स्वरूप थी। उस समय कोई भी बलवान व्यक्ति राज्य एवं प्रजा का पालन करता रहा हो, व्यवस्था धर्म की होती थी। अतः संपूर्ण जगत का सम्राट कहें या नियंता कहे धर्म ही था। हर व्यक्ति चाहे वह नृपति हो - [मानसिक स्वास्थ्य के लिए विवेकानंद जी के विचार आज भी प्रासंगिक](https://kahanitak.com/vivekanandas-thoughts-on-mental-health-are-still-relevant-today-writer-dr-mnoj-tiwar-ihttps-kahanitak-com-vivekanandas-thoughts-on-mental-health-are-still-relevant-today-writer-dr-mnoj-tiwar-ihttps-ka/) - डॉ मनोज कुमार तिवारी , वरिष्ठ परामर्शदाता एआरटी सेंटर, एस एस हॉस्पिटल, आईएमएस, बीएचयू, वाराणसी आधुनिक समय में भी स्वामी विवेकानंद के एक-एक शब्द दुनिया भर में लोगों को प्रेरित करते हैं, आधुनिक जीवन व तकनीकी प्रगति के बीच स्वामी विवेकानंद जी के विचार व शिक्षा दुनिया भर लोगों के लिए प्रकाश स्तंभ हैं, जो तनाव - [सामुद्रिक विद्या या अंग विद्या](https://kahanitak.com/samudrik-vidya-or-anga-vidya-writer-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र सामुद्रिक विद्या का भारतीय प्राचीन विद्याओं में सर्वश्रेष्ठ स्थान है।विद्वानों का मानना है कि इस विद्या को को सवसे पहले समुद्र ऋषि ने ही संकलित किया था जिसके कारण इसे सामुद्रिक शास्त्र नाम से अभिहित किया जाता है।सामुद्रिक विद्या या अंग विद्या का की गणना ज्योतिष शास्त्र में संहिता स्कंध मे अंतर्भूत - [द्वंद्व और आचार्य रामचंद्र शुक्ल](https://kahanitak.com/dwandva-and-acharya-dwandva-and-acharya-ramchandra-shukla-writer-dr-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने अपने चिंतन में द्वंद्व को पर्याप्त महत्व दिया है जो उनके लेखन में अक्सर उभरता है।एक जगह उन्होंने कहा भी है कि - "अनुभूति के द्वंद्व से ही प्राणी के जीवन का आरंभ होता है।" इसका अर्थ है कि द्वंद्व जीवन की पहचान है।जहाँ द्वंद्व नहीं, वहाँ जीवन नहीं।लेकिन - [तुलसी का मानस ](https://kahanitak.com/tulsi-manas-hindi-poem-thakur-prasad-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र लोक तम हारक उद्धारक अज्ञानिन को । ज्ञानिन को निर्गुण से सगुण पर चलावतो ।। कलि के कराल अनुचरन मुख काठ देत । राव और रंक संबंध को जतावतो ।। दुराचार सरिता में डूबते जो दुखी जन । धर्म रज्जु फेंकि तिन्हैं पार पहुंचावतो. ।। रचिके जो मानस को थापि राखे मानस - [कामना](https://kahanitak.com/desire-hindi-poem-written-by-thakur-prasad-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र भावना की पुष्करणि में मन जलधि का नीर भरकर. कल्पना की डुबकियों से ढूंढ़ते मुक्ता मनोहर. काम की आसक्ति ही यदि पूर्णता का द्वार होती. कर्मफल होता बिकल शुभ उक्तियाँ सिर पीट रोतीं. मृग पिपासा मरु में यदि, कहीं मृदुल जल सागर बनाती. रंक बन जाते नृपति सब दीनता न मुख दिखाती. - [*नित्य रिलैक्सेशन एक्सरसाइज करना मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक: डॉ मनोज तिवारी*](https://kahanitak.com/doing-relaxation-exercises-daily-is-essential-for-mental-health-by-teem-kahanitak/) - टीम कहानी तक--विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के अवसर पर भारतीय शिक्षा शोध संस्थान, लखनऊ में संस्थान के अध्यक्ष प्रो सुरेंद्र कुमार द्विवेदी के निर्देशन में लखनऊ यूनिवर्सिटी के परास्नातक (शिक्षाशास्त्र) के छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक व परामर्शदाता एआरटीसी, एसएस हॉस्पिटल, - [तेरी मुस्कुराहट ही मेरा सुकून...](https://kahanitak.com/your-smile-is-my-peace-poem-by-dr-sndeeop/) - डा. संदीप (Dr.Sandeep) तेरे चेहरे पर हँसी देख कर मैं भी मुस्कुराता हूँ ज़िंदगी की सारी परेशानियाँ यूँ ही भूल जाता हूँ.. --- वैसे तो रोज़ाना रूबरू होते हैं चहेरे मुझ से कई पर तेरे लबों की मुस्कान से ही रूह में सुकूँ पाता हूँ.. --- नाम तेरा लेते ही दिल को जो राहत मिलती - [वेदना](https://kahanitak.com/pain-hindi-poem-wrritten-by-thakur-prasad-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र वेदने सदा धिक्कार तुझे । सिकुड़ी सिमटी रहती उर में जब तक संयोग रहे कर में। हिय व्योम क्षितिज के अंचल में चहकते शकुन गण के पर में। शुभ भाव जहाँ तुम दासी वन फिरती संग-संग, गृह वन उपवन। पर विप्रलंभ के असि प्रहार भय पीड़ित करती है तन-मन । बस इसी - [प्रेमचंद जी की पुण्यतिथि के अवसर पर विशेष ](https://kahanitak.com/special-on-the-occasion-of-premchand-jis-death-anniversary-by-dr-arunakar-pandey/) - उनकी स्मृति - 'हंस' आज भी जीवित है, परन्तु 'हंस' का वह मोती कहाॅ‌ ?" ये उद्गार कथा सम्राट प्रेमचंद जी की पत्नी श्रीमती शिवरानी देवी द्वारा उनके देहावसान के बाद व्यक्त किए गए हैं। वे स्वयं एक उत्कृष्ट लेखिका थीं जिन्होंने अपने समय यानी कि परतंत्र भारत के दौर में स्त्री विषयक कहानियां लिखी - [बाशा और फिल्म पुरस्कार ](https://kahanitak.com/basha-and-film-awards-written-by-dr-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय बड़ा पुराना मुद्दा है कि क्या किसी के काम को यदि बहुत पसंद किया जाए और साथ ही वह एक अपराधी भी हो तो उसे पुरस्कृत करना चाहिए या नहीं ! ताजा मामला दक्षिण के नृत्य निर्देशक शेक जानी बाशा का है जिन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किया जाना था लेकिन जब उन - [जिन्दगी की यही रीत है....](https://kahanitak.com/this-is-the-way-of-life-verse-written-by-dr-sandeep/) - डा.संदीप (Dr.Sandeep) मिलना बिछड़ना फ़िर किसी से मिलना सिर्फ़ बहाना है ज़िंदगी की यही रीत क़िस्मत का लिखा क़िस्सा पुराना है.... मानता हूँ आसान नहीं किसी की यादों को यूँ भूला देना पर रुकना नहीं चलते रहना ज़िंदगी का अज़ब फ़साना है.... इश्क़ की ताक में मत बैठ बनारसी नज़रबाज़ों की तरह उठ जा ढूँढ - [शापित यमराज](https://kahanitak.com/cursed-yamraj-story-wrriten-by-thakur-prasad-mishra-written-by/) - परम भक्त विदुर ठाकुर प्रसाद मिश्र महाज्ञानी विदुर महाभारत ग्रंथ के एक महाज्ञानी, नीतिवान एवं न्यायप्रिय पात्र हैं। इनका जन्म भगवान व्यास द्वारा अंबे एवं अम्बालिका की दासी के गर्भ से होने के बावजूद, तीनों राजकुमारों के पिता महर्षि व्यास ही थे। अतः धृतराष्ट्र पांडु एवं विदुर सौतेले भाई थे, और ये महाराज पांडु एवं - [ईर्ष्या का कबीरी रामबाण](https://kahanitak.com/kabiri-panacea-for-jealousy-written-by-dr-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय कई बार जीवन में ईर्ष्या वश बहुत कठिन अनुभव होते हैं। जब कभी ऐसा होता है कि एक योग्य व्यक्ति अपने स्वयं के बल पर कुछ महत्वपूर्ण पद,प्रतिष्ठा अथवा धन इत्यादि प्राप्त करता है तब उसके आसपास के लोग उससे बेहद ईर्ष्या करने लगते हैं और उसके बारे में अनर्गल प्रलाप खूब जम - [अपना तुम जीवन बीमा करा लो](https://kahanitak.com/get-yourself-life-insurance-poec-wrritevn-by-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र आओ चलो अब बीमा करा लें, जिंदगी में खुशियाँ मना लें । बचत की भी कुछ बात कर लें, संग सुरक्षा साथ धर लें।। क्यों... ? सोचता हूँ जब शहर को, दृश्य आता है उभर कर । स्वार्थी संसार है, नहीं किसी को किसी से प्यार है.।। अपने पराए पल में होते, जब - [जीवन गीत ](https://kahanitak.com/life-song-hindi-poem-by-thakur-prasad-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र आज जीवन गीत गाकर, मृतक को जिंदा बना दो. जो चिता की तरफ उन्मुख, उनकी फिर बस्ती बसा दो. निविड़ जड़ तम ग्रस्त रहा जग, उससे दो दो हाथ करके. अरुण कंपि को फिर जगाकर तिमिर की लंका जला दो. सजल नयनों दीन बयनों से न अब नरता सुरक्षित. भष्म कर दे - [नया बिहान](https://kahanitak.com/new-morning-poem-written-by-thakur-prasad-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र कब नया बिहान होगा? देश की काया कलुष का कब पुन: अवसान होगा? मुर्ख पंडित मान खंडित शर्म नयनों से तिरोहित. त्याग सारी मान्यताएं जौ खड़े दुर्बाद मोहित. त्याग सारे स्वार्थ अवगुण त्याग का कब मान होगा. दस्यु शासक दल बना जो देश को है लूट खाता. करुण क्रंदन निर्धनों का जिन्हें - [समाज सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है-दीपक त्रिपाठी समाजसेवी](https://kahanitak.com/samaj-seva/) - भुजगी निवासी प्रसिद्ध समाज सेवी दीपक त्रिपाठी जी ने समस्त देशवासियों को 78 वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दिया है.दीपक त्रिपाठी जी हर - घर तिरंगा विकसित भारत 2047 की थीम पर मनाए जा रहे स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र प्रथम की बलवती भावना को घर घर पहुंचाने में अपना योगदान देते हुए घर घर - [ ‘कैदी और कोकिला’ में अहिंसा और उत्पीड़न का द्वंद्व](https://kahanitak.com/kaidi-aur-kokila/) - अरुणाकर पाण्डेय यह आलेख प्रसिद्ध गांधीवादी साहित्यकार एवं स्वतंत्रता सेनानी पं. माखनलाल चतुर्वेदी जी द्वारा रचित कविता ‘कैदी और कोकिला’ पर केंद्रित है | अरुणाकर जी का यह आलेख स्वतंत्रता दिवस पर विशेष रूप से प्रकाशित किया जा रहा है जिसमें अहिंसा से उत्पीड़न का सामना करने पर दृष्टि जाती है | इससे यह भी - [जब शरतचंद्र ने अमृतलाल नागर को लिखना समझाया](https://kahanitak.com/amritlal/) - (हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार अमृतलाल नागर की जयंती के अवसर पर विशेष) अरुणाकर पाण्डेय हिंदी साहित्य की दुनिया में अमृतलाल नागर की उपस्थिति ऐतिहासिक महत्व की है क्योंकि उन्होंने तुलसीदास और सूरदास जैसे महाकवियों की जीवन यात्रा को उपन्यास के रूप में प्रस्तुत किया | ये उपन्यास उन संत और भक्त कवियों की जीवनी तो - [दीक्षांत समारोह होंगे भारतीय पोशाक में](https://kahanitak.com/the-convocation-ceremony-will-be-held-in-indian-attire/) - टीम कहानी तक जैसा कि हम सभी जानते हैं कि भारत में दीक्षान्त समारोह के अवसर पर डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र एक विशेष तरह का काला गाउन और टोपी पहनते हैं. यूरोप ने मध्य युग में इस पोशाक की परंपरा को शुरू कर अपने समस्त उपनिवेशों में लागू करा दिया था . तब से - [देववाणी संस्कृत पर मेहरबान उत्तर प्रदेश सरकार-](https://kahanitak.com/uttar-pradesh-government-is-kind-to-devvani-sanskrit/) - टीम कहानी तक"-- संस्कृत जो एक समय भारत की भाषा हुआ करती थी, जिसमें चारों वेद हैं, उपनिषद हैं , पुराण हैं , रामायण व महाभारत जैसे अमिट व अद्भुत ज्ञान ग्रंथ हैं. यह अलग चर्चा का विषय हो सकता है कि वेद वैदिक संस्कृत और रामायण व महाभारत लौकिक संस्कृत में हैं. भारत में - [भूत की तरह बेकाबू मन की दवा : गिरिधर कविराय](https://kahanitak.com/medicine-for-an-uncontrollable-mind-like-a-ghost-giridhar-kavirai-by-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय आज भारत और दुनिया में मानसिक रोग और उनके उपचार के लिए मनोवैज्ञानिक और मनोचिकित्सकों की मांग बढ़ रही है । लेकिन यदि हम अपने एक प्रसिद्ध मध्यकालीन कवि गिरिधर कविराय की एक कुंडली देखें तो यह स्पष्ट दिखता है कि मन की चंचलता और उसके विकारों पर कविता की नजर रहती थी - [अपने स्वभाव से समझौता हानिकारक होता है](https://kahanitak.com/अपने-स्वभाव-से-समझौता-हान/) - अरुणाकर पाण्डेय लोभवश या किसी भय या दबाव के कारण ऐसा होता है कि अपने स्वर को व्यक्ति दबा देता है। जो बात अपना मन कह रहा है,उसमें सुख या संतोष पाने के बावजूद लोग उसे दरकिनार कर देते हैं। इसमें कई बार तो भूमिका अपने परिजनों या प्रियजनों की होती है । उनके दबाव - [शिक्षक ही बचा सकता है सूचना की आंधी से](https://kahanitak.com/only-teacher-can-save-from-the-storm-of-information/) - अरुणाकर पाण्डेय एक प्रसिद्ध चुटकुला है । एक शिक्षक ने अपनी कक्षा में शिष्यों से पूछा कि बताओ अमरीका दूर है या चांद? एक बच्चे ने तुरंत उत्तर दिया कि "सर हमें तो चांद पास लगता है और अमरीका बहुत दूर क्योंकि चांद को हम रोज रात में देख सकते हैं लेकिन अमरीका को नहीं।" - [व्यक्ति की सफलता का आधार बिंदु है व्यवहार](https://kahanitak.com/behavior-is-the-basis-of-a-persons-success-by-rakesh-pandey/) - आचार्य राकेश पाण्डेय एक राज्य के राजकुमार का स्वभाव बहुत उत्पाती था। राजा ने राजकुमार को सुधारने का बहुत प्रयत्न किया, परंतु हर बार असफल रहे। तभी उस राज्य में एक संत का आगमन हुआ। राजा संत से आशीर्वाद लेने गए। राजा को परेशान देखकर संत ने कारण पुछा।राजा ने अपने पुत्र के संबंध में - [आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी की जयंती  के अवसर पर अरुणाकर जी का आलेख विशेष रूप से ](https://kahanitak.com/translated-work-of-acharya-shukla-ideal-life-written-by-dr-arunakar-pandey/) - आचार्य शुक्ल की अनूदित कृति : आदर्श जीवन हिंदी की आधारशिला रखने में आचार्य रामचंद्र शुक्ल का योगदान ऐतिहासिक माना जाता है। उन्हें हिंदी के आलोचक,निबन्धकार और इतिहासकार के रूप में हजारों -लाखों की संख्या में उद्धरित किया जाता है और उनके लिखे हुए को प्रामाणिक मानकर आज भी हिंदी की बहसें की जाती है - [तिलोत्तमा](https://kahanitak.com/tilottamastory-written-by-thakur-prasad-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र जड़ चेतन गुण दोषमय विश्व कीन्ह करतार। संत हंस गुण दोष गहहिं सब परिहरि वारि विकार।। सृष्टि की रचना ही गुण एवं दोषमय तत्वों से हुई है। इसे रचकर विधाता ने तर्क एवं ज्ञानशील जीवधारियों को नीर-क्षीर विवेचना के लिए छोड़ दिया। कॉल चक्र के साथ कभी विनाशकारी दोष गुण पर भारी - [क्यों कठिन होते जा रहे हैं गांधी ?](https://kahanitak.com/why-is-gandhi-becoming-difficult-writer-dr-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय गांधी जयंती को हम एक उत्सव की तरह देखते हैं और इस दिन अक्सर उन्हें बहुत आदर के साथ भारत और विश्व में याद किया जाता है । इससे कोई विरोध नहीं है क्योंकि यदि हम उन्हें साल के बाकी दिनों में अगर भुलाए रखते हैं तो कम से कम यह एक अवसर - [गांधीजी के राम : एक सांस्कृतिक-विमर्श](https://kahanitak.com/gandhijis-ram-a-cultural-discussion-by-arunakar-pandey/) - एक सांस्कृतिक-विमर्श गांधीजी के राम : एक सांस्कृतिक-विमर्श KAHANITAK.COM #custom_field-महात्मा गांधी - [गोविंद बल्लभ पंत पर प्रकाश झा का एक यादगार वृत्तचित्र](https://kahanitak.com/a-memorable-documentary-by-prakash-jha-on-govind-ballabh-pant-by-arunakar-pandey/) - गोविंद बल्लभ पंत पर प्रकाश झा का एक यादगार वृत्तचित्र - [महाराज निमि एवं मुनि वशिष्ठ का पुनर्जन्म](https://kahanitak.com/reincarnation-of-maharaj-nimi-and-muni-vashishtha-written-by-thakur-prsad-mishra/) - यह कथा सृष्टि के प्रारंभिक काल की है। जिसे भगवान श्रीराम ने अपने भाई वीरवर लक्ष्मण के कुतूहल को शांत करने हेतु सुनाई थी। आदिकाल में प्रथम मानव महाराज मनु की तीसरी पीढ़ी में उत्पन्न हुए महाराज निमि के बारे में है। जो श्री मनु के पुत्र महाराज इक्ष्वाकु के पुत्र थे। महाराज इक्ष्वाकु के - [भीख मांगते हुए हाथ](https://kahanitak.com/begging-hands-by-dr-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय मुझे याद है मैं पिछली बार भागा था भीख मांगते उसके हाथों से जब मैं शॉपिंग करना चाह रहा था जितनी स्थिरता उसकी आखों में थी हाथ में थी और कुछ न मिलने पर उसके आगे बढ़ जाने में थी उससे बहुत अधिक बेचैनी मेरे भीतर उसकी और न देखने में थी मैं - [प्रेम की टीस ( हिंदी कहानी )](https://kahanitak.com/the-pang-of-love-hindi-story-written-by-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र सूरज अस्ताचल की ओर जाते हुए अपना प्रकाश धीरे -धीरे कम करता हुआ, ताप रहित पीली रश्मियों से पर्वतों के हरित प्रदेश पर अपनी छटा विखेर रहा था । संध्या के आगोश में सारा जहां समा रहा था । गांव में एक घर है जिसकी दीवारें पुरानी मिट्टी की बनी हुई हैं। - [भैया सर](https://kahanitak.com/brother-sir-hindi-story-written-by-thakur-prasad-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र सेठ गिरधारी लाल ने पत्नी होने के बाद लंबे समय तक अवसाद में रहने के बाद एक दिन वियोग की पीड़ा को दबाते हुए बिना किसी उद्देश्य से के ही सेठानी सरला की आलमारी खोला तो देखा पत्नी के सारे कपड़े एवं गहने के डिब्बे करीने से सजाकर अपने स्थान पर रखे - [श्री हनुमान कथा](https://kahanitak.com/shri-hanuman-katha-by-thakur-prasad-mishra/) - भगवान अगस्त्य से भगवान राम के यह पूछे जाने पर कि सम्स्त युद्ध में अहम् भूमिका हनुमान की रही तो वह सुग्रीव के मित्र व मंत्री होने के बावजूद बालि के विरुद्ध सुग्रीव की सहायता क्यों न कर सके ,पर भगवान अगस्त्य का उत्तर था... ठाकुर प्रसाद मिश्र अंजना नंदनम् वीरं, जानकी शोक नाशनम्। कपीश्मक्षहंतारम्, - [वाघा बॉर्डर से पहली बार](https://kahanitak.com/for-the-first-time-from-wagah-border-by-arunakar-pandey/) - (विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर विशेष) अरुणाकर पाण्डेय चिलचिलाती धूप में वाघा जाने का मतलब होता है पहली या आखिरी बार एक शब्द को जीना जिसे हम पाकिस्तान कहते हैं ठीक उसी तरह जैसे कि जीवन में हम बहुत से शब्द सुनते हैं और कभी एकाध बार ही जान पाते हैं उसके कुछ करीब - [जब कविता ने कवि को बादशाह की कैद से छुड़ाया ](https://kahanitak.com/when-poetry-freed-the-poet-from-the-captivity-of-the-king-by-drarunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय बात सत्रहवीं शती की है । पुहकर नाम के एक कवि थे जो मूलतः मैनपुरी के परतापुर के रहने वाले थे और जीवन के बाद के दिनों में सोमनाथ के पास भूमिगांव में बस गए थे ।एक बार वे आगरा में घूम रहे थे ।उन दिनों भारत में जहांगीर का शासन था । - [निष्ठा ](https://kahanitak.com/loyalty-written-by-thakur-prsad-mishra/) - निष्ठा - [पुस्तकों के लिए](https://kahanitak.com/for-books-wirtten-by-dr-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय लगभग एक दशक पहले अमरीका की अलाबामा स्थित एथेंस लाइमस्टोन पब्लिक लाइब्रेरी की एक अनूठी और विचारणीय खबर सामने आई थी | इस पुस्तकालय में लगभग दो लाख डॉलर राशि की पुस्तकों की प्राप्ति नहीं हुई थी, यानी लोग वहाँ से किताबें लेकर जाते रहे पर सही समय पर उन्हें पुस्तकालय में जमा - [दिगंबर का भूत](https://kahanitak.com/ghost-of-digambara-hindi-story-story-of-hindi-written-by-ramesh-kuamar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र रचनापुर गांव के स्कूल में दिगंबर और ज्योति सहपाठी थे।पांचवी कक्षा तक दोनों एक ही कक्षा और एक ही खंड में साथ- साथ बैठते थे। दोनों में बचपने की गहरी दोस्ती थी ।ज्योति और दिगंबर की टिफिन घर से तो अलग -अलग आती थी लेकिन स्कूल में लंच के समय एक - [मूरति मुसुकानी](https://kahanitak.com/murti-musukani-by-thakur-prasad-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र आज जनकपुर की शोभा स्वर्ग छटा को लज्जित कर रही है। नगर की सज्जा देख विधाता भी भ्रम में हैं। सोच रहे हैं कि ऐसी सुंदर रचना तो मैंने कभी की ही नहीं। मुनि विश्वामित्र के संग धनुष यज्ञ देखने आए अवध नृपति के युगल किशोर सुत राम एवं लक्ष्मण भी गुरु - [परिवार महासंघ की क्षेत्रीय अभिभावक कार्यशाला का बीएचयू में हुआ शुभारम्भ](https://kahanitak.com/workshop-of-parivar-mahasangh-started-in-bhu/) - परिवार महासंघ की क्षेत्रीय अभिभावक कार्यशाला का बीएचयू में हुआ शुभारम्भ KAHANITAK.COM - [सांझ का दीपक  ](https://kahanitak.com/evening-lamp-story-by-ramesh-kumar-mishra/) - सांझ का दीपक KAHANITAK.COM टिमटिमाते दीपक लाइन मैन जनरेटर - [एक दन्त](https://kahanitak.com/a-tooth-by-thakur-prasad-mishra/) - एक दन्त भगवान गणेश महात्मा तुलसीदास शिव एवं पार्वती परशुराम पुत्र गणनायक करिवर वदन - [" बेवफा दोस्त"](https://kahanitak.com/unfaithful-friend-story-by-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र रात्रि का समय खुला आसमान नीम का पेड़ उसके नीचे बैठकर मैं बिजली की रोशनी में कुछ पढ़ रहा था, कि एकाएक मेरी निगाह उत्तर दिशा में आसमान की तरफ गयी। सप्त तारा मण्डल एक विशेषाकृति में दिख रहा था। हल्की-हल्की हवा चल रही थी। जिससे नीम की डालियाँ झूम रही थी - [सच्चा मित्र दुर्लभ है : गिरिधर कविराय](https://kahanitak.com/true-friend-is-rare-giridhar-kavirai-by-dr-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय कहा जाता हैं कि अपने जीवन के सारे संबंध आपको मिलते हैं लेकिन एकाध संबंध ऐसे होते हैं जिन्हें आप अपनी पसंद से चुनते हैं। मित्र का संबंध भी एक ऐसा ही संबंध है जिसे हम अपनी स्वेच्छा से चुनते हैं और उसे जीते हुए अपने अनुभव को विस्तार देते हैं। यह बहुत - [*परिवार महासंघ की क्षेत्रीय अभिभावक कार्यशाला का आयोजन 21-22 सितंबर को बीएचयू में*](https://kahanitak.com/organization-of-regional-parent-workshop-of-family-federation-on-21-22-september-in-bhu/) - *परिवार महासंघ की क्षेत्रीय अभिभावक कार्यशाला का आयोजन 21-22 सितंबर को बीएचयू में* बनारस हिंदू विश्वविद्यालय कार्यशाला का आयोजन वाराणसी Events - [सूर्य कन्या तपती](https://kahanitak.com/sun-girl-tapti-by-thakur-prasad-mishra/) - कुरु वंश की जननी सूर्य कन्या तपती ,पौरव वंशी महाराज संवरण की पत्नी थीं। ठाकुर प्रसाद मिश्र पूर्व काल की बात है,हिमालय का कुछ दुर्गम क्षेत्र देवराज इन्द्र के नियंत्रण में था।अतः देव गण, देव कन्याएं, अप्सराएँ अक्सर देव लोक से चलकर उन स्थलों पर भ्रमण करने आया करते थे । एक समय भगवान सूर्यदेव - [अंग्रेजी उपन्यास ‘ब्लैक ब्यूटी’ के सम्मानार्थ](https://kahanitak.com/in-honor-of-the-english-novel-black-beauty-by-arunakar-pandey/) - अंग्रेजी उपन्यास ‘ब्लैक ब्यूटी’ के सम्मानार्थ अंग्रेजी उपन्यास - [शापित दंडक वन](https://kahanitak.com/cursed-punisher-forest-by-thakur-prasad-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र जब भी प्रभु श्री राम के भक्त श्री राम चरित मानस का पाठ करते हैं तो दंडक वन का विशेष रूप सेउल्लेख आता है . और कहा जाता है कि भगवान श्री राम के चरण प्रवेश मात्र से इसका शाप दूर हो गया था. यह चर्चा अन्य हिंदू धर्म शास्त्रों में भी - [यह सेतुबंध! ](https://kahanitak.com/this-bridge-poem-by-arunesh-mishra/) - अरुणेश मिश्र यह सेतुबंध ! किस मेधावी अभियंता ने कर सुरुचिपूर्ण इसका प्रबंध । बतला दी तीनो लोकों में भगवान राम की ही सुगंध । यह सेतुबंध ! यह सेतु जोड़ता नदियों से सागर इससे जुड़ जाते हैं भूले भटके जो लोग भ्रमित वह सेतु ओर मुड़ जाते हैं । यह सेतु जगत में भिन्न - [धैर्य](https://kahanitak.com/patience-wrtten-by-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र घनघोर घटाओं का गर्जन, या कि समुद्र की प्रचंड लहर | कब रोक मनुज को पाया है विघ्नों का नंगा क्रोध प्रबल ? है प्रकृति अगर बहुबल प्रकीर्ति तो दिव्य अमर मानवता भी | है विगत गवाह प्रलय का भी मिट गये लोग मिटी सभ्यता भी || पर क्या जीवन मिटा कभी - [निर्झर है ये जीवन..](https://kahanitak.com/this-life-is-waterless-nazm-by-dr-sandeep-kumar/) - डा. संदीप (Dr.Sandeep) जीवन तो निर्झर है चंचल इसका पानी है.. पवनवेग से बहते रहना ही इसकी कहानी है.. निर्झर में जीवन है गति है यौवन है जवानी है.. सपनों को पँख लगाकर उड़ान भरती जानी है.. घाटियों से बहते हुए रास्ते की बाधाएँ हटानी है.. पत्थरों से टकराकर दे जाता अपनी निशानी है.. नज्मकार -पत्रकार, - [दर्द-ए-तन्हाई](https://kahanitak.com/pain-and-loneliness-nazm-by-dr-sandeep/) - डा. संदीप (Dr.Sandeep) वो कुछ इस तरह उमड़ती घुमड़ती मेरी ज़िंदगी में आई थी जैसे तपती ज़मी की प्यास बुझाने बादलों ने ली अंगड़ाई थी.. --- उसकी बातें मेरे दिल-ओ-दिमाग़ पर कुछ इस कदर छाई थी जैसे शाम की धुँधलाहट में चिराग़ की रोशनी जगमगाई थी.. --- उसकी पाकीज़ा-सीरत में अलग ही रूहानियत नज़र आई - [किताब-ए-ज़ीस्त...](https://kahanitak.com/kitab-e-zist-nazm-by-dr-sandeep/) - डा. संदीप ( Dr.Sandeep) मेरे ख़्यालों और ख़्वाबों की दुनिया सुकूँ देती है ये किताबों की दुनिया.. फ़लसफ़ा ज़िंदगी का इन्हीं से सीखा अंधेरों से निकाले चराग़ों की दुनिया.. पर जैसे ही पलटा ज़िंदगी का पन्ना सवालों में उलझी जवाबों की दुनिया.. उन्हीं पन्नों के बीच बे-ख़ुश्बू फूल सी नज्मकार-पत्रकार, लेखक, विचारक व ब्लागर हैं - [राम नहीं है आग सुनो](https://kahanitak.com/ram-is-not-fire-listen-poem-by-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र राम नहीं हैं आग सुनो, हैं राम ऊर्जा धारा | पिंड- पिंड में राम विराजें, है ब्रहमाण्ड राममय सारा || विंदु राम हैं, सिंधु राम हैं, राम हैं सरयू धारा | राम आदि हैं राम अनादि हैं, हैं राम सनातन आधारा || राम भाव हैं राम प्रभाव हैं राम हैं वेद आधारा - [प्रार्थना](https://kahanitak.com/prayer-by-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र मन मानस में हरि भक्ति बसी | अब चित्त विषय रस हेरत नाहीं || रसना रसिका बनी रामहिं की | अब दूजा नाम कहावत नाहीं || नयनन में छवि छवि राम बसी | अब आन छवि उर आवत नाहीं || मन चातक बन सियाराम भजे | मन स्वाति के मेघ लुभावत नाहीं || - [अपना दर्द नहीं लिख पाता](https://kahanitak.com/i-cant-write-my-pain-poem-by-arunesh-mishra/) - अरुणेश मिश्र अपना दर्द नही कह पाया सबका दर्द सदा गाया है । जब देखी वेदना विश्व की लगा हर व्यथा में माया है । चिंतन में जो व्यस्त बहुत हैं उनके चिंतन भिन्न भिन्न हैं लेकिन बहुतों के अंतर में स्वप्न बसे वह सब अभिन्न हैं । सबको है पाने - [अति सीधे हैं तो कट जाएंगे](https://kahanitak.com/if-you-are-too-straight-you-will-by-ramesh-mishra-be-cut/) - अति सीधे हैं तो कट जाएंगे KAHANITAK.COM आचार्य चाणक्य - [सर्वेश्वरदयाल सक्सेना की कविता सौन्दर्य-बोध](https://kahanitak.com/https-kahanitak-com-auto-draft-by-dr-arunakar-pandey/) - सर्वेश्वरदयाल सक्सेना की कविता सौन्दर्य-बोध KAHANITAK.COM प्रसिद्ध हिंदी कवि - [बढ़ती हिंदी की लोकप्रियता में हिंदी को अंतराष्ट्रीय भाषा बनने का भविष्य देख रहे हैं - अमितशाह](https://kahanitak.com/hindi-becoming-an-international-language-amit-shah/) - बढ़ती हिंदी की लोकप्रियता में हिंदी को अंतराष्ट्रीय भाषा बनने का भविष्य देख रहे हैं – अमितशाह KAHANITAK.COM अमितशाह मातृभाषा भारतीय - [तिरंगा](https://kahanitak.com/ttiranga-poem-by-rmesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र खिली है फूलों से मेरी धरती सुंदर सुहानी, अंबर चूमे इस माटी को लेकर मीठा पानी, भारवि, दंडी ,कालिदासा ,बाल्मीकि विज्ञानी, संत कबीरा, तुलसीदासा ,मीरा दिवानी, भाई चारा गंगा जमुनी तहजीबों का पानी, जग में न्यारा देश हमारा हम हैं हिन्दुस्तानी, इस मिट्टी की कदर करो दे करके सब कुर्बानी, एक तिरंगा - [अखबार](https://kahanitak.com/newspaper-poem-written-by-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र जिसे देखो आज वही अखबार है, पन्ना तो है भक्त कलम लाचार है, कंचन की चाह में खोए खबरकार हैं, दीन उर आतप व्यथा खड़ी बाजार है, रमा रवैया में ढ़ला शोषित संचार है, राज पद वंदना ही बना शिष्टाचार है, कृषक कृषी तप रही ले उर अंगार है, रमणी रंग डूबा - [विकास आजतक ](https://kahanitak.com/vikas-aaj-tak-poem-written-by-thakur-prasad-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र आदर्शों की चिता जल रही, संस्कृति लूट रहे मतवाले. जिसको नंदन वन समझा था, सारे फूल हैं काले - काले . जयकारों में चीत्कार है, ज्वलनशील बन गयी जवानी. घटिया जीवन लोटिया डूबी, दूषित चिंतन पथ मनमानी. इत्र छिड़कते सब महलों में, गली में कुत्ता मरा हुआ है. ऊंची लहरें हम गिनते - [चातक](https://kahanitak.com/chatak-poem-written-by-thakur-prasad-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र आज चातक की तृषा में तीव्रता का ह्रास है. नेह नीरद से नहीं अब क्षुद्र सरिता दास है, एक निष्ठा की कहानी विगत की स्वप्निल निशा बन. दे रही स्वच्छंद थिरकन पर न थल पाता कहीं मन . त्यक्त मानस सा विमल सर, पुष्करणि सायास है, ... आज चातक... काक कटुरव तीव्रतर - [हिंदी है तो हम हैं](https://kahanitak.com/if-it-is-hindi-then-we-are-poem-written-by-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र हिंदी है तो हम हैं, यह भाव सदा उर मध्य बसे हिंदी | बहु चित्त चरित्र बाहक हिंदी, तन -मन हिंदी जीवन हिंदी|| कहीं रासो राज कही हिन्दी,कहीं जायसी की पदमावत हिंदी | कहीं कबिरा दोहा बन बरसी हिन्दी, कहीं तुलसी नाम अमर हिन्दी || कहीं वत्सल सूर बसी हिन्दी, कहीं मीरा - [प्रकृतांक ](https://kahanitak.com/natural-number-by-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र लहर बीच सूर्य है कि सूर्य बीच लहर है. कि जल बीच कंचन ने आभा पसारी है, दृष्टि ही पीत है कि पीत स्वर्ण दृष्टि है, सहज दिव्य सुषमा की दिव्य प्रतिहारी है, प्रकृति शक्ति प्रहरी भी पिहक और कूक रहे, मानो आज गगन धरा की पीत सारी है, परिणय की बेला - [कलम](https://kahanitak.com/pen-by-ramesh-kumar-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र मैं कलम हूँ मेरा वजूद मेरी स्याही है, मैं थिरकती हूँ कवि तर्जनी पर अविराम. हो हृदय में पीर भारी , या कि उठती हों हिलोरें, मैं सदा एक रंग रहकर, लिखती हूँ भाव सारे, न मुझे नृपदंड का डर, सोहता न सोने का कर, नम्रता की कली हूँ मैं, क्रूरता की - [इश्क़ (गजल)](https://kahanitak.com/ishq-ghazal/) - रमेश कुमार मिश्र मैं शहर जो बना तेरे ऐतबार में तुम शहर छोड़कर यूँ चले क्यों गए? कोई शिकवा नहीं जुस्तजू भी नहीं यूँ चले भी गए तो कहाँ जाओगे? रोशनी शाम की यूँ उदासी भरी रोशनी में नहाकर किधर जाओगे? इश्क़ का रंग बेरंग तो है भी नहीं इश्क़ है तो छुपाकर कहाँ जाओगे? - [हिंदी के लोग](https://kahanitak.com/hindi-people-by-dr-arunakar-pandey/) - KAHANITAK.COM हिंदी के लोग हिन्दी दिवस Modern Standard Hindi, Hindi, is the variety of the Hindustani language written in Devanagari script - [हिंदी है तो हम हैं](https://kahanitak.com/hindee-hai-to-ham-hain-by-ramesh-mishra/) - KAHANITAK.COM हिंदी है तो हम हैं Modern Standard Hindi, commonly referred to as Hindi, is the standardised variety of the Hindustani Hindi Kahani - [वर्तमान समय और हिंदी का प्रचार](https://kahanitak.com/present-time-and-promotion-of-hindi-by-dr-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय नई आवश्यकताओं और नए माध्यमों ने हमेशा भाषा को नए रूप देने में अग्रणी भूमिका निभाई है|जब बहुत सरल स्तर पर भाषा केवल संपर्क का काम करती थी तो भावों और विचारों के संवाहक केरूप में वह सीमित किन्तु महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थी |लेकिन जैसे-जैसे सभ्यता का विकास होताचला गया वैसे-वैसे वह न - [श्री राम भजन ](https://kahanitak.com/shri-ram-bhajan/) - रमेश कुमार मिश्र रचना रचिकै रचनाकर ने रचना में रची रचना सगरी. प्रभु राम के धाम अयोध्या पुरी जहाँ स्वर्ग छटा बिखरी- बिखरी. अरि हारि गयो हरि आइ गयो सुघरी सुघरी संवरी नगरी. सरयू जल दिव्य हुई डुबकी आनंद लस्यो डगरी-डगरी. प्रगटे प्रभु दीनदयाल पुरी नवधा रस डूब गयी सबरी. अब शरण तुम्हारी सदा रघुवर - ["शोहरत एक जेल है” : बियांसे](https://kahanitak.com/fame-is-a-prison-beyonce-by-dr-arunakar-pandedy/) - अरुणाकर पाण्डेय शिखर पर पहुंचना एक बड़ी बात है लेकिन जब इंसान वहाँ स्थापित हो जाता है तो उसके सोचने का तरीका बदल जाता है |उसे जैसे अब और सफलता नहीं चाहिए होती और दुनिया से वह बच कर खुद को समय देना चाहता है | इस विचित्र सचाई का बहुत सटीक उदाहरण इन दिनों - [शिवस्तुति](https://kahanitak.com/shivastuti-by-tp-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र रजनी अभिलाषिनि सोम सुधा.विभु ने जेहि मस्तक मान दियो है। नित भागीरथी अभिषेक करैं.शशि ने तेहिअमृत दान कियो है। अकुलानि निशा उर ग्लानि महा.तम वस्त्र कलेवर तानि लियो है। शिव ने शिव रात्रि रची रुचि सों.गिरजा सँग प्रेम पियूष पियो है। अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश - [प्रेमचंद जी का प्रसाद जी के नाम पत्र](https://kahanitak.com/प्रेमचंद-जी-का-प्रसाद-जी-क/) - अरुणाकर पाण्डेय एक लम्बे अरसे से विश्व में बनारस के दो कालजीवी साहित्यकार जयशंकर प्रसाद और प्रेमचंद जी के रचनात्मक दृष्टिकोण के अंतर को लेकर विद्वानों,साहित्यकारों, चिंतकों और पाठको में लम्बी चर्चाएँ रही हैं।प्रसाद जी को अतीतोन्मुखी और प्रेमचंद जी को यथार्थवादी रचनाकार के साँचे में देखने और ढालने की एक जमी हुयी दृष्टि हिंदी - [इश्क़](https://kahanitak.com/love-by-ramesh-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र मैं शहर जो बना तेरे ऐतबार में.तुम शहर छोड़कर यूँ चले क्यों गए? कोई शिकवा नहीं जुस्तजू भी नहीं.यूँ चले भी गए तो कहाँ जाओगे? रोशनी शाम की यूँ उदासी भरी.रोशनी में नहाकर किधर जाओगे? इश्क़ का रंग बेरंग तो है भी नहीं.इश्क़ है तो छुपाकर कहाँ जाओगे? तुम जिधर जाओगे मैं - [चातक](https://kahanitak.com/chatak-by-tp-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र आज चातक की तृषा में तीव्रता का ह्रास है |नेह नीरद से नहीं अब क्षुद्र सरिता दास है || एक निष्ठा की कहानी विगत की स्वप्निल निशा बन |दे रही स्वच्छंद थिरकन पर न थल पाता कहीं मन || त्यक्त मानस सा विमल सर,पुष्करणि सायास है,आज चातक की तृषा… काक कटुरव तीव्रतर - [लम्बोदर](https://kahanitak.com/lambodar-lord-ganesha-ganesh-vandna-by-thakur-prasad-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र सोहत नगेश तनुजा के अंक गज भाल |उमगि उठाय कर चरण चलावते || स्तन युगल क्षीर आकुल ह्वैपान करैं |पितु तनु देखि युग नैन मटकावते || पुलकि निहारती जननि शिशु ब्रह्म मुख |कलश पियूष स्रोत सूखन न पावते || तृप्त नहिं होत मिश्र सत्य शिव नाम दीन्हें |सुंदर गणेश लम्बोदर कहावते || - [विडंम्बना](https://kahanitak.com/irony-by-tp-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र तिरोहित आर्य संस्कृति, विलुप्त वेद ज्ञान है.विडम्बना नियति की है, कि सब स्वयं महान हैं. कहें मिटाएं रूढ़ियां पर, नष्ट होतीं पीढ़ियाँ.उद्दंडता प्रवृत्ति ही, बनी विकास सीढ़ियां. नहीं अनुज से प्रेम है, न अग्रजों का मान है.विडम्बना नियति की है कि सब स्वयं महान हैं. जहाँ खिली प्रथम कली सुंगधि युक्त ज्ञान - [नंदकिशोर नवल की तुलसीदास](https://kahanitak.com/nandakishor-naval-kee-tulaseedaas-by-arunakar-pandey/) - डॉ.अरुणाकर पाण्डेय नंदकिशोर नवल की यह पुस्तक वास्तव में तुलसीदास की प्रत्येक साहित्यिक कृति से पाठक का प्रगाढ़ परिचय कराती है लेकिन इसमें लेखक की अपनी दृष्टि या विषयगतता केन्द्रीय महत्व रखती है|उन्होंने इस केन्द्रीयता को पुस्तक की भूमिका में पहले ही विनम्रता के साथ स्वीकार किया है और यह तथ्य रेखांकित भी किया है - [युगद्रष्टा तुलसी](https://kahanitak.com/युगद्रष्टा-तुलसी/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र जिन तुलसी को पढ़कर आज बहुत सारे लोग जगतगुरु की उपाधि धारण कर मठाधीश बने बैठे हैं .जिन तुलसी के जीवन की दिव्यता का प्रकाश कण- कण में फैला है.जड़ चेतन गुण- दोषमय की विवेचना ही जिसका कलेवर है.उन महात्मा भगवान तुलसीदास को हृदय की गहराई से असंख्य नमन. अविरल प्रवाह मान - [भारतीय भाषाओं में हो विधि शिक्षण : जस्टिस डी.वाई. चन्द्रचूड़](https://kahanitak.com/भारतीय-भाषाओं-में-हो-विधि/) - अरुणाकर पाण्डेय हाल ही में भारत के मुख्य न्यायधीश श्री डी.वाई. चन्द्रचूड़ ने एक उद्बोधन में यह विचार व्यक्त किया है कि भारतीय भाषाओं में विधि के शिक्षण से उसकी उपलब्धता में सुधार आएगा | उनका यह स्पष्ट मानना है कि क्षेत्रीय भाषाओं में विधि की शिक्षा का प्रबंध होना चाहिए| उन्होंने ये उद्गार लखनऊ - [युवा नवनिर्वाचित सांसदों का हिंदी प्रेम](https://kahanitak.com/puspendra-saroj-by-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय संसद को जानने का एक यह भी तरीका है कि लोक सभा और राज्य सभा के सांसदों के व्यक्तित्व से कई बार ऐसी बातें समझने को मिलती हैं जो अनायास ही अपनी ओर आकृष्ट कर लेती हैं | इस पर भी जब सांसद युवा हों या पहली बार चुन कर आएं हों तो - [नूर-ए-महताब](https://kahanitak.com/noor-e-mahtab-by-dr-sandip/) - डाक्टर संदीप आज फिर चेहरे पर उसके शादाब देखा खुली निग़ाहों से दिलकश ख़्वाब देखा.. थम गया नज़र में मेरी ये मंज़र सारा जब सड़क पर चलता नूर-ए-महताब देखा..!! वो ख़्वाब की ताबीर है या ख़्वाब क्या पता मैंने तो अपने धड़कते दिल को बेताब देखा... क़यामत है गुलाब से पत्रकार, लेखक, विचारक, ब्लॉगर,अंतरराष्ट्रीय संबंधों - [हर घर तिरंगा अभियान में संजय विंदल ने बांटे 2100 तिरंगा झंडे..](https://kahanitak.com/har-ghar-tiranga/) - गाजियाबाद के कर्मठ समाजसेवी व अखिल भारतीय व्यापार मंडल गाजियाबाद के महानगर अध्यक्ष संजय विंदल जी सामाजिक कार्यों में अच्छी खासी अभिरुचि रखते हैं. कल 15 अगस्त 2024 को जब भारत अपना 78 वां स्वतंत्रता दिवस समारोह विकसित भारत की थीम पर मना रहा है , तब राष्ट्र प्रथम की हर-घर तिरंगा भावना से ओत-प्रोत - [सस्ती शिक्षा व स्वास्थ्य में छुपा है असली आजादी का अर्थ -एडवोकेट रोहित पांडेय, सुप्रीम कोर्ट](https://kahanitak.com/sasti-shiksha/) - देश की सर्वोच्च अदालत के जाने माने वकील, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन में 8 बार के पदाधिकारी व प्रसिद्ध समाजसेवी रोहित पांडेय ने देशवासियों को 78वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हार्दिक शुभकामनाएं दिया है. "कहानी तक" (www.kahanirak.com) से बात- चीत करते हुए सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के सेक्रेट्री पद पर भी रह चुके रोहित - [आठ घंटे की पूरी नींद स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक- डा. मनोज कुमार शर्मा](https://kahanitak.com/8-hours-sleep/) - एम. डी. फिजीशियन एंड कंसलटेंट डाक्टर मनोज कुमार शर्मा, गायत्री मेडीकेयर सेंटर, राजबाग साहिबाबाद गाजियाबाद उ.प्र. ने समस्त देशवासियों को 78 वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दिया है. कहानी तक (www.kahanitak.com) से बात करते हुए डाक्टर मनोज कहते हैं कि आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में जरूरी हो गया है कि लोग नियमित - [लोकतंत्र](https://kahanitak.com/loktantra/) - अरुणेश मिश्र कोई गीता लिए खड़ा हैकोई कुरान लिए खड़ा हैकोई संविधान लिए खड़ा हैसमाज औंधे मुंह पड़ा है !समाज मे भी तरह तरह के लोग हैंकिसी को उपदेश में विश्वास हैकिसी को सन्देश में विश्वास हैकिसी को आदेश में विश्वास हैहमे केवल देश मे विश्वास है ।अधिसंख्य के मुँह पर ताला भी जड़ा हैसमाज - [सूचना की प्रामाणिकता की आवश्यकता](https://kahanitak.com/soochana-ki-pranamikta/) - अरुणाकर पाण्डेय यदि आज यह जानने की कोशिश की जाए कि मीडिया से सम्बन्धित सबसे बड़ी या प्रमुख समस्याएं कौन सी हैं तो उनमें निश्चित ही फेक न्यूज़ और फेक रील्स या विडियो की बात की जाएगी | बल्कि आज की मीडिया प्रवृत्ति में वीडियो वार एक कारगर मीडिया औजार के रूप में अपनी जगह - [सभी के लिए जीवन बीमा जरूरी क्यों...?](https://kahanitak.com/insurance/) - लता जैन, चीफ लाइफ एडवाइजर एल.आई.सी. भारतीय जीवन बीमा निगम ( एल.आई .सी.) की जानी मानी अभिकर्ता एम .डी .आर .टी लता जैन जी समस्त देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देती हुई सभी को एल आई सी पालिसी से जुड़ने की बात कहती हैं.कहानी तक (www.kahanitak.com) से बात करती हुई लता जैन जी - [शरीरंमाद्यं खलु धर्म साधनम्](https://kahanitak.com/health/) - प्रियंका गांगुली, मोटीवेशनल स्पीकर व समाजसेविका प्रसिद्ध समाज सेविका , मोटीवेशनल स्पीकर प्रियंका बाडी रिवोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड की निदेशिका प्रियंका गांगुली जी ने समस्त देशवासियों को 78 वें स्वतंत्रता दिवस की ढ़ेर सारी शुभकामनाएं दिया है." प्रियंका गांगुली जी संस्कृत की एक उक्ति को उद्धृत करती हुई कहती हैं कि "शरीरम् आद्यं खलु धर्म साधमनम् - [स्वभाव ही सेवा है](https://kahanitak.com/social-work/) - भैया हरिशंकर पटेल, समाजसेवी व सक्रिय राजनीतिक प्रतिष्ठित समाज सेवी और सक्रिय राजनीतिक भैया हरि शंकर पटेल जी ने 78 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दिया है.कहानी तक (www.kahanitak.com) से बात चीत में भैया हरिशंकर पटेल कहते हैं संगठन में शक्ति है. और किसी भी राजनीतिक संगठन की शुरुआत - [पन्द्रह अगस्त](https://kahanitak.com/independance-day-by-tp-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र भारत का राष्ट्रीय पावन पर्व तो विश्व विख्यात है ही इसदिन हमारा देश सन् 1947 में आजाद हुआ था। आजाद जीवन तो हर जीव के लिए वांछनीय है, और यह हमें अनेक बलिदानों के बाद प्राप्त हु‌आ है। आजादी के लिए देश की हर आत्मा जब तड़पी तब हमने अपने देश में - [मधुशाला मेरी नजर में](https://kahanitak.com/madhushala-by-tp-mishra/) - कवि- ठाकुर प्रसाद मिश्र की कलम से आज भाग्यबश हाथ लग गयी श्री बच्चन की मधुशाला। टपक रहे थे हर पन्नों से मधुर शब्द बनकर हाला।। चटक चांदनी की मधु बूंदें कुमुद कोष का शुभ प्याला। पंखी सब पीने वाले हैं बना सरोवर मधुशाला।। शैशव की किलकार, जवानी में यौवन की अंगडाई। प्रेयसि का तन - [सावन के गीत](https://kahanitak.com/saavan-ke-geet-by-ramesh-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र मैं सावन के गीत बनूंगा ,तुम रिमझिम बारिश बन जाना.बनकर बारिश की बूंदें तुम मेरे दिल में आना. जब ताल तलैया भरे हुए हों नदियों में हो पानी.पुरुवा हवा का झोंका जब शाखों से करता हो मनमानी. मैं सावन के गीत बनूंगा,तुम रिमझिम बारिश बन जाना.बनकर बारिश की बूंदें तुम मेरे दिल - [विकास की ओर](https://kahanitak.com/towards-development-by-arunesh-mishra/) - अरुणेश मिश्र देशप्रेम बढ़ा हैसहयोग भाव बढ़ा हैशांत स्वभाव बढ़ा हैझूठो का प्रभाव बढ़ा हैतापमान बढ़ा हैमान - अपमान बढ़ा हैइसी तरहभेदभाव , हावभाववाद - विवादविरोध - प्रतिरोधशोध - प्रतिशोधपर्यावरण शुद्धतादान दक्षिणामौरंग बालूईंट , सीमेन्टबाजार भावचोरी तस्करीहरामखोरीबेरोजगारी बढ़ी हैउसकी ही बज रही है जिसकी मढ़ी है ।धार्मिक आस्थापूजा पाठभय , वीरता , शूरतावाणी में क्रूरतासबकुछ - [किताब उनचास लाख की](https://kahanitak.com/kitaab-unachaas-laakh-kee-by-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय एक ऐसी किताब जिसकी कहानी सर्वविदित हो, आखिर कितने मूल्य में बिक सकती है ? इसके साथ ही यह विचार किया जाए कि कोई ऐसी किताब क्यों खरीदेगा तो यह साहित्य की दुनिया में कौतूहल पैदा करने वाली खबर ही मानी जाएगी | किताब का नाम है हैरी पॉटर की सीरीज का पहला - [हजारीप्रसाद जी का गप्पी मन](https://kahanitak.com/hajaareeprasaad-jee-ka-gappee-man-by-arunakar-pandey/) - आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी की जयंती पर विशेष अरुणाकर पाण्डेय लेकिन हिंदी साहित्य,भाषा और अध्यापन के इतिहास में एक गुरु ऐसे भी हुए जिनकी ख्याति जितनी ही उनके गम्भीर शोध कार्य, वैकल्पिक विचारधारा की प्रस्तुति और गहरी रचनात्मकता के लिए हुयी उतनी ही उनकी ख्याति अपने शिष्यों को पढ़ाने, शिष्य वत्सलता और अपने सहज जीवन के - ["जिंदगी के गीत"](https://kahanitak.com/songs-of-life-by-ramesh-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र बिकती हैं जहाँ जिंदगियाँ कपड़े उतार के. कैसे किसी ने कहा यहाँ कोई नहीं मरा.? कोई जाति से मरा , कोई पांति से मरा. कोई भूख से मरा, कोई प्यास से मरा. कोई भाव से मरा , कोई अभाव से मरा. कोई धर्म से मरा , कोई अधर्म से मरा. कोई भार - [“ साहस की नौका “](https://kahanitak.com/saahas-kee-nauka/) - रमेश कुमार मिश्र संघर्षों के महासमर में युद्ध तुम्हें लड़ना होगा. मरुभूमि तपन की हो चाहे! हर पांव तुम्हें रखना होगा. पथ शूल लाख हों दर्द नहीं हे! पैर तुम्हें चलना होगा. बाधाओं के अंधड़ में भी तुमको शांतचित्त रहना होगा. संघर्षों के महासमर पर्वत कितना भी ऊंचा हो तुम्हें कदम- कदम चढ़ना होगा. - [घड़ी बच गयी](https://kahanitak.com/watch-saved-by-ramesh-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र स्मित हंसी के साथ राधिका ने पंकज का नमस्कार स्वीकार किया. अगले ही क्षण राधिका ने कहा तो आप इतनी देर से खड़े हमें देख रहे थे यहाँ. पंकज ने कहा नहीं राधिका मैं तो बस अभी पल भर पहले ही यहाँ दाखिल हुआ हूँ.कलाई से घड़ी खोल उसे बैग में रखती - ["पियक्कड़"](https://kahanitak.com/piyakkad-by-ramesh-msihsra/) - रमेश कुमार मिश्र अलख जगाओ हे! प्रहरी तुम कोई पिए न जहर शराब. पीने वाले के भविष्य के जल जाते हैं सारे ख्वाब. बेटी आंखें जगत निरखतीं वर्ष तीस न पीले हाथ. पलक झुका बेटा चलता है कहते लोग पियक्कड़ बाप. चखना देती पत्नी घुटती है छेंड़ें जिसे पियक्कड़ यार. जर जमीन जोरू ले लेता - [जदयू की आस नीतीश के खास  के. सी. त्यागी को  पार्टी की बड़ी जिम्मेदारी](https://kahanitak.com/jdus-hope-is-special-for-nitish/) - "कहानी तक ब्यूरो"---- जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने अपने विश्वसनीय व करीबी पार्टी के दिग्गज नेता के. सी त्यागी जी को एक बार फिर पार्टी की अहम जिम्मेदारी सौंपी है . जदयू पार्टी वर्किंग कमेटी की शुक्रवार को जारी लिस्ट के अनुसार के.सी.त्यागी को जदयू पार्टी का राजनीतिक - [कारनामा भोला नाथ पाण्डेय का](https://kahanitak.com/the-exploits-of-bhola-nath-pandey-by-tp-mishra/) - गेंद को बम बताकर विमान को हाईजैक करने वाले बलिया की धरती के भोला नाथ पांडे ने लखनऊ स्थित अपने आवास पर 23 अगस्त 2024 दिन शुक्रवार को अन्तिम सांस ली . भोला नाथ पांडेय 1980 में बलिया से कांग्रेस के विधायक भी रहे.देश जब आपातकाल की जकड़न से बाहर हुआ तो देश में आम - [“ भीष्म क्यूब ”](https://kahanitak.com/भीष्म-क्यूब/) - भारत ने विकासशील देशों को चिकित्सा के क्षेत्र में सहायता मुहैया कराने हेतु एक विशेषकिट तैयार किया है,जिसका नाम भीष्म क्यूब रखा गया है भारत ने विकासशील देशों को चिकित्सा के क्षेत्र में सहायता मुहैया कराने हेतु एक विशेषकिट तैयार किया है,जिसका नाम भीष्म क्यूब रखा गया है. इसके अंतर्गत मरहम पट्टीइन्जेक्शन दवाइयाँ होती हैं.यह - [लब- ए- ख़ामोश](https://kahanitak.com/lab-e-khamosh-by-dr-sandeep/) - डा. संदीप लब-ए-ख़ामोश से जो अफ़साने बयाँ न हुए कभी आईना-ए-निगाह दिल के सारे फ़साने कह गए अगर तुम न बताना चाहो तो मत बताना किसी को नज़्मकार -पत्रकार, लेखक, विचारक, ब्लॉगर अंतरराष्ट्रीय संबंधों में डॉक्टरेट अर्थात् Ph.D (Int'l & Pol. Studies), DU. @IIMCAA Alumni - [सनातन](https://kahanitak.com/eternal-by-tp-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र सनातन सर्वत्र है सम्पूर्ण धारा सनातन युक्त है.जहाँ तक प्रकृति एवं पुरुष का संयोजन है वहाँ तक सनातन है.हम भाग्यशाली हैं कि इसका प्रमुख चिंतक हमारा देश भारत है.इसकी अवधारणा किसी मत पंथ और समुदाय से ऊपर है.इसमें हम वैभिन्न्य तलाशते हैं तो यह उस स्थिति की तरह है जो किसी भारतीय - [जदयू पार्टी के संकट मोचक श्रवण कुमार के भरोसे उत्तर प्रदेश](https://kahanitak.com/uttar-pradesh-depends-on-jdu-partys-trouble-solver-shravan-kumar/) - टीम कहानी तक जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने करीबी कहे जाने वाले बिहार सरकार में लगातार कई कार्यकालों से केंद्रीय मंत्री रह रहे श्रवण कुमार को उत्तर प्रदेश राज्य का प्रभारी नियुक्त किया है. श्रवण कुमार बिहार राज्य के नालंदा जिले से लगातार सात बार से अधिक - [साहित्यिक पत्रिकाएँ ब्राह्मण होती हैं,व्यंग शूद्र माना गया है : हरिशंकर परसाई](https://kahanitak.com/literary-magazines-by-arunakar-pandey/) - गत 22अगस्त को परसाई जी के सौ वर्ष हो गए हैं। हिंदी जगत में बहुत धूमधाम से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए,इसकी अपेक्षा और आशा भी थी । इस अवसर पर प्रस्तुत है अरुणाकर जी का यह आलेख अरुणाकर पाण्डेय जब हम शिक्षा प्राप्त करने स्कूल में जाते हैं तभी से हमें अक्सर बहुत से - [लेखनी](https://kahanitak.com/lekhanee-by-tp-mishra/) - IMAGE SOURCE AI - [श्रीकृष्ण आरती](https://kahanitak.com/shri-krishna-aarti-by-tp-mishra/) - श्रीकृष्ण आरती : आरति कीजै नंद ललन की लीलाधर प्रभु दुष्ट दलन की ठाकुर प्रसाद मिश्र आरति कीजै नंद ललन की लीलाधर प्रभु दुष्ट दलन की | अग जग देखि रूप सब मोहत मोर मुकुट हल कांधे सोहत | छवि निरखति तृन तोरि यशोदा हरि हलधर वसुदेव सुअन की || आरति कीजै नंद ललन की.. - [समस्त देशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं : संजय विंदल](https://kahanitak.com/best-wishes-for-shri-krishna-janmashtami-by-sanjay-bindal/) - टीम कहानी तक--- गाजियाबाद के प्रतिष्ठित व्यापरी व समाज सेवी संजय बिंदल जी समस्त देशवासियों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं. संजय बिदल कहते हैं कि श्री कृष्ण ने समाज में धर्म की स्थापना के लिए बहुत सारे बंधन तोड़े भी और जोड़े भी. कंस जो उनका सगा मामा था लेकिन वह - [श्री कृष्ण बताते हैं मर्यादा : रोहित पांडेय अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट ](https://kahanitak.com/shri-krishna-tells-dignity-by-rohit-pandey-advocate-supreme-court/) - भावी विधानसभा प्रत्याशी 2025 नई दिल्ली विधानसभा "टीम कहानी तक"--सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और सुप्रीम कोर्ट बार एसोशियेशन के आठ बार के पदाधिकारी रह चुके रोहित पांडेय ने समस्त देशवासियों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दिया है. रोहित पांडेय जो एक अधिवक्ता होने के साथ - साथ कर्मठ समाजसेवी भी हैं. अपने - [जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं- प्रियंका बाडी रिव्यूल्यशन नोएडा प्रा. लिमिटेड.](https://kahanitak.com/best-wishes-for-janmashtami-by-priyanka-ganguli/) - प्रियंका वाडी रिव्यूल्यशन की संचालिका व वाइस प्रेसीडेन्ट सैम इंडिया एंड अभिमन्यु हाउसिंग{ पाम ओलम्पिया} सेल्स एंड मार्केटिंग हेड प्रियंका गांगुली टीम कहानी तक -प्रियंका वाडी रिव्यूल्यशन की संचालिका व वाइस प्रेसीडेन्ट सैम इंडिया एंड अभिमन्यु हाउसिंग पाम ओलम्पिया सेल्स एंड मार्केटिंग हेड प्रियंका गांगुली ने देशवासियों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दिया - [देशवासियों को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं- वृंदावन प्रापर्टी राजबाग](https://kahanitak.com/best-wishes-for-janmashtami/) - टीम कहानी तक--वृंदावन प्रापर्टी के दोनों पार्टनर अवधेश सिंह और सुधाकर द्विवेदी ने देशवासियों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दिया है. श्रीकृष्ण का सबके लिए अनुकरणीय है. सुधाकर द्विवेदी कहते हैं की श्रीकृष्ण का बालपन रूप जगत मोहक है. - [जन्माष्टमी के अवसर पर संतुलित जीवन जीने की सलाह देते हैं -डा. मनोज कुमार शर्मा](https://kahanitak.com/advice-to-live-a-balanced-life-by-dr-manoja-sharma/) - टीम कहानी तक -एम. डी. फिजीशियन एंड कंसलटेंट डाक्टर मनोज कुमार शर्मा , गायत्री मेडीकेयर सेंटर, राजबाग साहिबाबाद गाजियाबाद उ.प्र. ने समस्त देशवासियों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दिया है. कहानी तक से बातचीत डाक्टर मनोज कहते हैं कि श्री कृष्ण का जीवन विविधता भरा रहा है और उन्होंने अपने हर किरदार को - [हे पार्थ ! प्रण पालन करो देखो अभी दिन शेष है](https://kahanitak.com/jayadrath-vadh-ke-ek-prasang-par-by-arunakar-pandey/) - श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर श्री मैथिलीशरण गुप्तजी की रचना जयद्रथ वध के एक प्रसंग पर अरुणाकर जी ने यह आलेख लिखा है जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका का उल्लेख है | अरुणाकर पाण्डेय मनुष्य का जीवन बहुत रहस्यमयी है | कभी तो उसे समस्त सुख,सुविधाएँ,नीति और धर्म प्राप्त हो जाते हैं और कभी वह - [सुरमयी शाम ](https://kahanitak.com/melodious-evening-by-ramesh-mishra/) - रमेश कुमार मिश्र सुरमयी शाम में भी उनकी तन्हाई न गयी | वे लुटे बैठे रहे तन्हा भी महफ़िल में || जाम से जाम मिले फिर भी शिरकत न हुई | बज्म़ में बजते रहे घुंघरू तन में हरकत न हुई|| सुरमयी शाम में भी... रौशनी के - [साहित्यिक विभूतियों के स्मृति स्वरूप](https://kahanitak.com/saahityik-vibhootiyon-ke-smrti-svaroop-by-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय किसी साहित्यिक विभूति को याद रखने का संभवतः सबसे अच्छा माध्यम उसका साहित्य ही हो सकता है क्योंकि वही उसकी सबसे बड़ी पहचान बनता है | यदि इतना भी हो सके कि उसकी कृतियाँ पढ़ीं-समझीं जाएँ और वे लागातार जनता की स्मृतियों में बनी रहे तो शायद इससे बड़ी बात साहित्यकार के लिए - [श्रीराम भजन](https://kahanitak.com/shreeraam-bhajan-by-tp-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र धनुहियां प्रभु की प्रीति बनी | मणि माणिक उर माल कौस्तुभ शोभा अधिक धनी | मंजु मुकुट मकराकृत कुंडल भृकुटि मनोज अनी | मनहर तिलक कंज वर लोचन लूटुर अलक घनी | मधुर अधर विम्बाफल राजे नासा कीर तनी | सत्य पुंज तन अनुपम शोभा चिबुक कपोल सनी | अभय हस्त संतन - [मलिना](https://kahanitak.com/malina-by-tp-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र मलिन वस्त्र में विलख अरे यह कौन चली है ? किस पर विस्वास निशा में गयी छली है ? सदय हुआ एक हृदय निकट जा उससे पूछा | सुन उत्तर स्तब्ध यथा घट उल्टा छूंछा || स्फुट स्वर था और व्यथा असि तीक्ष्ण धार थी | मलिना थी पर वचन धर्म से - [अर्चना कामथ की वापसी](https://kahanitak.com/archana-kaamath-kee-vaapasee-by-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पाण्डेय पेरिस ओल्यमपिक्स खेलों में टेबल टेनिस के खेल में अर्चना कामथ का नाम उभर कर आया जब जर्मनी के विरुद्ध टीम इवेंट क्वार्टरफाइनल में वे एकमात्र भारतीय विजेता बनीं | लेकिन वे विनेश फोगाट की जीत के कारण उतनी चर्चित नहीं हो सकीं जितना उन्हें होना चाहिए था| वे वीमेन सिंगल खिलाड़ियों में - [मिट्टी की मां](https://kahanitak.com/mittee-kee-maan-by-t-p-mishra/) - मिट्टी की मां ठाकुर प्रसाद मिश्र पंडित दीनानाथ एक मझोले किसान थे. उनके पास चार एकड़ जमीन थी. तीन बेटों में शंभू उनके साथ खेती किसानी में हाथ बंटाता था. कोई बाहरी आमदनी नहीं थी, फिर भी अपनी मेहनत से वे जो पैदा करते थे उसमें जिंदगी आराम से चल रही थी. दोनों छोटे बेटे - [बादल, चांद और कवि ](https://kahanitak.com/baadal-chaand-aur-kav-by-arunakar-pandey/) - अरुणाकर पांडेय एक ऐसा बादल था जिसे अपने जीवन से घृणा थी ।इसका कारण उसका यह मानना था कि उसका जन्म संसार की जलने वाली वस्तुओं के ताप के कारण हुआ।उसका अपना कोई घर नहीं था, न ही कोई ठिकाना और न कोई गाँव !! रहा भी हो तो शायद संसार के ताप से जल - [सेल्फी नेपथ्य की ](https://kahanitak.com/selphee-nepathy-kee-by-arunesh-mishra/) - समय के षडयंत्रो के साथ खड़े होकर अरुणेश मिश्र समय के षडयंत्रो के साथ खड़े होकर अपनी औकात से ज्यादा बड़े होकर हम भी लेंगे सेल्फी जबरन खिचवाएँगे उनके साथ फोटो फिर हम भी बन जायेंगे उनके बराबर कन्धे से कन्धा लगाने वाले उन्ही की तरह धंधा चलाने वाले लगाएंगे उनकी ही लाश में कन्धा - [पेरिस पैरालंपिक में अवनी लेखरा की स्वर्ण पदक जीत समस्त मानवता के लिए प्रेरणा स्रोत](https://kahanitak.com/avani-lekhara-by-kahanitak/) - पेरिस पैरालंपिक में अवनी लेखरा की स्वर्ण पदक जीत टीम कहानी तक-- पेरिस पैरालंपिक 30 अगस्त दिन शुक्रवार को महिलाओं के 10 मीटर एयर राइफल ( SH-1) प्रतियोगिता में अवनी लेखरा ने जीता गोल्ड. सिर्फ गोल्ड ही न जीता अपितु पेरिस पैरालंपिक 2024 में अवनी ने 249.7 अंकों के साथ एक नया कीर्तिमान भी स्थापित - [एक यात्रा ](https://kahanitak.com/ek-yaatra-by-arunesh-mishra/) - अरुणेश मिश्र पहले हम जनसेवी हुए संकल्पवान हुए फिर जननायक हुए स्वागत सम्मान हुआ वह सोना हो गया जिसे जिसे छुआ हमारे आसपास बहुत सी गायिका हुईं गायक हुए हमको लगा हम भी किसी लायक हुए नायक हुए धीरे धीरे हम पंचर होते गए अपना ईमान धरम खोते गए फिर भ्रष्ट हुए अब हम चरित्रहीन - [जदयू के वरिष्ठ नेता के. सी. त्यागी क्यों कह रहे हैं कि "संभव नहीं जाति की राजनीति को रोकना"](https://kahanitak.com/senior-jdu-leader-k-c-tyagi-by-ramesh-mishra/) - संभव नहीं जाति की राजनीति को रोकना : के. सी. त्यागी रमेश कुमार मिश्र राष्ट्रीय हिंदी अखबार दैनिक जागरण के संपादकीय पेज पर 31 अगस्त 2024 को के सी त्यागी जी का एक लेख "संभव नहीं जाति की राजनीति को रोकना" छपा है. जिसमें केसी त्यागी जी बिहार के मुख्यमंत्री मंत्री नीतीश कुमार के द्वारा जातिगत - [कबीरदास और प्रेम का रहस्य](https://kahanitak.com/kabirdas-and-the-mystery-of-love-by-arunakar-pandey/) - कबीरदास और प्रेम का रहस्य अरुणाकर पाण्डेय क्या सचमुच हम प्रेम को जानते हैं ! क्या वह कोई ऐसा भाव है जो सुनने में तो बहुत अधिक है और जिसकी छवि करोड़ों बार बुनी गई है,लेकिन अनुभव में वह बहुत महीन है ? क्या प्रेम को कोई भी अपनी मर्जी से जन्म दे सकता है - [अभिसार](https://kahanitak.com/convergence-abhisaar-by-tp-mishra/) - दिनकर की अति दिव्य प्रभा पर कालिख कैसी ठाकुर प्रसाद मिश्र दिनकर की अति दिव्य प्रभा पर कालिख कैसी?कनक थाल में लगी हुई हो काई जैसी || ग्रहण लगा सा ही दिखता है नित्य सवेरा |उजड़ रहा प्रतिदिन डाली से शकुन बसेरा || दूर गगन तक उड़ न पा रहे थके हुए पर|पीड़ा की अभिव्यक्ति - [एक शांति के लिए](https://kahanitak.com/for-a-peace-by-arunesh-mishra/) - एक शांति के लिए अरुणेश मिश्र एक शांति के लिए आदमी क्या क्या करता है ? किसी रूपसी के आंचल की छांव खोजता है । वन प्रान्तर में घूम घूम कर पांव खोजता है । कभी योग में कभी भोग में इधर उधर भ्रमता । अवसर पाकर के नियोग में सप्रयास रमता । रूप , - [मौत की एक साधारण खबर](https://kahanitak.com/a-simple-news-of-death-by-dr-arunakar-pandey/) - मौत की एक साधारण खबर अरुणाकर पाण्डेय एक दर्दनाक खबर सीतापुर से आई है, जहां रील बनाते हुए एक परिवार के तीन लोगों की ट्रेन से कटकर मौत हो गई है। यह खबर सीतापुर की है जिसे मीडिया और अखबारों में कोई प्रमुखता तो नहीं मिली लेकिन दबी हुई सी हाशिए पर दिखी है। ऐसी - [साथ दो यदि तुम प्रिये तो](https://kahanitak.com/support-me-if-you-love-me-by-thakur-prasad-mishra/) - प्रणय के गीत ठाकुर प्रसाद मिश्र साथ दो यदि तुम प्रिये तो हम क्षितिज के पार जायें। हाथ दो तो चन्द्र तारक गोंद ले लोरी सुनाएं। जगमगाती वह प्रभा जो स्वर्ण की चादर विछाती। भर उसे खद्योत उर हर यामिनी जगमग बनायें। स्नेह सिंचित भाव जल से अमिय प्रस्तर कृपण शशि का। तरल कर दे - [निर्धन पुरुष का त्याग वेश्या भी कर देती है --आचार्य चाणक्य ](https://kahanitak.com/even-a-prostitute-abandons-a-poor-man-by-ramesh-mishra/) - निर्धन पुरुष का त्याग वेश्या भी कर देती है रमेश कुमार मिश्र निर्धनं पुरुषं वेश्या प्रजा भग्नं नृपं त्यजेत्. खगाय: वीतफलं वृक्षं भुक्त्वा चाभ्यागतो गृहम् भारतीय मनीषा के परम पंडित आचार्य चाणक्य कहते हैं कि यह जगत व्यवहार लेन देन से चलता है. उपर्युक्त श्लोक में कुछ उदाहरण के माध्यम से वे कहते हैं कि - [पथिक](https://kahanitak.com/pathik-by-tpmishra/) - कविता : पथिक हे! पथिक जाते कहाँ हो? दिवस अब सोने को जाता | यह महामानी नगर ना रैन में दीपक जलाता || है उलूकों का यहाँ पहरा निरंतर रात में | चूस लेते हैं हृदय का रक्त थोड़ी बात में || है नहीं पाथेय यदि तो इस निशा तू भूखे सो जा | चंद्र - [प्रगति पथी भारत](https://kahanitak.com/editorial-pragati-pathi-india-by-ramesh-kuamr-mishra/) - प्रगति के पथ पर नित नई कहानी लिखता हुआ भारत दुनिया की सबसे बड़ी पांचवी अर्थव्यवस्था बनकर दुनिया को यह संदेश देने में सफल रहा कि आत्मनिर्भरता में भारत किसी से कम नहीं है. शीघ्र ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की होड़ में भारत निकट भविष्य 2047 में विकसित भारत बनने के - [संपादकीय](https://kahanitak.com/www-kahanitak-com-by-editor/) - www.kahanitak.com आपको बताते हुए हमें हर्ष हो रहा है कि हम आपके बीच सोशलमीडिया प्लेटफार्म पर "कहानी तक"(www.kahanitak.com) का शुभारंभ कर रहे हैं. कहानी तक एक पहल है उस सांस्कृतिक और मानसिक प्रदूषण के खिलाफ जिसने मनुष्य और उसके जीवन से मनुष्यता सोख ली है… एक छोटा सा उपहार जिसका प्रयास होगा कि इस दौर - [एफ. आई. आर.](https://kahanitak.com/fir-hindi-story-by-ramesh-kuamr-mishra/) - जो बिकने लगा वह किसी एक का होकर नहीं रहता है रमेश कुमार मिश्र मुर्गे की पहली बांग के साथ रामू काका जाग जाया करते थे.उनके पास एकमात्र गाय थी.सुबह उठने के साथ रामू काका उसकी हउदी में चारा पानी डाल देते थे. गोबर इकट्ठा कर उसे पलड़ी में भरकर पलड़ी सिर पर रखकर गोबर - [सिंग्ल यूज प्लास्टिक त्यागो](https://kahanitak.com/give-up-single-use-plastic-by-tp-mishra/) - स्वच्छ भारत ठाकुर प्रसाद मिश्र सिंगल यूज प्लास्टिक त्यागो, यह जीवन पर भारी है | अगणित दुर्गुण का यह स्वामी इससे जगत दुखारी है || सर सरिता सागर तक दूषित , दूषित पृथ्वी सारी है | इसका सच्चा बंधु प्रदूषण, दूषित हवा ही न्यारी है || इनसे पैदा हुआ कैंसर, सब रोगों का नायक है - [वर्षों से नीतीश कुमार के अति करीबी रहे समाजवादी नेता के सी त्यागी का जदयू राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा](https://kahanitak.com/kc-tyagi-resigns-from-the-post-of-jdu-national-spokesperson/) - के सी त्यागी का जदयू राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा टीम कहानी तक --बिहार की सत्ता रूढ़ पार्टी जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता के सी त्यागी ने पार्टी के अपने राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया है. जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने उनकी जगह राजीव रंजन प्रसाद को जदयू - [मैं रामचरितमानस हूं !](https://kahanitak.com/i-am-ramcharitmanas-by-thakur-prasad-mishra/) - रामचरितमानस वैशिष्ट्य ठाकुर प्रसाद मिश्र मैं रघुवर का चरणामृत हूं, अवधी हिंदी श्रृंगार हूं मैं | मैं नहीं पथिक का बट गायन, वाणी वीणा झंकार हूं मैं || जो अपसंस्कृति के सेवक हैं, सत पंथ जिन्हें स्वीकार नहीं | जो स्वार्थ ,अविद्या के चाकर ,उनका मैं मुक्त विचार नहीं || मैं मानसरोवर गहराई, पुष्करिणी का - [ब्राह्मण!](https://kahanitak.com/brahmin-by-tp-mishra/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र उठो ब्राह्मणों तेज संभालो जग में नया प्रकाश भरो | अविवेकी तम पसर न पाये इसका सतत विनाश करो || तुमने बांटा ज्ञान जगत को जन को मानव धर्म सिखाया | खड्ग के नहीं तुम्हारे बल पर भारत जगत गुरू कहलाया || शस्त्र शास्त्र दोनों कर अपने कभी भी हम भयभीत नहीं - [हिंदी कवि गजानन माधव मुक्तिबोध जी की पुण्यतिथि के अवसर पर                      ](https://kahanitak.com/on-the-occasion-of-the-death-anniversary-of-hindi-poet-gajanan-madhav-muktibodh-ji-by-dr-arunakar-pandey/) - मुक्तिबोध जी की कविता ‘बेचैन चील’ अरुणाकर पाण्डेय मुक्तिबोध हिंदी के एक ऐसे विरले साहित्यकार हैं जिन्होनें हिंदी साहित्य के चलन को ही बदल कररख दिया | उदाहरण के लिए देखा जाए तो जब चाँद की बात होती है या उसका निरूपण किया जाताहै तब उसकी गुणात्मकता शीतलता और सौन्दर्य से की जाती है और - [हिंदी महिमा](https://kahanitak.com/hindi-glory-hindi-language-rajbhasha-devnagri-by-poet-thakur-prasad-mishra/) - हिंदी दिवस के शुभ अवसर पर भावबोहित शुभकामनाएं ठाकुर प्रसाद मिश्र लिपि देवनागरी, अमिय गागरी, शब्द सागरी जय हिंदी। तुम युग प्रत्याशा राष्ट्र की भाषा, भारत माँ मस्तक विंदी।। तुम्हें सूर सराहें, तुलसी साधें, मीरा, कविरा उर धारे। सब कवि लेखक सँग आलोचक, कर बद्ध खडे़ तेरे द्वारे।। तुम कैंची नहीं सुई जैसी, सारे जग - [सुनो ध्यान से तुम आ जाओ](https://kahanitak.com/listen-carefully-you-come-here-by-poet-arunesh-mishra/) - मोबाइल से चैट न करना अरुणेश मिश्र कौन जानता दर्द किसी का क्या लेना क्या देना है ? कैसे किसका जीवन चलता कैसा साग चबेना है ? कितने दिन से यहां अकेली प्रियतम कब तुम आओगे । जब आओगे घर आंगन सब हरा भरा ही पाओगे । मोबाइल से चैट न करना सीधे घर ही - [वृद्धाश्रम](https://kahanitak.com/old-age-home-by-ramesh-mishra/) - कहानी : वृद्धाश्रम रमेश कुमार मिश्र वसंत कुंज दिल्ली के इलाके में शर्मा जी व उनकी पत्नी अपनी ढाई मंजिला कोठी में रहते थे. ओर बेटा शेखर अपनी पत्नी प्रिया के साथ सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर आएगा, वहाँ से वह घर आएगा. सुबह होने से पहले ही शर्मा जी व उनकी पत्नी जागकर घर में - [एक सवाल की उम्र ](https://kahanitak.com/a-question-of-age-by-arunakar-pandey/) - कहानी : एक सवाल की उम्र अरुणाकर पाण्डेय एक छोटी सी जगह थी | एक दिन उस जगह से एक मामूली सा सवाल पैदा हो गया |वह सवाल इतना छोटा था कि लोग उसकी कोई कीमत नहीं समझते थे और उसे नजरअंदाज करने का स्वभाव बना लिया | उन दिनों राजतंत्र था और वहाँ जो - [जीवन के हकीकत](https://kahanitak.com/facts-of-life-by-parikshit-pandey/) - जीवन के हकीकत को बयां करती हुई मेरी रचना अनुज परीक्षित पाण्डेय नखरे हैं किस बात के पगले,किसका तुझे गुमान रे तेरी भी डोली जाएगी,आखिर में शमसान रे।। माया का ये जग है प्यारे,माया की सब बात रे माया का ही दिन है प्यारे,माया की ही रात रे। घिरा हुआ है तू माया में,है कितना - [हिंदी नयी चाल में ढली](https://kahanitak.com/hindi-adapted-to-a-new-trend-by-ramesh-kumar-mishra/) - भारतेंदु विशेष रमेश कुमार मिश्र उत्तर प्रदेश के काशी में 9 सितंबर 1850 को जन्मे भारतेंदु हरिश्चन्द्र का साहित्यक योगदान सदैव स्तुत्य है. कम समय के जीवन में बड़े कार्यों का संपादन भारतेंदु हरिश्चन्द्र की विलक्षण प्रतिभा का प्रमाण है. कुल मात्र 34 वर्ष की उम्र में लगभग 200 से अधिक रचनाओं का प्रणयन उनकी - [दिल्ली आटो टैक्सी ड्राइवर के मसीहा बनकर खड़े हुए सुप्रीम कोर्ट के दिग्गज वकील रोहित पाण्डेय](https://kahanitak.com/messiah-of-delhi-auto-taxi-driver-adv-rohit-pandey/) - टीम कहानीतक--- रोहित पाण्डेय सुप्रीम कोर्ट के जाने माने वकील हैं. जो कि सुप्रीम कोर्ट बार एसोशियेशन के कई बार अहम पदों पर रह चुके हैं. सुप्रीम कोर्ट में एक पदाधिकारी के रूप में रोहित पाण्डेय ने अपने वकील भाइयों के हितों की खूब लड़ाई लड़ी है. इसी उम्मीद से आल दिल्ली आटो रिक्शा चालकों - [किसान के बेटे का आई .आई .टी दिल्ली में  हुआ पीएचडी में दाखिला](https://kahanitak.com/farmers-son-admitted-to-phd-in-iit-delhi/) - हर साल न जाने कितने बच्चे आई आई टी में दाखिला लेकर इंजीनियर बनने का सपना संजोए प्रवेश परीक्षाएं देते हैं टीम कहानीतक---- हर साल न जाने कितने बच्चे आई आई टी में दाखिला लेकर इंजीनियर बनने का सपना संजोए प्रवेश परीक्षाएं देते हैं .उसमें से सेलेक्शन कुछ बच्चों का ही होता है. कहते हैं - [मुलाकात: भूतपूर्व मनुष्य से](https://kahanitak.com/meet-ex-person-by-arunesh-mishra/) - कहानी : मुलाकात: भूतपूर्व मनुष्य से अरुणेश मिश्र आज प्रातः एक भूतपूर्व मनुष्य से मुलाकात हो गई , उन्होंने कार रोकी और बात करने लगे , निकट की चाय की दुकान पर ले आए और हमसे कहा - कहो , कैसे हो ? हमने उत्तर में कहा - सब ठीक ठाक है लेकिन विकास का - [सात फेरे](https://kahanitak.com/seven-rounds-by-tp-mishra/) - कहानी : सात फेरे ठाकुर प्रसाद मिश्र पंडित सदानंद एक अच्छे संयुक्त परिवार के मुखिया होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के एक इंटरकॉलेज के प्राचार्य भी थे.तीन भाइयों के परिवार में दोनों छोटे भाई ऊंचे सरकारी वहदे पर थे,और पंडित जी के दोनों बेटे भी अच्छे सरकारी पदों पर नौकरी पा गए थे. जमीन - [उलाहना ](https://kahanitak.com/reproach-by-tpmi/) - न मानवीय मूल्य की रही कहीं भी साधना ठाकुर प्रसाद मिश्र न मानवीय मूल्य की रही कहीं भी साधना | मिटा विधान सत्य का असत्य की आराधना || अल्लाह और राम भी फंसे विवाद फंद में | कराहती है रीतियाँ कुरीतियों के द्वन्द्व में || खद्योत पुच्छ का प्रकाश खींचता है भीड़ को | आक्रोश - [जिज्ञासा](https://kahanitak.com/curiosity-by-tp-mishra/) - जय देव भूमि भारत की , जय वीर प्रसवनी माते । ठाकुर प्रसाद मिश्र जय देव भूमि भारत की , जय वीर प्रसवनी माते । अर्पित तुमको तन मन है,शुभ दिवस चाँदनी रातें।। हिम धवल किरीटि भाल पर ,चरणों पर सागर जल है उर पर सतरंगी माला,मणि हीरक मुक्ता हल है।। शुभ वक्ष कलश का - [जब उन्नीसवीं सदी में अंग्रेजों के डर से कलम ने घुटने टेके](https://kahanitak.com/when-the-pen-succumbed-to-the-fear-of-the-british-in-the-nineteenth-century-by-arunakar-pandey/) - जब उन्नीसवीं सदी में अंग्रेजों के डर से कलम ने घुटने टेके अरुणाकर पाण्डेय अत्याचार से आंखें मोड़ने की पत्रकारिता जगत में अनगिनत चर्चाएं होती हैं और अनेक बार मीडिया से संबंधित सेमिनारों का यह विषय भी रहा है । निडरता और ईमानदारी ऐसे मूल्य रहे हैं जिनकी उम्मीद हमेशा पत्रकारों से की जाती रही - [गांव का पीपल ](https://kahanitak.com/gaanv-ka-peepal-by-ramesh-mishra/) - पीपल हमारे लिए प्रकृति का वरदान है.आध्यात्मिक दृष्टि से पीपल हमारे तम को हरता है तो पर्यावरण की दृष्टि से पीपल हमें बहुत से रोगों से मुक्ति दिलाता है और प्रकृति को संतुलित रखने में सहायक होता है. प्रस्तुत कहानी का आधार यही है रमेश कुमार मिश्र रुक्मिणपुर गांव के पूरब एक बहुत सुंदर सुसज्जित - [संग्रहालय में बेहोश चोर](https://kahanitak.com/unconscious-thief-in-museum-by-arunakar-panedy/) - संग्रहालय में बेहोश चोर (लघु कथा) अरुणाकर पाण्डेय कल्पना कीजिए कि आप सुबह अपने काम की जगह जाकर जब अपने दफ्तर, या दुकान को खोलें औरवहाँ पर एक चोर आपको बेहोश गिरा पड़ा मिले तो कैसी स्थिति होगी ! ठीक ऐसा ही हुआ जब भोपालमें मंगलवार की सुबह साढ़े दस बजे कर्मचारियों ने भोपाल का - [गुरू शतपथ है](https://kahanitak.com/on-teachers-day-by-arunesh-mishra/) - शिक्षक पर "गुरू शतपथ है" श्री अरुणेश मिश्र द्वारा लिखित काव्य पंक्तियाँ जो गुरू के प्रति श्रद्धा भाव को जागृत करती है, सम्पादक मंडल के निर्णय से यह रचना प्रकाशित की जा रही है. अरुणेश मिश्र पारस लोहे को छूता है लोहा सोना बन जाता है । दीपक दीपक को छूकर के नित ज्योतिपुंज बिखराता है - [शिक्षक दिवस](https://kahanitak.com/teachers-day/) - ठाकुर प्रसाद मिश्र नाम छोटा वृतांत बड़ा यहाँ यह उक्ति चरितार्थ होती है। जब हमारी वाणी से शिक्षक शब्दनिकलता है।शिक्षक यानी गुरु! प्रथम शिक्षा “गुरू” माता दूसरा पिता। उसके बाद नाम लिया जाता है उसविराट व्यक्तित्व वाले गुरु का जो अपनी शिक्षा से प्राणी को अंधकार से प्रकाश की ओर पशुतासे मानवता की तरफ ले - [भारत भूमि के पुत्र आजमगढ़ निवासी NASA में युवा वैज्ञानिक डॉ.योगेश्वर नाथ मिश्र ने बनाया दुनिया का सबसे तेज कैमरा ](https://kahanitak.com/young-scientist-yogeshwar-nath-mishra-in-nasa-made-the-worlds-fastest-camera/) - दुनिया का सबसे तेज कैमरा टीम कहानीतक : भारत की माटी में छुपी हैं दुनिया की सबसे अद्भुत प्रतिभाएं. जिसके जीवंत उदाहरण हैं आजमगढ़ जनपद के पैकौली गाँव के रहने वाले NASA में वैज्ञानिकडॉ. योगेश्वर नाथ मिश्र . वैज्ञानिक डॉ. योगेश्वर नाथ मिश्र ने अपने ही रिकॉर्ड को ध्वस्त करते हुए पिछली तकनीक से 20000 - [मनोविदलता (Schizophrenia/स्कित्सोफ़्रीनिया): कारण, लक्षण व उपचार ](https://kahanitak.com/schizophrenia-causes-symptoms-and-treatment-by-dr-manoj-kumar-tiwari/) - डॉ मनोज कुमार तिवारी वरिष्ठ परामर्शदाता एआरटीसी, एस एस हॉस्पिटल, आईएमएस, बीएचयू, वाराणसी मनोविदलता एक मानसिक रोग है। लगभग 1% लोगो में यह विकार पाया जाता है। इस रोग में रोगी के विचार, संवेग तथा व्यवहार में आसामान्य बदलाव आ जाते हैं जिनके कारण वह कुछ समय लिए अपनी जिम्मेदारियों तथा अपनी देखभाल करने में - [राजभाषा हिन्दी](https://kahanitak.com/official-language-hindi-by-satyendra-kumar-dubey/) - हिंदी को राजभाषा बनाएं सत्येंद्र कुमार दूबे हिंदी को राजभाषा बनाएं, मिलकर सब इसे अपनाएं। इसके संग देश की रौनक बढ़ाएं, हिंदी से हर दिल को मिलाएं। शब्दों में इसकी मिठास है, हर दिल में बसी ये खास है। आओ इसे हम सब गले लगाएं, हिंदी को राजभाषा बनाएं। शिक्षा में हो हिंदी का प्रचलन, - [पर्यावरण बचाओ](https://kahanitak.com/save-environment-by-thakur-prasad-mishra/) - वृक्ष हमारी प्रकृति के श्रृंगार हैं. संपूर्ण धरा इन वृक्षों से सुसज्जित रहती है. प्रस्तुत कविता में पर्यावरण की चर्चा हमें प्रकृति से जुड़ने को प्रेरित करती है ठाकुर प्रसाद मिश्र पेड़ लगाओ जल बरसाओ, हरियाली से धरा सजाओ।। आस - पास तन - मन घर गलियाँ स्वच्छ रहो और स्वच्छ बनाओ।। कण - कण - [खेलना](https://kahanitak.com/play-game-by-dr-arunakar-pandey/) - जियो ऐसे की तुम खेल रहे हो अरुणाकर पाण्डेय जियो ऐसे की तुम खेल रहे हो अवसर आएंगे और जाएंगे कभी हताशा में डूबोगे तो फिर उत्साह की बयार भी बहेगी कभी लगेगा कि और बेहतर खेला जा सकता था तो कभी अहसास होगा कि हम इतने बेहतरीन कैसे खेले कभी लगेगा कि बस अब - [आरती ](https://kahanitak.com/hindu-ritual-of-worship-aarti-by-thakur-prasad-mishra/) - प्रस्तुत आरती प्रभु के प्रति श्रद्धा व्यक्त करती है ठाकुर प्रसाद मिश्र आरती किस मुख से प्रभु गाऊं ? गर्भ त्रास भयभीत मुरारी हर पल तुम्हें मनाऊं || भजन हेतु तव बचन दिया पर अब सब कुछ बिसराऊं| जिह्वा हुई स्वाद से मैली दशनामी कुभोज्य चबाऊं || तृष्णा ताप तपे उर भीतर किस थल तुम्हें - [कहाँ तुम बह रही हो](https://kahanitak.com/where-are-you-flowing-by-arunesh-mishra/) - शांतवन है क्लांतमन दिग्भ्रान्त तन है तुम नहीं हो ! अरुणेश मिश्र शांतवन है क्लांतमन दिग्भ्रान्त तन है तुम नहीं हो ! साथ किसके रह रही हो ? तुम हमारे हम तुम्हारे शून्य में फिर क्यों निहारें प्रिय ! सुवासित गन्ध से कह दो कहाँ तुम बह रही हो । द्वार पर आये हमारे साथ - [भारतेंदु दिवस का एक अर्थ स्त्री आधुनिकीकरण भी है](https://kahanitak.com/one-meaning-of-bharatendu-day-is-womens-modernization-by-arunakar-pandey/) - भारतेंदु दिवस के अवसर पर विशेष अरुणाकर पाण्डेय पिछले कई दिनों से स्त्री अपराध से संबंधित मुद्दे भारत के मानस और राजनीति का केंद्र बने हुए हैं | स्त्री लगातार राजनीति के केंद्र में है चाहे वह खेलकूद का मामला हो या फिर कलकत्ता के मेडिकल कॉलेज का मामला हो | जन संचार माध्यमों में - [शेक्सपियर इन बनारस  ](https://kahanitak.com/shakespeare-in-banaras-by-dr-arunakar-pandey/) - शेक्सपियर इन बनारस (व्यंग्य) अरुणाकर पाण्डेय दुनिया में जादू नाम की एक चीज होती है | इसी के कारण इतिहास ससपेंड हो गया और वह भी ऐन होली के दिन | गोवर्धन सराय में बाबू जयशंकर प्रसाद की महफ़िल सजी हुई थी और उनके चारों ओर सहृदय और अन्य रचनाकार बेसुध बैठे हुए थे और - [संसदीय राजभाषा समिति के पुनः अध्यक्ष चुने गए केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह](https://kahanitak.com/union-home-and-cooperation-minister-amit-shah-re-elected-chairman-of-the-parliamentary-official-language-committee/) - किसी भी भारतीय भाषा से स्पर्धा के बिना हिंदी की स्वीकार्यता को बढ़ाना टीम कहानीतक--नई सरकार के गठन के बाद संसदीय राजभाषा समिति की पुनर्गठन बैठक में केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह को पुनः अध्यक्ष पद के लिए सर्वसम्मति से चुन लिया गया. अमित शाह 2019-2024 तक संसदीय राजभाषा समिति के अध्यक्ष रह - [लाईब सुसाइड की बढ़ती प्रवृत्ति चिंताजनक](https://kahanitak.com/special-on-world-suicide-prevention-day-by-dr-manoj-kumar-tiwari/) - विश्व आत्महत्या निवारण दिवस (10 सितम्वर) पर विशेष डॉ मनोज कुमार तिवारी वरिष्ठ परामर्शदाता ए आर टी सेंटर, एसएस हॉस्पिटल, आई एम एस, बी एच यू, वाराणसी इस वर्ष 22 वां विश्व आत्महत्या निवारण दिवस मनाया जा रहा है। 2024-26 के लिए विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस का त्रिवार्षिक विषय आत्महत्या पर कहानी बदलना है जिसमें - [शिव स्तुति](https://kahanitak.com/shiva-praise-by-ramesh-mishra/) - अज विभु व्यापक अनादि अनंता, त्रिभुवन विदित शंभु मुनि संता रमेश कुमार मिश्र अज विभु व्यापक अनादि अनंता, त्रिभुवन विदित शंभु मुनि संता पर्वत नदियाँ तेरी माया, कोटि सूर्य सम तेरी काया दिशा ईश हे ब्रह्म अनूपा, चेतन निर्गुण वेद स्वरूपा उपादान सब तेरे पाए, महाकाल के काल कहाए सलिला जटा उलझि पुनीता प्रचंड अखंड - [संकेत का सौंदर्य](https://kahanitak.com/gesture-of-beauty-by-ramesh-kumar-mishra/) - एहसान का भार दुनिया के सभी भारों से भारी होता है रमेश कुमार मिश्र शंकर बाबू चारपाई पर पड़े- पड़े रो रह थे। गर्म आंसू से गद्दे का कुछ हिस्सा भीग गया था। मोहन बाबू उन्हें सांत्वना दे रहे थे.आप धीरज रखें जो बीत गया उसका शोक या दुख प्रकट करने का अवसर भी उसी - [मदिरा](https://kahanitak.com/liquor-madira-by-thakur-prasad-mishra/) - मदिरे सतस: धिक्कार तुझे, मदिरे है ! नमन हजार तुझे ठाकुर प्रसाद मिश्र मदिरे सतस: धिक्कार तुझे, मदिरे है ! नमन हजार तुझे चौदह रत्नों में कहलाई सुर नर मुनि किन्नर मन भाई । तू सीमित नहीं भान्डों तक लालिमा नारि दृग बन आई। जिसने तुझको निज पास किया बस अपना सत्या नाश किया। कोई - [योग्य मंत्री](https://kahanitak.com/competent-minister-by-thakur-prasad-mishra/) - (बाल कहानी) एक बार जंगल के राजा शेर ने अपने नए मंत्रिमंडल का गठन किया ।जिसमें सभी जानवरों ने एक मत होकर प्रधानमंत्री के पद पर राज हंस का चुनाव किया।वह नाम के अनुसार ही सुन्दर ,उदार और सुन्दर मंत्रणा देने में भी सक्षम था।वह शेर राजा को अच्छी –अच्छी सलाहें देकर उसे अत्यन्त नम्र - [जलियाँवाला बाग](https://kahanitak.com/a-trip-to-jallianwala-bagh-by-arunakar-pandey/) - जलियाँवाला बाग की एक सैर अरुणाकर पाण्डेय देश की अघिकतर जनता सँकरी गलियों से गुजरती है वे उन्हें उनके घरों तक ले जाती हैं लेकिन फिरभी वह उस गली से मिट रही है जो जलियाँवाला बाग तक जाती है और उन्हें यह आज भी बतासकती है कि गली-गली में काल बदल जाता है इतिहास परिवर्तित ## Pages - 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