Pudina: जानिये पुदीना के फायदे , उपयोग तथा पहचान हिंदी में!!

Pudina: जानिये पुदीना के फायदे , उपयोग तथा पहचान हिंदी में!!

पुदीना का परिचय: (introduction of pudina)

पुदीना एक पौधा होता है जो अपने अनोखे स्वाद के लिए जाना जाता है। पुदीना अपने औषधीय रूप को लेकर प्रसिद्ध पौधा है। इसका उपयोग आयुर्वेद विज्ञान करता है। पुदीना भारत के सभी जगहों पर पाया जाता है , यह घर के आसपास में भी मिल जाता है। जिससे पूरे विश्व में अलग – अलग नामों से विख्यात है। यह ज्यादातर पहाड़ी इलाकों में देखने को मिलता है। लेकिन अभी भी बहुत से लोग पुदीना से अनजान है। अभी हाल ही में भोजपुरी भाषा के गायक पवन सिंह के द्वारा पुदीना के नाम से गाना गया था इसकी वजह से कुछ लोग केवल अभी नाम तक जान पाए हैं। तो चलिए आज पुदीना के बारे में विस्तारपूर्वक जानते हैं-

पुदीना क्या है? (What is pudina in hindi)

हमलोगों के यहां जो पुदीना पाई जाती है उसे पहाड़ी पुदीना भी कहा जाता है। पुदीना के पौधों का भी बहुत सारी प्रजाति पाई जाती है , लेकिन हम लोग जीस पौधों का उपयोग भोजन या जड़ी-बूटी के रूप में करते हैं उसका नाम स्पिक्टा लिन्न (spicata linn) है। पुदीना का उपयोग आयुर्वेद के अनुसार भूख बढ़ाने में , कफ में , शारीरिक कमजोरी , मलमूत्र सम्बन्धित समस्या , वात दोष , बुखार , पेट , लीवर इत्यादि में करते है।

पुदीना का अन्य भाषा में नाम: (Another name for mint)

(I) हिंदी (Hindi) – पुदिना / पहाड़ी पुदीना (pudina/Pahari pudina)

(ii) अंग्रेजी (English) – गॉर्डन मिंट / लैंब मिंट (Garden mint / lamb mint)

(iii) संस्कृत (sanskrit) – पूतिहा , रोचिनी , पोदीनक:

(iv) गुजराती (Gujrati) – फूदीनो (phudino)

(v) तेलगु (Telgu) – पुदीना (pudina)

(vi) तमिल (Tamil) – पुदीना (papper mint leaves)

(Vii) बंगाली (Bangali) – पुदीना (pudina)

(viii) नेपाली (Nepali) – बावरी (Bawri)

(ix) पंजाबी (Punjabi) – पहाड़ी पोदिना (pahari podina)

(x) मराठी (Marathi) – पुदीना (pudina)

(xi) आर्बिक (Arbic) – फूजनज , नान्ना (Fujnaj , Naana)

(xii) पर्शियन (Persian) – पूदनेह नागबो (Pudneh , nagbo )

पुदीना के उपयोग से फायदे 🙁 Benefits of using mint in Hindi)

(I) बाल झड़ने से रोकने में

पुदीना में वातनाशक गुण मौजूद होता है। जिसके वजह से बाल को मजबूती प्रदान करता है तथा रूसी (बालो की गंदगी) को खत्म करता है जिससे बाल में तेजी से वृद्धि होती है और लंबे समय तक बनी रहती है।

(ii) कान के दर्द को ठीक करना

कान में किसी भी प्रकार की समस्या जैसे कान में दर्द , कान के अंदर पानी चले जाना , खुजली इत्यादि में पुदीने के पत्तों को अच्छी तरह से भी पिस दे अर्थात उसमे से रस निकाले और कान में एक से दो बूंद डालें कान की समस्या दूर हो जाएगी।

(iii) मुंह के छाले समस्या से छुटकारा

यदि आपके मुंह में छाला पड़ गया है तो आप पुदीना के काढ़ा का सेवन करें जल्दी छुटकारा मिल जाएगी।

(iv) सिर दर्द में रामबाण

अक्सर किसी भी व्यक्ति का सिर दर्द करने लगता है उस स्थिति में पुदीना का चाय बनाकर सेवन करे। धीरे-धीरे राहत मिलेगी। दर्द ज्यादा बढ़ने पर डॉक्टर की सलाह से ले।

(v) दांतो के दर्द से छुटकारा

पुदीना में औषधीय ताकत होने की वजह से पुदीना की चूर्ण बनाकर सेवन करते हैं तो दांतों के दर्द से निजात पा सकते हैं।

(vi) पेट की समस्या

यदि आपके पेट में सही तरह से पाचन प्रक्रिया नहीं हो रहा है तो पुदीना के साथ नींबू तथा अदरक के 100-100 मिली रस लीजिए इसमें 200 ग्राम खाड़ मिला ले। तब अच्छी तरह से काढ़ा बनाकर 20 मिली करके सेवन करें आपके पेट की समस्या ठीक हो जायेगा।

(vii) दस्त से छुटकारा

पुदीना को काढ़ा के रूप में ग्रहण कीजिए । दस्त धीरे धीरे ठीक हो जाएगा।

(viii) कीड़ा के डंक का असर

सांप को छोड़कर! यदि कोई भी जैसे बिच्छू , बिरनी , मधुमक्खी इत्यादि डंक मारती है तो जलन महसूस होता है। उसी स्थिति में आप सभी पुदीने के पत्तों को पीसकर लेप लगा दे तुरंत आराम मिल जायेगा।

(ix) सूजन में भी कारगर

शरीर के किसी भी अंग में सूजन होने पर सूखा पुदीना के पत्तों को सिरके में पीसकर सूजन होने वाले भागों में लेप लगा दे। सूजन धीरे धीरे ठीक हो जाएगा।

(x) बुखार में भी कारगर

मौसम परिवर्तन की वजह से बहुत लोगों के स्वास्थ्य में भी परिवर्तन आ जाता है। बुखार होने की स्थिति में पुदीना की लगातार काढ़ा बनाकर सेवन करें। बुखार धीरे धीरे ठीक हो जाएगा और भूख भी लगने लगेगा।

पुदीना के दुष्प्रभाव:

  • सेक्स करने की चाहत में कमी
  • अत्यधिक मात्रा में उपयोग करने से किडनी संबंधित समस्या
  • अत्यधिक मात्रा में उपयोग करने से आंत संबंधित समस्या

पुदीना का पता और पंचांग का ही अत्यधिक मात्रा में उपयोग किया जाता है लेकिन आप सभी डॉक्टर से सलाह जरूर लें।