अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस

अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस

विश्वभर में प्रत्येक साल 15 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस मनाया जाता है. विकासशील देशों में करीब 43 फीसदी महिलाएँ कृषि श्रमिक के रूप में कार्य करती हैं तथा खाद्य क्षेत्र से जुड़ी रहती हैं.

अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस का मुख्य उद्देश्य कृषि विकास, ग्रामीण विकास, खाद्य सुरक्षा तथा ग्रामीण गरीबी उन्मूलन में ग्रामीण महिलाओं के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करना हैं. इसका अन्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका और उनके योगदान को सम्मानित करना भी है.

अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस 2019 का विषय ‘Rural Women and Girls Building Climate Resilience’ है. संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासचिव एंटोनियो गुतेरस ने ग्रामीण महिलाओं तथा लड़कियों के अधिकारों की रक्षा की अपील की है. उन्होंने ने सभी देशों के लिए समृद्ध, न्यायसंगत तथा शांतिपूर्ण भविष्य बनाने हेतु ग्रामीण महिलाओं और लड़कियों के सशक्तीकरण को जरूरी बताया है.

अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस के बारे में:

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 15 अक्टूबर 2008 को पहला अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस मनाया था. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस दिवस को मनाकर ग्रामीण महिलाओं की भूमिका को सम्मानित करने का निर्णय लिया था. संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा इस दिवस को मनाने की घोषणा 18 दिसंबर 2007 को की गई थी. ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं और लड़कियां बहु-आयामी गरीबी से पीड़ित हैं.

पृष्ठभूमि

ग्रामीण महिलाएं विकसित तथा विकासशील देशों की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में अहम भूमिका निभाती हैं. केंद्र सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को सशक्त करने हेतु कई योजनाएं शुरू की हैं. इनमें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना भी शामिल है. यह योजना भारत के गरीब परिवारों की महिलाओं के चेहरों पर खुशी लाने के उद्देश्य से लाया गया था. यह योजना केंद्र सरकार द्वारा 1 मई 2016 को शुरू की गई थी. इस योजना के तहत गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन मिलेंगे.

आनंदधारा योजना ग्रामीण गरीबों हेतु साल 2012 में शुरू की गई एक गरीबी-उन्मूलन कार्यक्रम है जिसे महिला स्वयं सहायता समूहों के जरिए लागू कराया जाता है. ग्रामीण महिलाएँ जो अपने जीवनयापन हेतु कृषि और प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर रहती हैं विश्व की लगभग एक चौथाई जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करती हैं.