डॉ राहत इंदौरी साहब की 10 बेहतरीन शायरियां:-

डॉ राहत इंदौरी साहब की 10 बेहतरीन शायरियां:-

सिर्फ खंजर ही नहीं आंखों में पानी चाहिए ,

ऐ खुदा मुझे दुश्मन भी खानदानी चाहिए ,

मैंने अपनी खुश्क आंखों से कुछ आंसू छलका दिया ,

एक समंदर कह रहा था मुझे पानी चाहिए !!

फैसला जो कुछ भी हो इशारों में बता भी देना ,

उससे हाथ जब मिला ना तो थोड़ा दबा भी देना ,

वैसे इस खत में कुछ भी नहीं है ,

पर एहतियातन इसे पढ़ लो तो जला भी देना !!

फैसला जो कुछ भी हो मंजूर होनी चाहिए ,

इश्क हो या जंग भरपूर होनी चाहिए ,

कट गई उम्र जिनकी पत्थर तोड़ते- तोड़ते साहब अब तो इन हाथों में कोहिनूर होनी चाहिए !!

वह मेरी आंखों में समाया भी बहुत लगता है ,

पर वही शख्स मुझे पराया भी बहुत लगता है ,

उससे मिलने की तमन्ना भी बहुत है ,

मुझे, लेकिन आने जाने में किराया भी बहुत लगता है !!

आंखों में पानी रखोहोठों पर चिंगारी रखो ,

जिंदा रहना है तो तरकीब बहुत सारी रखो ,

राह के पत्थर से बढ़कर कुछ नहीं है मंजिले ,

रास्ते आवाज देते हैं सफर जारी रखो !!

सूरज, सितारे, चांद मेरे साथ में रहे ,

जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहे ,

शाखों से टूट जाएं वह पत्ते नहीं हैं हम ,

आंधी से कोई कह दे औकात में रहे !!

दोस्ती जब किसी से की जाए ,

दुश्मनों की भी राय ली जाए ,

मौत का जहर है फिजाओं में अब कहां जाकर सांस ली जाए!!

जिंदगी सवाल थी जवाब मांगने लगे ,

फरिश्ते ख्वाब में आकर हिसाब मांगने लगे ,

और इधर एहसान किए किसी पर इधर जीता दिए ,

यानी नमाज पढ़कर आए और शराब मांगने लगे!!

फूलों की दुकान करो खुशबू का व्यापार करो ,

इश्क करना खाता है ,

तो इस खाता को सौ बार करो ,

और इन मल्लाहों का चक्कर छोर तुम तैर के दरिया पार करो !!

हम अब अपनी मकान में ताला लगाने वाले हैं ,

खबर मिली है कि मेहमान आने वाले हैं ,

और इन्हें जहाज की ऊंचाइयों से क्या मतलब यह लोग सिर्फ कबूतर उड़ाने वाले हैं!!