डेंगू बुखार ! परिचय , कारण तथा निवारण हिंदी में । Dengu fever in Hindi

डेंगू बुखार ! परिचय , कारण तथा निवारण हिंदी में । Dengu fever in Hindi

परिचय

16 मई – राष्ट्रीय डेंगू दिवस

डेंगू बुखार को आत्मघाती बुखार या वायरल बुखार के नाम से जाना जाता है। यह इतना खतरनाक तथा आत्मघाती होता है कि इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रत्येक वर्ष 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस के रुप में मनाया है। अभी तक सिर्फ इसके लिए कोई वैक्सीन या दवाई नहीं बन पाई है , हालांकि कोशिश जारी है। डेंगू बुखार मच्छरों के एक प्रजाति के एडीज रजिस्टी मादा मच्छर के काटने से होता है। यह मुख्य रूप से विश्व के उष्णकटिबंधीय तथा उपोष्ण कटिबंधीय इलाकों में पाया जाता है।

जिनमें दक्षिण पूर्व – एशिया , भारतीय उपमहाद्वीप , अफ्रीका , मेक्सिको तथा ज्यादातर अमेरिका के दक्षिण दिशा के लोग शामिल है। WHO के रिपोर्ट के अनुसार डेंगू बुखार से प्रत्येक वर्ष लगभग 500000 लोगों की नौबत अस्पताल जाने तक की हो जाती है। एडीज के कारण मुख्यतः तीन प्रकार के बुखार होते है , सभी बुखार को डेंगू बुखार ही कहा जाता है लेकिन कैटेगरी में बाटा गया है जो निम्न है।

  • हल्का डेंगू बुखार
  • डेंगू रक्त स्रावी बुखार
  • डेंगू शॉक सिंड्रोम

  • हल्का बुखार : इस बुखार का लक्षण मच्छर के काटने की लगभग 1 सप्ताह के बाद से देखने को मिलता है जो की सामान बुखार के रूप में आता है।
  • डेंगू रक्त स्रावी बुखार : मच्छर के काटने के बाद धीरे धीरे असर दिखाना शुरू करता है और घातक रूप ले लेता है।
  • डेंगू शॉक सिंड्रोम : यह डेंगू बुखार का सबसे खतरनाक रूप होता है मच्छर के काटने के बाद से असर दिखाना शुरू करता है और आत्मघाती बन जाता है।

डेंगू बुखार की प्रमुख लक्षण :

डेंगू बुखार के लक्षण भी सामान्य रूप से ही शुरु होता है। यह बुखार बच्चों की अपेक्षा बुजुर्गों में अत्याधिक देखने को मिलता है , यदि बच्चों को हो जाता है तो आसानी से पहचान कर पाना मुश्किल होता है। इसमें 104 फारेनहाइट डिग्री तक बुखार होता है । निम्नलिखित लक्षणों में से कम से कम 2 लक्षण जरूर होता है।

  • अचानक तेज बुखार
  • मांसपेशियों में दर्द
  • हड्डिया जोड़ों में दर्द
  • आंखों के पिछले हिस्से में दर्द
  • ग्रंथियों में सूजन
  • लगातार उल्टी होना
  • शरीर पर लाल निशान (चकता) होना
  • शरीर में अत्यधिक बेचैनी होना
  • चक्कर आना

डेंगू बुखार की उपचार :

शोधकर्ताओं के द्वारा अभी तक कोई भी केवल डेंगू बुखार के लिए स्पेशल वैक्सीन या दवा नहीं बनी है। लेकिन कुछ दवा है जिससे रोकथाम की जा सकती है –

  • पेरासिटामोल या टायलेनोल को दर्द तथा बुखार के लिए आम तौर पर दिया जाता है।
  • डिहाइड्रेशन होने पर कभी-कभी आई वी ट्रिक्स दिया जाता है।
  • ORS भी दिया जाता है जिससे हाइड्रेशन बनी रहे ।
  • तरल पदार्थ की सेवन करें
  • मरीजों को ज्यादा से ज्यादा आराम कराए।

डेंगू बुखार से बचाव :

  • अपने आपको हमेशा स्वस्थ रखें
  • खुद को स्वच्छ वातावरण में रखें
  • सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें
  • टंकीयों तथा पानी रखने वाले बर्तनों को ढक कर रखें।
  • हो सके तो कीटनाशक दवा के छिड़काव करें
  • ज्यादा दिन तक का रखे हुए पानी में भोजन का सेवन न करें।
  • अपने शरीर को हमेशा ढके रहने का प्रयास करें।