मांझी बोल: राम, सवर्ण, शराब, हनीमून……पूर्व सीएम मांझी अपने बयानों के है घेरे में!!

मांझी बोल: राम, सवर्ण, शराब, हनीमून……पूर्व सीएम मांझी अपने बयानों के है घेरे में!!

बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी अपने कामों से कम बयानों से ज्यादा जाने जाते हैं. अपने बयानों की वजह से हमेशा चर्चा में रहते है. लेकिन कभी-कभी अपने सीमा को भी भूल जाते हैं और बोल बाजी में अव्वल स्थान प्राप्त कर लेते हैं तथा बाद में पुतला दहन पश्चात माफी मांगते हैं. उनके सभी विवादित बयानों को इस पोस्ट के माध्यम से जानेंगे.

पूर्व सीएम जीतन राम मांझी

हाइलाइट्स

  • अपने बयानों से हमेशा रहते हैं ट्रेंडिंग में.
  • राम को नहीं मानता हूं.
  • राम स्वर्ण एवं ब्राह्मण पर साधा निशाना.
  • थोड़ी थोड़ी पिया करो.

मांझी के ज्यादातर बयान उनके सीएम बनने के बाद ही शुरू हुए है. जीतन राम माझी 20 मई 2014 से लेकर 20 फरवरी 2015 तक बिहार के सीएम रहे थे. सबसे विवादित वाला बयान से आप सभी को अवगत कराते हैं.

सवर्णों को बताया था विदेश

माझी स्वर्ण जाति के लोगों को विदेशी तक बता चुके हैं. आर्य के आगमन पर चर्चा के दौरान ही मांझी ने यह कहा था कि ऊंची जाति के लोग विदेशी है. वे सब आर्य जाति के वंशज है. मांझी का मानना है कि केवल आदिवासी और दलित ही स्वदेशी है. इस टिप्पणी के बाद उनको काफी आलोचना मिली थी.

हनीमून के लिए चले जाते हैं राहुल, तेजस्वी और चिराग

इसी साल जनवरी 2021 में मांझी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव एवं लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान पर बोल का हमला बोला था. कि जब भी बिहार या देश पर कोई आपदा आती है तो यह तीनों हनीमून पर चले जाते हैं. मांझी का यह प्रतिक्रिया तब आया था जब लोकसभा चुनाव एवं राज्यसभा चुनाव के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कई दिनों तक पटना में नजर आए थे.

बयान बाजी करते हुए मांझी

युवक नौकरी करने जाते हैं तो उनकी पत्नियां क्या करती है?

वर्ष 2014 में यह विवादित बयान दिया था जिसका काफी आलोचना हुआ. यह बयान माझी ने तब दिया था जब बिहार से लोग तमिलनाडु, केरल, असम आदि अजीबिका के लिए जाते हैं. मेरे शब्दों को अन्यथा ना लें लेकिन यह सच है जब मर्द एक साल बाद बाहर से घर आता है तो अपने पत्नी की हरकतों से अनजान रहता है. यह विवादित बयान गोपालगंज में दिया.

राम को भगवान नहीं मानता हू

जीतन राम मांझी हमेशा भगवान राम को लेकर विवादित बयान देते रहे है. मांझी ने कहा था कि भगवान राम को नहीं मानता हूं वे काल्पनिक है. इससे पहले का बयान था कि हम मूर्ति का पूजा नहीं करते हैं हम माता शबरी और प्रकृति का पूजा करते हैं.

बयान बाजी करते हुए मांझी

थोड़ी – थोड़ी पिया करो.

शराब पर माझी का बयान था की शराब पीना बुरा नहीं है. मांझी 2014 में ही कहा था कि महादलितों को थोड़ा-थोड़ा शराब पीना चाहिए. शराब पीने में हर्ज क्या है दिन में नहीं रात को 10:00 बजे पीजिए. आईएएस आईपीएस भी तो पीते हैं.

ब्राह्मण – पंडितों के लिए अपशब्द

28 दिसंबर 2021 को पंडित – मुसहरो के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए पंडितों के लिए अपशब्द का प्रयोग किया था. मांझी ने कहा था कि दलित समाज अब पूजा पाठ करने लगा है. सत्यनारायण भगवान का नाम हम लोग नहीं जानते थे लेकिन अब हर टोले में सत्यनारायण भगवान का पूजा होने लगा है. हम लोगों के यहां जब सतनारायण भगवान की पूजा होती है पंडित आते हैं शर्म तक नहीं लगता और कहते हैं बस कुछ नहीं खाएंगे आपके घर कुछ नगद ही de दीजिए.

बयान बाजी करते हुए मांझी

जीतन राम मांझी बहुत बार विवादित बयानों की वजह से काफी चर्चा में रहे हैं और पुतला दहन के पश्चात माफी मांगे लेकिन इस बार ब्राह्मणों के खिलाफ अपशब्द बोलने को लेकर केस दर्ज हो चुकी है और अगली सुनवाई 23 दिसंबर को होगी.