जानिए 13 जनवरी की महत्वपूर्ण एतिहासिक घटनाएं – 13 January History in Hindi

जानिए 13 जनवरी की महत्वपूर्ण एतिहासिक घटनाएं – 13 January History in Hindi

13 जनवरी का इतिहास (13 January History) बहुत ही है खास! तभी तो किया गया इतिहास के किताबो में दर्ज़. तो आज़ उसी इतिहास के किताबो की पन्नो को खोलेंगे जिसमे 13 जनवरी की इतिहास , प्रमुख घटनाएं उल्लेखित है. यदि आप सामान्य ज्ञान की शक्ति बढ़ाना चाहते है तो आप सभी प्रत्येक दिन की हुई घटनाओं को पढ़िए. यकीं मानिये आपका समान्य ज्ञान (General knowledge) पर पकड़ बन जायेगी. 13 जनवरी वर्ष की दिन संख्या 13वां है, अर्थात् वर्ष का दुसरा सप्ताह.

13 जनवरी को हुई प्रसिद्ध व्यक्तियों का जन्म – Famous persons born on January 13

  • 1876 – बदलू सिंह , भारतीय सेना की 29वीं लांसर्स रेजिमेंट में रिसालदार रहें.
  • 1896 – दत्तात्रेय रामचन्द्र बेंद्रे , भारत के प्रसिद्ध कन्नड़ कवि और साहित्यकार.
  • 1911 – शमशेर बहादुर सिंह , सुप्रसिद्ध हिन्दी कवि.
  • 1913 – सी. अच्युत मेनन , भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राजनीतिज्ञ तथा केरल के भूतपूर्व मुख्यमंत्री.
  • 1919 – मर्री चेन्ना रेड्डी , उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल.
  • 1926 – शक्ति सामंत , मशहूर फ़िल्म निर्माता एवं निर्देशक.
  • 1938 – शिवकुमार शर्मा , सुप्रसिद्ध भारतीय संतूर वादक.
  • 1949 – राकेश शर्मा , पहले भारतीय और 138 अंतरिक्ष यात्रियों में से एक थे.
  • 1978 – मेजर मोहित शर्मा , भारतीय सेन्य अधिकारी थे, जिन्हें मरणोपरांत ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित किया गया.
  • 1978 – अश्मित पटेल , मशहूर भारतीय अभिनेता.

13 जनवरी को हुई प्रसिद्ध व्यक्तियों का निधन – Famous persons death on January 13

  • 1921 – आर.एन. माधोलकर – भारतीय राजनीतिज्ञ रहें, जिन्होंने एक अवधि तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में कार्य किए.
  • 1964 – शौक़ बहराइची , मशहूर शायर.
  • 1976 – अहमद जान थिरकवा , भारत के सुप्रसिद्ध तबला वादक.
  • 2020 – मनमोहन महापात्र , उड़िया फ़िल्मों के प्रख्यात फ़िल्म निर्माता-निर्देशक रहे.

13 जनवरी को दिवस समारोह – Events on January 13

  • राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह (11 जनवरी – 17 जनवरी)
  • अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म समारोह दिवस (10 दिवसीय)

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13 जनवरी की महत्वपूर्ण एतिहासिक घटनाएं – 13 January History in Hindi

  • 1559 – एलिजाबेथ प्रथम इंग्लैंड की महारानी बनी थी.
  • 1607 – स्पेन में राष्ट्रीय दिवालिएपन की घोषणा के बाद ‘बैंक ऑफ जेनेवा’ का पतन हुआ.
  • 1709 – मुग़ल शासक बहादुर शाह प्रथम ने सत्ता संघर्ष में अपने तीसरे भाई कमबख्श को हैदराबाद में पराजित किया था.
  • 1818 – उदयपुर के महाराणा ने मेवाड़ के संरक्षण के लिये अंग्रेज़ों के साथ संधि की थी.
  • 1842 – ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी की सेना के अधिकारी डॉ. विलियम ब्राइडन ‘आंग्ल अफ़गान युद्ध’ में जिंदा बचे रहने वाले इकलौते ब्रिटिश सदस्य रहे.
  • 1849 – द्वितीय आंग्ल सिख युद्ध के दौरान चिलियांवाला की प्रसिद्ध लड़ाई शुरू हुई थी.
  • 1889 – असम के युवाओं ने अपनी साहित्यिक पत्रिका ‘जोनाकी’ का प्रकाशन शुरू किया था.
  • 1910 – न्यूयॉर्क शहर में दुनिया का पहला सार्वजनिक रेडियो प्रसारण प्रारम्भ हुआ था.
  • 1948 – राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हिन्दू-मुस्लिम एकता बनाये रखने के लिये आमरण अनशन शुरू किया था.
  • 1988 – चीन के राष्ट्रपति चिंग चियांग कुमो का निधन हुआ था.
  • 1993 – अमेरिका और उसके सहयोगियों ने दक्षिणी इराक़ में नो फ़्लाई ज़ोन लागू करने के लिए इराक पर हवाई हमले किए.
  • 1995 – बेलारूस नाटो का 24वाँ सदस्य देश बना.
  • 1999 – नूर सुल्तान नजरवायेव फिर से कजाकिस्तान के राष्ट्रपति चुने गए थे.
  • 2002 – पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ़ के संदेश को भारत ने सकारात्मक बताया, चीनी प्रधानमंत्री झू रोंगजी 6 दिवसीय यात्रा पर भारत पहुँचे थे.
  • 2006 – परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान पर सैन्य आक्रमण से ब्रिटेन ने इन्कार किया.
  • 2007 – महिलाओं के प्रति भेदभाव दूर करने के लिए संयुक्त राष्ट्र का 37वाँ अधिवेशन न्यूयार्क में शुरू हुआ था.
  • 2008 – चाय निर्माण कंपनी “मारवल चाय” को संयुक्त अरब अमीरात से एक लाख किलोग्राम चाय के निर्माण का आर्डर मिला था.
  • 2009 – जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारुख़ अब्दुल्ला नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष बनाए गए थे.
  • 2020 – स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने दुर्लभ बीमारियों पर एक नीति मसौदा जारी किया था. इस मसौदे का मुख्य उद्देश्य उन गरीब लोगों को 15 लाख रूपये की सहायता प्रदान करना है, जो उपचार का खर्च वहन नहीं कर सकते. मसौदे को ‘दुर्लभ रोग 2020’ नाम दिया गया था.
  • 2020 – लाहौर हाई कोर्ट ने उस विशेष अदालत को ‘असंवैधानिक’ करार दिया, जिसने पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को संगीन देशद्रोह का दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई थी.